{"_id":"5b3e700c4f1c1b77468b4d52","slug":"111530818572-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैगिंग रोकने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन की मुहिम, विश्वविद्यालय प्रशासन ने गठित की एंटी रैगिंग कमेटी,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैगिंग रोकने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन की मुहिम, विश्वविद्यालय प्रशासन ने गठित की एंटी रैगिंग कमेटी,
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । केयू मेें रैगिंग करना अब विद्यार्थियों पर भारी पड़ सकता है। यहां तक कि उन्हें निष्कासित भी किया जा सकता है। जहां इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित एंटी रैगिंग कमेटी ने सख्ती बरने को लेकर अपनी बैठक में 36 सिफारिशें की है वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2018-19 में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इसके लिए अपने-अपने स्तर पर उचित कदम उठाएं। कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार गठित एंटी रेगिंग कमेटी की हाल ही में एक बैठक विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, सहायक कुलसचिव, अधिष्ठाता महाविद्यालय, निदेशक जनसंचार संस्थान, चीफ वार्डन महिला छात्रावास, प्रिंसीपल यूनिवर्सिटी कालेज, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, उप-सुरक्षा अधिकारी व कमेटी के अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
नए सत्र के दौरान रैगिंग को रोकने हेतु अवांछित तत्वों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए पेट्रोलिंग का प्रबंध किया जाएगा। इसके साथ हीं एंटी रेगिंग के पोस्टर एवं होर्डिंग लगाने के लिए निर्देश किए गए । यूजीसी टोल फ्री एंटी रेगिंग हेल्प लाईन नम्बर 1800-180-5522, ई-मेल हेल्प लाइन विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नंबर विभिन्न स्थानों पर लगे बैनर एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे । इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव की यूनिवर्सिटी ई-मेल भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर होंगे ताकि किसी भी तरह की शिकायत पर विद्यार्थी सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। कमेटी ने बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों व अधिकारियों के संबंध में 36 सिफारिशें की हैं। कमेटी की इन सिफारिशों को सख्ती से लागू किया जा सके, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष निर्देश दिए गए हैं।
हॉस्टल में दो माह तक नहीं रुक सकेंगे अतिथि
प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों में कहा गया कि यदि कोई छात्र रैगिंग करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई करते हुए विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया जा सकता है । चीफ वार्डन यह सुनिश्चित करेंगे कि पहले दो महीने तक हॉस्टल में किसी भी छात्र का कोई अतिथि या बाहरी व्यक्ति नहीं रुकेगा।
विज्ञापन
साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी कमेटी
सभी विभागों में अध्यापकों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा ,जो विश्वविद्यालय में होने वाली रेगिंग की घटनाओं पर नजर रखेगी एवं साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी । इस प्रकार की कोई घटना होती है तो वे इसकी सूचना प्रॉक्टर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, चीफ वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन, डिप्टी प्रॉक्टर, आफिसर इंचार्ज सुरक्षा एवं कुलसचिव को दे सकते हैं ।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए रैगिंग रोकने के लिए यूआईईटी बनाएगा एप
विद्यार्थी रैगिंग को लेकर जागरूक रहें व उन्हें इस संबंध में हर तरह की जानकारी उपलब्ध हो इसके लिए यूनिवर्सिटी इंस्ट्टियूट आफ इंजीनियरिंग एक विशेष एप तैयार करेगा ,जिसके माध्यम से रेगिंग के सम्बंध में पल-पल की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल सकेगी। यूआईईटी के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी रेगिंग फ्री कैंपस के लिए इस एप को डिजाईन करवाएंगे।
तत्काल होगी कार्रवाई: देसवाल
केयू के प्रॉक्टर प्रो. आरके देसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय रैगिंग फ्री बने, महिलाओं से अभद्रता, किसी भी तरह के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेगिंग को लेकर विद्यार्थी जागरूक हों इसके लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। रैगिंग का मामला पाया गया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र । केयू मेें रैगिंग करना अब विद्यार्थियों पर भारी पड़ सकता है। यहां तक कि उन्हें निष्कासित भी किया जा सकता है। जहां इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित एंटी रैगिंग कमेटी ने सख्ती बरने को लेकर अपनी बैठक में 36 सिफारिशें की है वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र 2018-19 में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इसके लिए अपने-अपने स्तर पर उचित कदम उठाएं। कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार गठित एंटी रेगिंग कमेटी की हाल ही में एक बैठक विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, सहायक कुलसचिव, अधिष्ठाता महाविद्यालय, निदेशक जनसंचार संस्थान, चीफ वार्डन महिला छात्रावास, प्रिंसीपल यूनिवर्सिटी कालेज, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, उप-सुरक्षा अधिकारी व कमेटी के अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
नए सत्र के दौरान रैगिंग को रोकने हेतु अवांछित तत्वों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए पेट्रोलिंग का प्रबंध किया जाएगा। इसके साथ हीं एंटी रेगिंग के पोस्टर एवं होर्डिंग लगाने के लिए निर्देश किए गए । यूजीसी टोल फ्री एंटी रेगिंग हेल्प लाईन नम्बर 1800-180-5522, ई-मेल हेल्प लाइन विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नंबर विभिन्न स्थानों पर लगे बैनर एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे । इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव की यूनिवर्सिटी ई-मेल भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर होंगे ताकि किसी भी तरह की शिकायत पर विद्यार्थी सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। कमेटी ने बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों व अधिकारियों के संबंध में 36 सिफारिशें की हैं। कमेटी की इन सिफारिशों को सख्ती से लागू किया जा सके, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विशेष निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
हॉस्टल में दो माह तक नहीं रुक सकेंगे अतिथि
प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों में कहा गया कि यदि कोई छात्र रैगिंग करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई करते हुए विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया जा सकता है । चीफ वार्डन यह सुनिश्चित करेंगे कि पहले दो महीने तक हॉस्टल में किसी भी छात्र का कोई अतिथि या बाहरी व्यक्ति नहीं रुकेगा।
विज्ञापन
साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी कमेटी
सभी विभागों में अध्यापकों की एक कमेटी का गठन किया जाएगा ,जो विश्वविद्यालय में होने वाली रेगिंग की घटनाओं पर नजर रखेगी एवं साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी । इस प्रकार की कोई घटना होती है तो वे इसकी सूचना प्रॉक्टर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, चीफ वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन, डिप्टी प्रॉक्टर, आफिसर इंचार्ज सुरक्षा एवं कुलसचिव को दे सकते हैं ।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए रैगिंग रोकने के लिए यूआईईटी बनाएगा एप
विद्यार्थी रैगिंग को लेकर जागरूक रहें व उन्हें इस संबंध में हर तरह की जानकारी उपलब्ध हो इसके लिए यूनिवर्सिटी इंस्ट्टियूट आफ इंजीनियरिंग एक विशेष एप तैयार करेगा ,जिसके माध्यम से रेगिंग के सम्बंध में पल-पल की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल सकेगी। यूआईईटी के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी रेगिंग फ्री कैंपस के लिए इस एप को डिजाईन करवाएंगे।
तत्काल होगी कार्रवाई: देसवाल
केयू के प्रॉक्टर प्रो. आरके देसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय रैगिंग फ्री बने, महिलाओं से अभद्रता, किसी भी तरह के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेगिंग को लेकर विद्यार्थी जागरूक हों इसके लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। रैगिंग का मामला पाया गया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।