{"_id":"61abda5d45591a7a382b8f76","slug":"100-foreign-students-of-kurukshetra-university-will-present-research-papers-in-international-gita-seminar-kurukshetra-news-knl91733695","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुरुक्षेत्र विशवविद्यालय के 100 विदेशी छात्र अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार में रखेंगे शोध पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुरुक्षेत्र विशवविद्यालय के 100 विदेशी छात्र अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार में रखेंगे शोध पत्र
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 100 विदेशी विद्यार्थी पवित्र ग्रंथ गीता पर अपना शोध पत्र रखेंगे। इस समय केयू के कई विभागों में अफगानिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, जिंबाब्वे, मॉरीशस सहित अन्य देशों के करीब 100 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये सभी विद्यार्थी महोत्सव के दौरान 9 से 11 दिसंबर तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
केयू कॉमर्स विभाग के प्रो. डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने कहा कि केयू कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार और निदेशक डॉ. मंजुला चौधरी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर विश्वविद्यालय के प्रांगण में गीता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय के ही 100 से ज्यादा विदेशी विद्यार्थी गीता सेमिनार के थीम ‘श्रीमद्भगवद गीता के परिप्रेक्ष्य में विश्व गुरु भारत’ पर 11 दिसंबर को अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से करीब एक 12 देशों के साथ देश-प्रदेश के विद्वानों, प्रशिक्षकों और शिक्षकों को निमंत्रण भी भेजा गया है। इस वर्ष सेमिनार को आजादी के अमृत महोत्सव के साथ जोड़कर आयोजित किया जाएगा। इस सेमिनार के पहले दिन 9 दिसंबर को केयू मॉस कम्युनिकेशन विभाग की तरफ से विभिन्न देशों और प्रदेशों की वक्ताओं को उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया गया है। ये सत्र ऑफलाइन रहेगा और दूसरे दिन 10 दिसंबर को ऑनलाइन सत्र होगा। इस ऑनलाइन सत्र में विश्वविद्यालयों के करीब एक हजार शिक्षक और शोधार्थी चर्चा और मंथन करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दूसरे दिन केयू के हिंदी, संस्कृति, इंडिक्स स्टडी, गीता संस्थान, आईआईएचएस, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट व मास कम्युनिकेशन विभाग के शिक्षक और शोधार्थी विषय पर चर्चा करेंगे। अंतिम दिन 11 दिसंबर को गीता संसद का आयोजन किया जाएगा।
12 देशों के विद्वानों को भेजा निमंत्रण
सेमिनार के संयोजक सचिव एवं प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने कहा कि केयू की ओर से यूके, यूएसए, मंगोलिया, बुल्गारिया, अफगानिस्तान, मॉरीशस, अफ्रीका सहित करीब एक दर्जन देशों के विद्वानों को अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार के लिए निमंत्रण भेजा है। अभी तक यूके से रामनिवास, अमेरिका से प्रो. सत्येंद्र धीमान, प्रो. वी नटराजन, शिमला से प्रो. राजकुमार ने सेमिनार के लिए अपनी सहमति प्रशासन को भेजी है।
विज्ञापन
केयू कॉमर्स विभाग के प्रो. डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने कहा कि केयू कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार और निदेशक डॉ. मंजुला चौधरी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर विश्वविद्यालय के प्रांगण में गीता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय के ही 100 से ज्यादा विदेशी विद्यार्थी गीता सेमिनार के थीम ‘श्रीमद्भगवद गीता के परिप्रेक्ष्य में विश्व गुरु भारत’ पर 11 दिसंबर को अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से करीब एक 12 देशों के साथ देश-प्रदेश के विद्वानों, प्रशिक्षकों और शिक्षकों को निमंत्रण भी भेजा गया है। इस वर्ष सेमिनार को आजादी के अमृत महोत्सव के साथ जोड़कर आयोजित किया जाएगा। इस सेमिनार के पहले दिन 9 दिसंबर को केयू मॉस कम्युनिकेशन विभाग की तरफ से विभिन्न देशों और प्रदेशों की वक्ताओं को उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया गया है। ये सत्र ऑफलाइन रहेगा और दूसरे दिन 10 दिसंबर को ऑनलाइन सत्र होगा। इस ऑनलाइन सत्र में विश्वविद्यालयों के करीब एक हजार शिक्षक और शोधार्थी चर्चा और मंथन करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दूसरे दिन केयू के हिंदी, संस्कृति, इंडिक्स स्टडी, गीता संस्थान, आईआईएचएस, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट व मास कम्युनिकेशन विभाग के शिक्षक और शोधार्थी विषय पर चर्चा करेंगे। अंतिम दिन 11 दिसंबर को गीता संसद का आयोजन किया जाएगा।
12 देशों के विद्वानों को भेजा निमंत्रण
सेमिनार के संयोजक सचिव एवं प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने कहा कि केयू की ओर से यूके, यूएसए, मंगोलिया, बुल्गारिया, अफगानिस्तान, मॉरीशस, अफ्रीका सहित करीब एक दर्जन देशों के विद्वानों को अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार के लिए निमंत्रण भेजा है। अभी तक यूके से रामनिवास, अमेरिका से प्रो. सत्येंद्र धीमान, प्रो. वी नटराजन, शिमला से प्रो. राजकुमार ने सेमिनार के लिए अपनी सहमति प्रशासन को भेजी है।