{"_id":"20bbbbc9b4a33c2b69572222760072d6","slug":"youth-accused-police-for-torture","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, धरने पर बैठा युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, धरने पर बैठा युवक
करनाल
Updated Wed, 08 Jan 2014 04:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर एक युवक मंगलवार को कमेटी चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। रणबीर भुंबक का आरोप है कि पुलिस उसे प्रताड़ित कर आत्म हत्या करने के लिए मजबूर कर रही है। अपने बचाव के लिए रणबीर ने सोमवार को आईजी पुलिस और डीजीपी के लिखित शिकायत की थी। जिसके चलते रणबीर ने मंगलवार को एससी एसटी आयोग के चेेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका से भी सहायता की गुहार लगाई है।
धरने पर बैठे रणबीर ने बताया कि दो जून नगर निगम के चुनाव उसकी पत्नि भी मैदान में था। चार जून को मतगणना के दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों के कहने पर पुलिस कर्मियों से उससे मारपीट करते हुए जाति सूचक शब्द कहे थे।
भुंबक का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियोंने उसके प्रतिद्वंद्वी की सहायता करते हुए उससे पक्षपात भी किया था, लेकिन मामले के छह महीने बीत जाने के बाद अब रणबीर पुलिस अधिकारियाें और कर्मचारियों पर आरोप लगा रहा है। भुंबक का आरोप है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने उससे मारपीट कर जातिसूचक शब्द कहे थे, उनके खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
भुंबक ने बताया कि जब तक अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्याय नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन
धरने पर बैठे रणबीर ने बताया कि दो जून नगर निगम के चुनाव उसकी पत्नि भी मैदान में था। चार जून को मतगणना के दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों के कहने पर पुलिस कर्मियों से उससे मारपीट करते हुए जाति सूचक शब्द कहे थे।
विज्ञापन
भुंबक का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियोंने उसके प्रतिद्वंद्वी की सहायता करते हुए उससे पक्षपात भी किया था, लेकिन मामले के छह महीने बीत जाने के बाद अब रणबीर पुलिस अधिकारियाें और कर्मचारियों पर आरोप लगा रहा है। भुंबक का आरोप है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने उससे मारपीट कर जातिसूचक शब्द कहे थे, उनके खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए।
विज्ञापन
भुंबक ने बताया कि जब तक अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्याय नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा।