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Karnal News: रूस घूमने गए युवक को जबरन यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजा
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- बेटे हर्ष ने अन्य युवकों के साथ वीडियो जारी किया तो परिजनों को मिली जानकारी
- परिजनों ने बेटे को भारत लाने के लिए सांसद संजय भाटिया से मिलकर लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग (करनाल)। सांभली गांव का 19 वर्षीय हर्ष टूरिस्ट वीजा पर बेलारूस गया था। वहां एजेंट उसे हाईवे पर छोड़कर फरार हो गया। बाद में वहां की पुलिस ने उसे सेना के हवाले कर दिया। सेना ने हर्ष को छह दिन हथियार चलाने का प्रशिक्षण देकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के मैदान में भेज दिया है। घर वालों को यह बात तब पता चली जब रूस से हर्ष ने अन्य युवकों के साथ वीडियो जारी किया।
हर्ष की मां सुमन ने बताया कि परिवार वीडियो में हर्ष की दशा देख कर परेशान है। वीरवार को हर्ष के परिवार वाले डीसी उत्तम सिंह से मिलने पहुंचे। डीसी नहीं मिले तो वे सांसद संजय भाटिया के पास गए और पूरी घटना बताई।
सांसद संजय भाटिया ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में पूरी मदद करेंगे। परिजनों ने बताया कि हर्ष ने 12वीं तक पढ़ाई की है। वह विदेश घूमना चाहता था। उसके पिता किराना की दुकान चलाते हैं। पिता ने बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए उसे 25 दिसंबर को रूस भेज दिया था। अभी उसका दो महीने का वीजा बाकी था। हर्ष की मां ने बताया कि एजेंट की वजह से वह बेलारूस पहुंच गया। उन्हें नहीं पता था कि बेलारूस के लिए अलग से वीजा की आवश्यकता होती है। एजेंट हर्ष व अन्य युवकों को वह हाईवे पर छोड़कर भाग गया और पुलिस ने हर्ष व अन्य युवकों को पकड़कर सेना को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें जबरदस्ती सेना में भर्ती कर लिया। युवकों ने सेना में भर्ती होने से मना किया, लेकिन उन्हें 10 साल की सजा का डर दिखाकर रूसी भाषा में अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए।
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फोन पर नहीं हो रहा संपर्क
हर्ष के भाई साहिल ने बताया कि हर्ष व अन्य युवकों को छह-सात दिन का प्रशिक्षण देकर यूक्रेन के खिलाफ डोनेक्स में छोड़ दिया गया है। जहां पर फोन की रेंज नहीं है और संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। उसका भाई अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था, लेकिन उससे पहले वह अपना पासपोर्ट मजबूत करना चाहता था। इसलिए टूरिस्ट वीजा पर रूस गया, लेकिन उसके साथ ऐसा कुछ होगा, उन्हें उम्मीद नहीं थी। हालांकि परिवार की ओर से रूसी दूतावास से भी संपर्क किया गया है, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
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- परिजनों ने बेटे को भारत लाने के लिए सांसद संजय भाटिया से मिलकर लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग (करनाल)। सांभली गांव का 19 वर्षीय हर्ष टूरिस्ट वीजा पर बेलारूस गया था। वहां एजेंट उसे हाईवे पर छोड़कर फरार हो गया। बाद में वहां की पुलिस ने उसे सेना के हवाले कर दिया। सेना ने हर्ष को छह दिन हथियार चलाने का प्रशिक्षण देकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के मैदान में भेज दिया है। घर वालों को यह बात तब पता चली जब रूस से हर्ष ने अन्य युवकों के साथ वीडियो जारी किया।
हर्ष की मां सुमन ने बताया कि परिवार वीडियो में हर्ष की दशा देख कर परेशान है। वीरवार को हर्ष के परिवार वाले डीसी उत्तम सिंह से मिलने पहुंचे। डीसी नहीं मिले तो वे सांसद संजय भाटिया के पास गए और पूरी घटना बताई।
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सांसद संजय भाटिया ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में पूरी मदद करेंगे। परिजनों ने बताया कि हर्ष ने 12वीं तक पढ़ाई की है। वह विदेश घूमना चाहता था। उसके पिता किराना की दुकान चलाते हैं। पिता ने बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए उसे 25 दिसंबर को रूस भेज दिया था। अभी उसका दो महीने का वीजा बाकी था। हर्ष की मां ने बताया कि एजेंट की वजह से वह बेलारूस पहुंच गया। उन्हें नहीं पता था कि बेलारूस के लिए अलग से वीजा की आवश्यकता होती है। एजेंट हर्ष व अन्य युवकों को वह हाईवे पर छोड़कर भाग गया और पुलिस ने हर्ष व अन्य युवकों को पकड़कर सेना को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें जबरदस्ती सेना में भर्ती कर लिया। युवकों ने सेना में भर्ती होने से मना किया, लेकिन उन्हें 10 साल की सजा का डर दिखाकर रूसी भाषा में अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए।
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फोन पर नहीं हो रहा संपर्क
हर्ष के भाई साहिल ने बताया कि हर्ष व अन्य युवकों को छह-सात दिन का प्रशिक्षण देकर यूक्रेन के खिलाफ डोनेक्स में छोड़ दिया गया है। जहां पर फोन की रेंज नहीं है और संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। उसका भाई अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था, लेकिन उससे पहले वह अपना पासपोर्ट मजबूत करना चाहता था। इसलिए टूरिस्ट वीजा पर रूस गया, लेकिन उसके साथ ऐसा कुछ होगा, उन्हें उम्मीद नहीं थी। हालांकि परिवार की ओर से रूसी दूतावास से भी संपर्क किया गया है, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।