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फानों में आग लगान का क्रम जारी, 14 किसानों पर 35 हजार जुर्माना लगाया
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:34 AM IST
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फानों में आग लगान का क्रम जारी, 14 किसानों पर 35 हजार जुर्माना लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बाबैन। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी किसानों द्वारा खेतों में धान के फानों को आग लगाने का क्रम लगातार जारी है। बाबैन में अब तक धान के फानों में आग लगाने के आरोप में अधिकारियों ने 14 किसानों के चालान कर 35 हजार रुपये जुर्माना वसूला है।
सरकार द्वारा धान के अवषेशों में आग न लगाने के लिए किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। सरकार द्वारा शुरु किए गए इस अभियान का किसानों पर काफी सकारात्मक असर भी हुआ है, जिसका परिणाम यह है कि किसान अब केवल आलू के लिए तैयार किए जाने वाले खेत में ही आग लगाने की सोचते हैं। बाबैन क्षेत्र के किसान गुरनाम सिंह, जसमेर सिंह, राजकुमार, रोशन लाल, विरेंद्र सिंह का कहना है आलू की फसल के लिए अब मौसम एक दम तैयार है। उनका कहना है कि जिस खेत में धान के फाने है उस खेत को आलू लगाने के लिए तैयार करने में काफी परेशानी है। किसानों का कहना है कि फाने वाले खेतों को आलू की फसल के लिए तैयार करने में भी उन्हें काफी अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले साल किसानों को आलू की फसल में भारी नुकसान हुआ था और इस बार धान की फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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फानों में आग लगान का क्रम जारी, 14 किसानों पर 35 हजार जुर्माना लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बाबैन। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी किसानों द्वारा खेतों में धान के फानों को आग लगाने का क्रम लगातार जारी है। बाबैन में अब तक धान के फानों में आग लगाने के आरोप में अधिकारियों ने 14 किसानों के चालान कर 35 हजार रुपये जुर्माना वसूला है।
सरकार द्वारा धान के अवषेशों में आग न लगाने के लिए किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। सरकार द्वारा शुरु किए गए इस अभियान का किसानों पर काफी सकारात्मक असर भी हुआ है, जिसका परिणाम यह है कि किसान अब केवल आलू के लिए तैयार किए जाने वाले खेत में ही आग लगाने की सोचते हैं। बाबैन क्षेत्र के किसान गुरनाम सिंह, जसमेर सिंह, राजकुमार, रोशन लाल, विरेंद्र सिंह का कहना है आलू की फसल के लिए अब मौसम एक दम तैयार है। उनका कहना है कि जिस खेत में धान के फाने है उस खेत को आलू लगाने के लिए तैयार करने में काफी परेशानी है। किसानों का कहना है कि फाने वाले खेतों को आलू की फसल के लिए तैयार करने में भी उन्हें काफी अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले साल किसानों को आलू की फसल में भारी नुकसान हुआ था और इस बार धान की फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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