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63.16 फीसदी रहा जिले का परीक्षा परिणाम
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 19 May 2016 12:42 AM IST
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12वीं कक्ष्ाा में अच्छे अंक आने पर मुंह मीठा कराते परिजन
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी ने बुधवार को कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। जिले के ज्यादातर स्कूूलों ने अपने विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन का दावा किया है। खास बात यह है कि इस परीक्षा परिणाम में जिले के शहरी क्षेत्रों के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों ने बाजी मारी है। इसमें भी यह दावा किया जा रहा है कि निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों का परिणाम बेहतर रहा है। हालांकि सही स्थिति बोर्ड के जिलास्तर और राज्यस्तर की मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद ही सामने आएगी। बोर्ड की ओर से जारी परिणाम सूची के अनुसार कुरुक्षेत्र जिले का परिणाम 63.16 रहा है।
12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में जिले के 65 सरकारी और 47 निजी स्कूलों के 8347 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 5272 विद्यार्थी कामयाब रहे हैं। कुल 1234 विद्यार्थियों की री-अपीयर रही है। गौरतलब है कि परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित किया जाना था। देर रात तक विद्यार्थी परिणाम का इंतजार करते रहे। लेकिन बोर्ड ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर परिणाम जारी नहीं किया था। ऐसे में मंगलवार को सुबह से ही परिणाम जानने के लिए विद्यार्थी और स्कूल प्रशासन जुटे रहे। स्कूलों में जहां स्कूल स्टाफ बोर्ड की वेबसाइट पर परिणाम का इंतजार करता रहा।
वहीं साइबर कैफे और अपने अपने व्यक्तिगत कंप्यूटरों पर भी विद्यार्थी और अभिभावक परिणाम का इंतजार करते रहे। जैसे ही परिणाम की घोषित होने की सूचना आई। कई साइबर कैफे में विद्यार्थी अपना अपना रोल नंबर लेकर पहुंच गए थे। ज्यादातर पास होने की खुशी लेकर बाहर आए तो कई मायूस चेहरे लेकर निकल गए। जिला शिक्षा विभाग का स्टाफ भी जिले की स्थिति जानने के लिए जुटा रहा है। शाम तक डीईओ ऑफिस में परिणाम को लेकर ऊहापोह चलती रही। हालांकि बाद में बोर्ड से मिले ई-मेल के बाद ही पता चला कि जिले का परिणाम 63.16 रहा है। हालांकि विभाग को भी देर रात तक पूरा ब्यौरा नहीं मिला। न ही यह पता चला कि जिले के कितने प्रतिशत लड़के और कितने प्रतिशत लड़कियां पास हुई। किसी श्रेणी के कितने बच्चे पास या फेल हुए यह भी पता नहीं लग पाया है।
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12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में जिले के 65 सरकारी और 47 निजी स्कूलों के 8347 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 5272 विद्यार्थी कामयाब रहे हैं। कुल 1234 विद्यार्थियों की री-अपीयर रही है। गौरतलब है कि परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित किया जाना था। देर रात तक विद्यार्थी परिणाम का इंतजार करते रहे। लेकिन बोर्ड ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर परिणाम जारी नहीं किया था। ऐसे में मंगलवार को सुबह से ही परिणाम जानने के लिए विद्यार्थी और स्कूल प्रशासन जुटे रहे। स्कूलों में जहां स्कूल स्टाफ बोर्ड की वेबसाइट पर परिणाम का इंतजार करता रहा।
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वहीं साइबर कैफे और अपने अपने व्यक्तिगत कंप्यूटरों पर भी विद्यार्थी और अभिभावक परिणाम का इंतजार करते रहे। जैसे ही परिणाम की घोषित होने की सूचना आई। कई साइबर कैफे में विद्यार्थी अपना अपना रोल नंबर लेकर पहुंच गए थे। ज्यादातर पास होने की खुशी लेकर बाहर आए तो कई मायूस चेहरे लेकर निकल गए। जिला शिक्षा विभाग का स्टाफ भी जिले की स्थिति जानने के लिए जुटा रहा है। शाम तक डीईओ ऑफिस में परिणाम को लेकर ऊहापोह चलती रही। हालांकि बाद में बोर्ड से मिले ई-मेल के बाद ही पता चला कि जिले का परिणाम 63.16 रहा है। हालांकि विभाग को भी देर रात तक पूरा ब्यौरा नहीं मिला। न ही यह पता चला कि जिले के कितने प्रतिशत लड़के और कितने प्रतिशत लड़कियां पास हुई। किसी श्रेणी के कितने बच्चे पास या फेल हुए यह भी पता नहीं लग पाया है।
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