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150 से अधिक घरों के उपर से गुजर रही हाईटेंशन लाईन लोगों को दे रही टेंशन

Fri, 03 Aug 2018 01:09 AM IST
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:09 AM IST
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150 से अधिक घरों के उपर से गुजर रही हाईटेंशन लाईन लोगों को दे रही टेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। खेड़ी ब्राह्मण की कैलाश कॉलोनी के करीब 150 से अधिक घरों में रहने वाले हजारों लोगों को हर समय बिजली की हाईटेंशन लाईन से नीचे मौत के साए में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। घरों के ऊपर से गुजर रही इस लाईन से लोगों को हर समय टेंशन रहने लगी है तो लगातार हो रहे हादसों के बावजूद भी प्रशासन जाग नहीं रहा है। इससे लोगों का भय लगातार बढ़ता जा रहा है तो प्रशासन के प्रति रोष भी गहराता जा रहा है।
पांच दिन पहले हुए नए हादसे में एक युवक की जान जाने के बाद भड़के परिजनों व अन्य लोगों को भले ही शांत करने के लिए विधायक से लेकर प्रशासन व बिजली निगम के अधिकारियों ने भी 10 अगस्त तक लाइन शिफ्ट करवा दिए जाने का आश्वासन दे दिया हो, लेकिन इसके बाद भी लोगों के सिर पर हर समय मंडराते मौत के इस साये के हटने की उम्मीद न के बराबर ही दिखाई दे रही है। यहां तक कि बिजली निगम आज तक इसके लिए कोई योजना तक नहीं बना पाया है। निगम इस मामले को राज्य की पॉलिसी का विषय मान रहा है तो वहीं अब लाईन शिफ्ट करने की बजाए यहां से केबल लगाए जाने पर विचार किया जाने लगा है। निगम का मानना है कि इससे करंट का खतरा बेहद कम हो जाएगा और हादसों पर अंकुश लगेगा। उधर कॉलोनी वासियों ने वीरवार को भी घरों के ऊपर से गुजर रही लाईन दिखाते हुए रोष जाहिर किया।
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पहले भी तीन लोगों व दो मवेशियों की जा चुकी है जान

जहां 27 जुलाई को ही अजय नामक मजदूर की इस हाईटेंशन लाईन के करंट से मौत हुई थी तो कॉलोनी वासियों की मानें तो पिछले तीन वर्षो के दौरान तीन अन्य लोगों की भी मौत इसी लाईन से हो चुकी है। इनमें जसबीर, संतोष व एक बच्ची भी शामिल है। उनका कहना है कि तीन मवेशी भी इस लाईन की चपेट में आ चुके है, लेकिन हर बार लाईन हटाने का आश्वासन ही दिया जाता है।
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तीन बहनों के इकलौते भाई की हुई थी पांच दिन पहले मौत

11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाईन के करंट से पांच दिन पहले ही तीन बहनों के इकलौते भाई की निर्माणाधीन मकान पर मजदूरी करते समय मौत हो गई थी। परिजनों व आसपास के सैकड़ों लोगों ने जमकर बवाल भी किया था, जिसके बाद विधायक सुभाष सुधा से लेेकर एसडीएम अनिल यादव व भारी पुलिस बल भी डीएसपी के नेतृत्व में पहुंचा था। सभी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था तो वहीं 10 अगस्त तक लाइन शिफ्ट कराने की लोगों की मांग पूरी करने का भी भरोसा दिया था, जिसके बाद ही लोग शांत हो पाए थे। मृतक की रिश्तेदार आशा देवी का कहना है कि अजय की मौत के बाद परिवार आज भी सदमे में है।


आश्वासन पर खरा नहीं उतरा प्रशासन तो सड़क जाम करने को होंगे मजबूर : गंगाराज

कॉलोनीवासी गंगाराज का कहना है कि अजय की मौत के दौरान कॉलोनिवासियों को लाइन हटाने का आश्वासन 10 अगस्त तक दिया है। प्रशासन इस पर खरा नहीं उतर पाया तो वे फिर से सड़क जाम करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


अपने ही घर में हर समय देना पड़ता है पहरा : मामो देवी

कॉलोनिवासी मामो देवी का कहना है कि वे अपने ही घर में हर समय पहरा देने को मजबूर हो रहे है। बच्चे स्कूल से लौट कर आते है तो हर एक मिनट उनका बिजली के तारों से खतरा बना रहता है। यहां तक कि उन्हें अपने घरों के पिछले दरवाजों को बंद भी रखना पड़ता है।


बारिश के दिनों में अधिक हो जाता है खतरा : अनिता


कॉलोनिवासी अनिता का कहना है कि हर समय मौत के साए में जीने को मजबूर हो रहे है। बारिश के दिनों में यह खतरा ओर भी बढ़ जाता है। बिजली की इन तारों से गुजरते करंट की आवाज ही उनमें भय पैदा कर देती है जबकि छत पर जाना खतरे से खाली नहीं है।


बेटा खोने का दर्द मैं ही जानता हूं : भगवंत

हाईटेंशन लाईन के करंट से बेटे को गवां चुक कॉलोनीवासी भगवंत का कहना है कि बेटा खोने का दर्द मैं ही जानता हूं। करीब दो वर्ष पहले बेटे संतोष की करंट से मौत हुई थी, लेकिन उस समय प्रशासन ने उम्मीद जगाई थी कि आगे कोई हादसा नहीं होगा, लेकिन यहां लगातार हादसों में जान जा रही है, जिसके बावजूद प्रशासन व सरकार गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।



लाइन शिफ्ट किया जाना मुश्किल ,बना रहे केबल लगाने की योजना : एक्सईएन

बिजली निगम के एक्सईएन एमजी जिंदल का कहना है कि लाइन शिफ्ट किया जाना सरकार की पॉलिसी का विषय है और इसमें अधिक समय लग सकता है। कम समय में इस लाइन का भय केबल लगाकर कम किया जा सकता है। निगम नंगे तारों की बजाए केबल बदले जाने की योजना पर विचार कर रहा है और इसका इस्टीमेट बनाने के लिए संबंधित एसडीओ को भी निर्देश दे दिए गए है। इसमें संबंधित लोगों को भी सहयोग करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि लाइन पहले से स्थित है जबकि लोगों ने बाद में मकान बनाए है और लाईन के बावजूद लोग दो- दो मंजिल मकान बना रहे है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
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