फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kunal civilization was the most developed among the Harappan civilizations found in Haryana

Haryana: प्रदेश में मिली हड़प्पाकालीन सभ्यताओं में से सबसे विकसित थी कुनाल की सभ्यता, कारीगरी भी करते थे अनोखी

Tue, 19 Dec 2023 11:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 19 Dec 2023 11:02 PM IST
सार

अलग बस्तियों के साथ-साथ लोगों ने कारखाने बनाए थे। इस सभ्यता के लोग खुशहाल जीवन जीते थे।  कारीगरी भी अनोखी करते थे। जो भी औजार या मिट्टी के बर्तन बनाते थे, उन पर कारीगरी करते थे। 

विज्ञापन
Kunal civilization was the most developed among the Harappan civilizations found in Haryana
गांव कुनाल की पुरातत्विक साइट पर खुदाई के दौरान मजदूरों को दिशा निर्देश देती बुनानी भट्टाचार्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद के गांव कुनाल में मिली हड़प्पा सभ्यता के जो अवशेष मिले हैं, वह यह दर्शाते हैं कि हरियाणा में जितनी भी सभ्यताएं मिली हैं, उनमें कुनाल की सभ्यता सबसे विकसित थी। हालांकि यहां के लोगों ने आगजनी को भी सहा, फिर भी इन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और दोबारा से यहां पर नई सभ्यता को जन्म दिया। फिलहाल आठवीं बार फिर से पुरातत्व विभाग ने यहां खोदाई का कार्य आरंभ किया है और हड़प्पा काल के उस दौर की नई परतों को निकालने का प्रयास कर रहा है।

विज्ञापन


हड़प्पा काल के दौरान कुनाल में जो बस्ती बसाई गई थी, उसमें बड़ी बात यह है कि यह लोग खेती के साथ-साथ व्यापार को अधिक अहमियत देते थे। सुरक्षा के मामले में भी यह काफी चौंकाने वाले थे। इन लोगों ने अपने घरों को जमीन में गड्ढा खोदकर बनाया हुआ था और साथ ही चारों ओर बांस के पोस्ट होल बनाए थे।
विज्ञापन


बस्ती के दूसरी ओर इन लोगों ने अपनी वर्कशॉप बना रखी थी। यहां पर बड़े-बड़े अग्निकुंड बनाए गए थे और बर्तनों व मनकों का निर्माण किया जाता था। इनका व्यापार विदेशों तक फैला हुआ था, ऐसे अवशेष भी यहां पर मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दाल का प्रयोग भी होता था उस समय
करीब छह हजार साल पुरानी कुनाल की हड़प्पा सभ्यता के दौरान लोग मांसाहारी तो थे ही, साथ ही शाकाहार में दाल व फलों का प्रयोग भी करते थे। पुरातत्व विभाग को यहां पर दाल व गेहूं के बीज मिले हैं। साथ ही यहां पर चूल्हे मिले हैं, जहां भोजन पकाया जाता था। पुरातत्वविदों के अनुसार, इस सभ्यता के लोग कारीगरी में माहिर थे। वह जिस भी वस्तु का निर्माण करते थे, उस पर लकीरें आदि खींचकर सुंदर आकार देते थे। घरों में भी इन लोगों ने टेढ़ी मेढ़ी व सजावटी लकीरें खींची हुई थी।


कुनाल में हड़प्पा काल को जो अवशेष मिले हैं, वह हरियाणा में मिले अन्य अवशेषों से अलग हैं। यहां पर जो सभ्यता विकसित हुई थी, वह अपने आप में अनोखी है। इन लोगों का रहन सहन व काम करने का तरीका काफी सलीके से था। अभी यहां पर खोदाई जारी है और यहां पर हड़प्पा से संंबंधित और भी जानकारी मिलने के आसार हैं। -बुनानी भट्टाचार्य, उपनिदेशक, पुरातत्व विभाग, हरियाणा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed