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जाट धर्मशाला
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:46 AM IST
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जाट धर्मशाला- सभा की चौध की जंग
फोटो नंबर-18,19
जाट धर्मशाला की चौधर कर्मबीर घराडसी को मिली, जाट पंचायत ने लगाई मोहर
- रजिस्ट्रार जनरल के पास लंबित मामले में मिली नई कार्यकारिणी को कानूनी जीत-कर्मबीर
- प्रधान बोले,अंग्रेज सिंह की कार्यकारिणी को किया अवैध घोषित, गलत ढंग से दी थी मान्यता
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला व सभा की चौधर छह दिन के विवाद के बाद नवनियुक्त प्रधान कर्मबीर घराड़सी को सौंपी गई है। उनकी प्रधानगी पर जाट पंचायत ने भी मुहर लगा दी है। इसी के साथ नए प्रधान ने अंग्रेज सिंह पर मामला दर्ज करने की मांग उठाई है।
जाट धर्मशाला बचाओ भूख हड़ताल के छठे दिन समुदाय के प्रबुद्ध लोगों की पंचायत साधू राम कौलेखां की अध्यक्षता में हुई। पंचायत में नई कार्यकारिणी की ओर से रजिस्ट्रार जनरल चंडीगढ़ के पास लंबित कानूनी लड़ाई में जीत हासिल करने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। पंचायत में कहा गया कि रजिस्ट्रार जनरल ने स्टेट रजिस्ट्रार को इस बात पर फटकार लगाई है कि अंग्रेज सिंह की कार्यकारिण को गलत तरीके से मान्यता दी गई थी। उन्होंने अंग्रेज सिंह की कार्यकारिणी को अवैध घोषित कर दिया है। पंचायत में बताया गया कि रजिस्ट्रार जनरल के आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि 20 जुलाई को आयोजित आम सभा में कर्मबीर घराड़सी के नेतृत्व में गठित कार्यकारिणी को ही कानूनी मान्यता मिलेगी।
सभा के प्रधान कर्मबीर सिंह घराड़सी ने कहा कि उन्हें किसी एक गुट ने प्रधान नहीं बनाया है, बल्कि पूरे जाट समाज ने सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया है। अंगेज सिंह और उनके 4-5 साथियों द्वारा फैलाए गए झूठ और गुटबाजी पर रजिस्ट्रार जनरल ने ही कानूनी रूप से पांबदी लगा दी है। रजिंद्र हथीरा ने कहा कि धन्ना भगत शिक्षण संस्थान की जमीन में जो करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है शीघ्र उसके दोषियों को समाज के बीच में बेनकाब करके कड़ी सजा दिलवाई जाएगी साथ ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि धर्मशाला के रिकॉर्ड को गायब करने वाले व लाखों की राशि का गबन करने वाले अंग्रेज सिंह को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
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इस मौके पर साधू राम कौलेखां, ईश्वर सिंह लोहान अलेवा, ऋषिपाल मोर शिमला, दलीप सिंह बीजग खाप बालू, नरसी करोड़ा, रतना पाई, मेना करेड़ा, टेका करोड़ा, रामदिया ओगल, जगपाल धनौरा, गजे सिंह मटोर, बलदेवा कैंथला, देशा बीठमाड़ा, ज्ञनी रैसना, मिया सिंह सोंगरी, गजे सिंह लोदर, बीरबल कहरा सिंह साहिब, स्वामी रघुबीर सिंह मलिक कुरड़ जींद, बलबीर चहल धोरड़, वेदपाल कसान, गजे सिंह मोर दबलैन, रमेश मोर शिमला, छज्जू लोदर, रामदिया बड़सीकरी, राजेश मटोर, बजीरा, मानसिंह बजीर खेड़ा, बलवान कौलेखा, कृष्ण मोर शिमला, ओम प्रकाश सुरेण व रामफल ढुल, रणधीर पहलवान सारसा, बंशी सरपंच शादीपुर, विकास बलाही, होशियार सिंह कौलेखां, राजकुमार अटवाण, बाबूराम हथीरा, दीपू चंदाना, विरेन्द्र हथीरा उपस्थित रहे। वहीं जब अंग्रेज सिंह से इस बारे में संपर्क करना चाहा तो वे उपलब्ध नहीं हुए।
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फोटो नंबर-18,19
जाट धर्मशाला की चौधर कर्मबीर घराडसी को मिली, जाट पंचायत ने लगाई मोहर
- रजिस्ट्रार जनरल के पास लंबित मामले में मिली नई कार्यकारिणी को कानूनी जीत-कर्मबीर
- प्रधान बोले,अंग्रेज सिंह की कार्यकारिणी को किया अवैध घोषित, गलत ढंग से दी थी मान्यता
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला व सभा की चौधर छह दिन के विवाद के बाद नवनियुक्त प्रधान कर्मबीर घराड़सी को सौंपी गई है। उनकी प्रधानगी पर जाट पंचायत ने भी मुहर लगा दी है। इसी के साथ नए प्रधान ने अंग्रेज सिंह पर मामला दर्ज करने की मांग उठाई है।
जाट धर्मशाला बचाओ भूख हड़ताल के छठे दिन समुदाय के प्रबुद्ध लोगों की पंचायत साधू राम कौलेखां की अध्यक्षता में हुई। पंचायत में नई कार्यकारिणी की ओर से रजिस्ट्रार जनरल चंडीगढ़ के पास लंबित कानूनी लड़ाई में जीत हासिल करने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। पंचायत में कहा गया कि रजिस्ट्रार जनरल ने स्टेट रजिस्ट्रार को इस बात पर फटकार लगाई है कि अंग्रेज सिंह की कार्यकारिण को गलत तरीके से मान्यता दी गई थी। उन्होंने अंग्रेज सिंह की कार्यकारिणी को अवैध घोषित कर दिया है। पंचायत में बताया गया कि रजिस्ट्रार जनरल के आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि 20 जुलाई को आयोजित आम सभा में कर्मबीर घराड़सी के नेतृत्व में गठित कार्यकारिणी को ही कानूनी मान्यता मिलेगी।
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सभा के प्रधान कर्मबीर सिंह घराड़सी ने कहा कि उन्हें किसी एक गुट ने प्रधान नहीं बनाया है, बल्कि पूरे जाट समाज ने सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया है। अंगेज सिंह और उनके 4-5 साथियों द्वारा फैलाए गए झूठ और गुटबाजी पर रजिस्ट्रार जनरल ने ही कानूनी रूप से पांबदी लगा दी है। रजिंद्र हथीरा ने कहा कि धन्ना भगत शिक्षण संस्थान की जमीन में जो करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है शीघ्र उसके दोषियों को समाज के बीच में बेनकाब करके कड़ी सजा दिलवाई जाएगी साथ ही सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि धर्मशाला के रिकॉर्ड को गायब करने वाले व लाखों की राशि का गबन करने वाले अंग्रेज सिंह को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
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इस मौके पर साधू राम कौलेखां, ईश्वर सिंह लोहान अलेवा, ऋषिपाल मोर शिमला, दलीप सिंह बीजग खाप बालू, नरसी करोड़ा, रतना पाई, मेना करेड़ा, टेका करोड़ा, रामदिया ओगल, जगपाल धनौरा, गजे सिंह मटोर, बलदेवा कैंथला, देशा बीठमाड़ा, ज्ञनी रैसना, मिया सिंह सोंगरी, गजे सिंह लोदर, बीरबल कहरा सिंह साहिब, स्वामी रघुबीर सिंह मलिक कुरड़ जींद, बलबीर चहल धोरड़, वेदपाल कसान, गजे सिंह मोर दबलैन, रमेश मोर शिमला, छज्जू लोदर, रामदिया बड़सीकरी, राजेश मटोर, बजीरा, मानसिंह बजीर खेड़ा, बलवान कौलेखा, कृष्ण मोर शिमला, ओम प्रकाश सुरेण व रामफल ढुल, रणधीर पहलवान सारसा, बंशी सरपंच शादीपुर, विकास बलाही, होशियार सिंह कौलेखां, राजकुमार अटवाण, बाबूराम हथीरा, दीपू चंदाना, विरेन्द्र हथीरा उपस्थित रहे। वहीं जब अंग्रेज सिंह से इस बारे में संपर्क करना चाहा तो वे उपलब्ध नहीं हुए।