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11 एमएम बारिश से मौसम खुशगवार,भीषण गर्मी से मिली निजात
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:20 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पिछले 10 दिनों से भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को मंगलवार अल सुबह ही उस समय बड़ी राहत मिली जब अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हुई। हालांकि पूरे जिलेभर में केवल थानेसर खंड में ही बारिश हुई, जो 11 एमएम दर्ज की गई, लेकिन दूसरे खंडों में भी इसका असर रहा। आसमान में दिन भर बादल छाए रहे तो देर शाम फिर बारिश का मौसम बना और ठंडी हवाएं चली। मंगलवार अल सुबह करीब चार बजे ही बूंदाबांदी शुरू हुई और करीब आधे घंटे बाद तेज बारिश हुई। इसके बाद बूंदाबांदी जारी रही, जिससे एकाएक ही मौसम खुशगवार हो गया। हालांकि देर शाम भी लोगों को फिर से बारिश होने की उम्मीद बनी रही, लेकिन देर रात तक भी बारिश नहीं हुई जबकि मौसम सुहाना होने से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत अवश्य मिल गई। बारिश से शहर की कई सड़कों पर पानी जमाव हो गया और पानी निकासी ठप होने से दिन भर वाहन पानी से गुजरते रहे। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे और दिन में धान की रोपाई में तेजी देखी गई। किसानों को उम्मीद जगी कि अब बारिश शुरू होने से धान की रोपाई का कार्य न केवल जल्द पूरा होगा बल्कि धान की फसल अच्छी भी होगी। बता दें कि भीषण गर्मी के चलते जिला के कई क्षेत्रों में धान की फसल सूखने भी लगी थी तो किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार भी करने लगे थे।
बिजली किल्लत से अटकने लगा था धान रोपाई का कार्य
10 दिन पहले गत शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद गर्मी लगातार बढ़ रही थी तो वहीं भीषण गर्मी के चलते बिजली किल्लत भी बढ़ गई थी। बिजली न मिल पाने से धान की रोपाई प्रभावित होने लगी थी तो किसान भी सड़कों पर उतरने लगे थे। जिला के दर्जन भर गांवों के लोग सड़कों व पॉवर हाउस पर अलग-अलग जगहों पर रोष जता चुके थे। अब बारिश से किसानों को अवश्य ही राहत मिल पाएगी।
बुुधवार को हल्की तो वीरवार को होगी तेज बारिश
कृषि एवं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार को भी जहां हल्की बारिश होगी वहीं वीरवार को मानसून की पहली बारिश होगी। यह बारिश तेज होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे धान रोपाई का कार्य ओर भी तेज हो जाएगा। बता दें कि करीब 10 दिन पहले जिला भर में तेज बारिश हुई थी, जिससे भी भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल पाई थी तो धान रोपाई भी किसानों ने शुरू कर दी थी।
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तीस हजार हेक्टेयर में हो चुकी है धान की रोपाई
जिला में इस बार एक लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जानी है, जिसमें से अब तक करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई की जा चुकी है। गत 15 जून से शुरू की गई धान रोपाई कार्य में अब तीन दिन तक लगातार बारिश का मौसम रहने से तेजी आने की संभावना जताई जा रही है तो वहीं अभी से मजदूरों की किल्लत भी किसानों के सामने दिखाई देने लगी है।
रोपाई के 15 दिनों तक पानी खड़ा रखना जरूरी : कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि धान की रोपाई करने के 15 दिन बाद तक पानी फसल में खड़ा रखना जरूरी है, जिसकी हल्की मात्रा ही होनी चाहिए। पानी खड़ा रखने से किसानों द्वारा फसल में डाली जाने वाली खरपतवार नाशक दवाओं का असर अधिक होता है तो पोध जड़ भी आसानी से पकड़ जाती है। उनका कहना है कि किसानों को योजना व समयानुसार ही धान की रोपाई करनी चाहिए। वीरवार से मानसून आ जाएगा और पहली बारिश होगी, जिसका धान के रोपाई कार्य व धान की फसल में बड़ा फायदा होगा।
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बिजली किल्लत से अटकने लगा था धान रोपाई का कार्य
10 दिन पहले गत शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद गर्मी लगातार बढ़ रही थी तो वहीं भीषण गर्मी के चलते बिजली किल्लत भी बढ़ गई थी। बिजली न मिल पाने से धान की रोपाई प्रभावित होने लगी थी तो किसान भी सड़कों पर उतरने लगे थे। जिला के दर्जन भर गांवों के लोग सड़कों व पॉवर हाउस पर अलग-अलग जगहों पर रोष जता चुके थे। अब बारिश से किसानों को अवश्य ही राहत मिल पाएगी।
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बुुधवार को हल्की तो वीरवार को होगी तेज बारिश
कृषि एवं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार को भी जहां हल्की बारिश होगी वहीं वीरवार को मानसून की पहली बारिश होगी। यह बारिश तेज होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे धान रोपाई का कार्य ओर भी तेज हो जाएगा। बता दें कि करीब 10 दिन पहले जिला भर में तेज बारिश हुई थी, जिससे भी भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल पाई थी तो धान रोपाई भी किसानों ने शुरू कर दी थी।
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तीस हजार हेक्टेयर में हो चुकी है धान की रोपाई
जिला में इस बार एक लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जानी है, जिसमें से अब तक करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई की जा चुकी है। गत 15 जून से शुरू की गई धान रोपाई कार्य में अब तीन दिन तक लगातार बारिश का मौसम रहने से तेजी आने की संभावना जताई जा रही है तो वहीं अभी से मजदूरों की किल्लत भी किसानों के सामने दिखाई देने लगी है।
रोपाई के 15 दिनों तक पानी खड़ा रखना जरूरी : कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि धान की रोपाई करने के 15 दिन बाद तक पानी फसल में खड़ा रखना जरूरी है, जिसकी हल्की मात्रा ही होनी चाहिए। पानी खड़ा रखने से किसानों द्वारा फसल में डाली जाने वाली खरपतवार नाशक दवाओं का असर अधिक होता है तो पोध जड़ भी आसानी से पकड़ जाती है। उनका कहना है कि किसानों को योजना व समयानुसार ही धान की रोपाई करनी चाहिए। वीरवार से मानसून आ जाएगा और पहली बारिश होगी, जिसका धान के रोपाई कार्य व धान की फसल में बड़ा फायदा होगा।