{"_id":"5a1721734f1c1b68678bdaa8","slug":"111511465331-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हवन और प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा ने लिया विश्राम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हवन और प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा ने लिया विश्राम
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हवन और प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा ने लिया विश्राम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गो-गीता-गायत्री सत्संग सेवा समिति की पिपली के श्रीराम मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ने हवन और प्रसाद वितरण के साथ विश्राम ले लिया। इस अवसर पर कथावाचक पं. अनिल शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन चरित्र, भागवतजी की शिक्षाएं और भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु आदि प्रसंग सुनाएं।
इस मौके पर समाजसेवी लक्ष्मीनारायण शर्मा, डॉ. भारत पराशर, रामभज मनचंदा, रमेश अरोड़ा, जगदीश शर्मा ने भागवत पूजन किया। शास्त्री ने कहा कि आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से व्यक्ति के विचारों में परिवर्तन आता है। इससे वह अपना कर्तव्य समझते हुए अपने आचरण में सुधार करता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को मुक्ति प्रदान करती है। जिस स्थान पर भी इस पुण्यदायिनी कथा का अनुष्ठान होता है, वह एक तीर्थ बन जाता है। महिमा भागवतधाम की भजन सुनते हुए सभी श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने जय-जय श्री राधे का पवित्र उद्घोष किया। भागवत आरती में पंडित श्रीकांत तिवारी, विनोद शास्त्री, महावीर शर्मा, बैजनाथ शर्मा, राजीव कौशिक, पंच चरणजीत मेंहदीरत्ता, नीरज मदान, हेमंत वधवा, अवतार सैनी, भूपेंद्र चोपड़ा, कृष्णा देवी, रानी सैनी, पूजा कुकरेजा, सुमन गोयल, ऋतु वधवा आदि महिलाओं ने भाग लेकर कथा को विश्राम दिया। इस अवसर पर कथा में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित भी किया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गो-गीता-गायत्री सत्संग सेवा समिति की पिपली के श्रीराम मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ने हवन और प्रसाद वितरण के साथ विश्राम ले लिया। इस अवसर पर कथावाचक पं. अनिल शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन चरित्र, भागवतजी की शिक्षाएं और भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु आदि प्रसंग सुनाएं।
इस मौके पर समाजसेवी लक्ष्मीनारायण शर्मा, डॉ. भारत पराशर, रामभज मनचंदा, रमेश अरोड़ा, जगदीश शर्मा ने भागवत पूजन किया। शास्त्री ने कहा कि आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से व्यक्ति के विचारों में परिवर्तन आता है। इससे वह अपना कर्तव्य समझते हुए अपने आचरण में सुधार करता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को मुक्ति प्रदान करती है। जिस स्थान पर भी इस पुण्यदायिनी कथा का अनुष्ठान होता है, वह एक तीर्थ बन जाता है। महिमा भागवतधाम की भजन सुनते हुए सभी श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने जय-जय श्री राधे का पवित्र उद्घोष किया। भागवत आरती में पंडित श्रीकांत तिवारी, विनोद शास्त्री, महावीर शर्मा, बैजनाथ शर्मा, राजीव कौशिक, पंच चरणजीत मेंहदीरत्ता, नीरज मदान, हेमंत वधवा, अवतार सैनी, भूपेंद्र चोपड़ा, कृष्णा देवी, रानी सैनी, पूजा कुकरेजा, सुमन गोयल, ऋतु वधवा आदि महिलाओं ने भाग लेकर कथा को विश्राम दिया। इस अवसर पर कथा में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित भी किया गया।
विज्ञापन