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वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात, मौत को बुलावा
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:40 AM IST
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वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात, मौत को बुलावा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। दो पहिया वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने का मतलब मौत को बुलावा है। ऐसे ही हादसों का शिकार अनेक वाहन चालक हो चुके हैं। इसके बावजूद वाहन चालक न केवल दो पहिया वाहन चलाते समय नियमों की अवहेलना करते है, बल्कि अपनी जिंदगी भी खतरे में डाल रहे है। पुलिस ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। माना जा रहा है कि अनेक लोग यह सब जानते हुए भी वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते है। ऐसे में हेलमेट का न होना खतरे को बढ़ा देता है। पुलिस की मानें तो करीब 20 फीसदी हादसे वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने के दौरान होते है। हेलमेट न हो तो जीवन बचने की संभावना और भी कम हो जाती है।
महज दो मिनट का अंतर : विक्रम
गांव मथाना निवासी विक्रम शर्मा का कहना है कि महज दो मिनट का ही अंतर रहता है। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करनी जरूरी है तो वाहन को रोक लेना चाहिए। इससे जिंदगी खतरे में नहीं रहती तो नियमों की पालना भी होती है।
लगातार किए जा रहे चालान : एसएचओ
ट्रैफिक एसएचओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते मिलने पर पुलिस चलान करती है। इसको लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसके बावजूद अनेक वाहन चालक नियमों को तोड़ते हैं। साथ ही जान भी जोखिम में डालते है। हर माह कोई न कोई हादसा इस वजह से हो रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। दो पहिया वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने का मतलब मौत को बुलावा है। ऐसे ही हादसों का शिकार अनेक वाहन चालक हो चुके हैं। इसके बावजूद वाहन चालक न केवल दो पहिया वाहन चलाते समय नियमों की अवहेलना करते है, बल्कि अपनी जिंदगी भी खतरे में डाल रहे है। पुलिस ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। माना जा रहा है कि अनेक लोग यह सब जानते हुए भी वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते है। ऐसे में हेलमेट का न होना खतरे को बढ़ा देता है। पुलिस की मानें तो करीब 20 फीसदी हादसे वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने के दौरान होते है। हेलमेट न हो तो जीवन बचने की संभावना और भी कम हो जाती है।
महज दो मिनट का अंतर : विक्रम
गांव मथाना निवासी विक्रम शर्मा का कहना है कि महज दो मिनट का ही अंतर रहता है। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करनी जरूरी है तो वाहन को रोक लेना चाहिए। इससे जिंदगी खतरे में नहीं रहती तो नियमों की पालना भी होती है।
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लगातार किए जा रहे चालान : एसएचओ
ट्रैफिक एसएचओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते मिलने पर पुलिस चलान करती है। इसको लेकर सख्ती बरती जा रही है। इसके बावजूद अनेक वाहन चालक नियमों को तोड़ते हैं। साथ ही जान भी जोखिम में डालते है। हर माह कोई न कोई हादसा इस वजह से हो रहा है।
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