फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   प्रवेश उत्सव- सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को अभिभावकों की दर पर देनी होगी दस्तक

प्रवेश उत्सव- सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को अभिभावकों की दर पर देनी होगी दस्तक

Mon, 18 Feb 2019 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 18 Feb 2019 12:55 AM IST
विज्ञापन
प्रवेश उत्सव- सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को अभिभावकों की दर पर देनी होगी दस्तक

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। नए सत्र में प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को गांव के सरपंच से लेकर अन्य ग्रामीणों के दर पर दस्तक देनी होगी। उन्हें सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व चलाए जाने वाले कार्यक्रमों से अवगत कराना होगा। यहीं नहीं स्कूल परिसर व बाहर विशेष बैनर भी लगाने होंगे, जिन पर भी उक्त सभी सुविधाएं व क्रियाकलाप दर्शानी होंगी।
31 मार्च को सभी स्कूलों में प्रवेश उत्सव शुरू होगा, जिसको लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद व शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी के चलते परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला परियोजना संयोजक को पत्र जारी कर आदेश दिए हैं। जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा परिणाम 31 मार्च को जारी किए जाएंगे, जिसके साथ ही प्रवेश उत्सव शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए तैयारी 23 मार्च से शुरू करनी होगी। प्रवेश उत्सव की निगरानी जहां जिला परियोजना संयोजक को करनी होगी वहीं स्कूल शिक्षकों को अपने-अपने आसपास के गांवों में सरपंच से लेकर अन्य अभिभावकों के पास पहुंचना होगा, जहां उन्हें स्कूलों में सुविधाओं व कार्यक्रमों के बारे में अवगत कराना होगा। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से किसी भी स्तर पर पीछे नहीं है। उन्हें शिक्षा के अधिकार से परिचित कराते हुए अभिभावकों को अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में पंजीकृत कराने का आह्वान करना होगा। स्कूलों में सूचना पट्टों पर भी स्कूल की सभी खूबियां दर्शानी होंगी और आम जन को इससे अवगत कराने के लिए अभियान चलाना होगा।
विज्ञापन



पिछले वर्ष जिला भर के 24 प्राथमिक स्कूलों को किया गया था मर्ज
20 से कम संख्या रहने पर स्कूल को नियमानुसार आसपास के स्कूल में मर्ज कर दिया जाता है। जिला में पिछले वर्ष ही ऐसे 24 स्कूलों को मर्ज कर दिया गया था तो प्रदेश भर में ऐसे स्कूलों की संख्या 300 से अधिक थी। आगे भी ऐसे स्कूलों को बचाने और आरटीई के अनुसार स्कूल की सुविधा जारी रखने के चलते विभाग ने निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकार स्कूलों के शिक्षकों द्वारा भी जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



बच्चों की संख्या बढ़ाने का प्रयास, चलाया जाएगा अभियान : डीईओ
डीईओ अरूण आश्री का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के प्रयास के चलते शिक्षकों द्वारा गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। शिक्षक अभिभावकों के पास जाकर स्कूल व विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व सफलताओं से अवगत कराते हुए अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में कराने आह्वान करेंगे। विभाग की ओर से यह तैयारी की जा रही है। वहीं जिला परियोजना संयोजक रामदिया गागट का कहना है कि इस बार स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के भरसक प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed