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Karnal News: राधा रानी के पैरों में खनकेगी चांदी की पायल
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शशि गुप्ता
करनाल। राधा अष्टमी से पहले बाजार में राधा रानी के शृंगार की खरीदारी शुरू हो गई है। इस बार श्रद्धालु राधा रानी के लिए हल्की चांदी की पायल और छोटे आभूषण खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। पोशाक विक्रेताओं ने भी राधा रानी के लिए विशेष परिधान और शृंगार सामग्री का विशेष भंडार मंगाया है।
राधा अष्टमी 19 सितंबर को है। सराफा बाजार की दुकानों पर ग्राहक पायल, बिछिया, छोटी माला और अन्य आभूषणों के नमूने देख रहे हैं। राधा रानी के शृंगार में चांदी की पायल को विशेष महत्व दिया जा रहा है। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार हल्के वजन की पायल खरीद रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार कई लोग पायल के साथ छोटे चांदी के आभूषण भी ले रहे हैं। इसके अलावा बाजार में राधा रानी की पोशाक, चुनरी, मुकुट, हार, कंगन और बिंदी उपलब्ध हैं। अन्य शृंगार सामग्री की भी अलग-अलग किस्में उपलब्ध कराई गई हैं।
हल्के वजन के गहनों की मांग
सराफा कारोबारी अमित ने बताया कि राधा अष्टमी के लिए ग्राहक हल्की चांदी की पायल और छोटे आभूषण खरीदने आ रहे हैं। कम वजन की पायल की मांग अधिक है। लोग अपनी बजट के अनुसार शृंगार का सामान लेना पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हर साल राधा रानी के लिए विशेष रूप से गहने बनवाए जाते हैं। इनमें हल्के वजन को पहली प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि ग्राहक हर साल बदलते हैं।
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त्योहार के लिए विशेष भंडार
दुकानदार रवि ने जानकारी दी कि राधा रानी की पोशाक और शृंगार सामग्री की मांग को देखते हुए विशेष भंडार मंगाया गया है। ग्राहक पोशाक के साथ मुकुट, हार, कंगन और अन्य सामान भी खरीद रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ बाजार में खरीदारी बढ़ रही है। पहले के मुकाबले अब राधा और कृष्ण के लिए अधिक सामान खरीदा जा रहा है। अब उनसे जुड़ा हर सामान बाजार की प्राथमिकता बन रहा है।
तीन पोशाक खरीदीं, कंगन भी बनवाए
मैं चार साल पहले वृंदावन से राधा रानी को घर लेकर आई थी। मेरे दो बेटे हैं। बेटी नहीं होने पर राधा रानी को बेटी बनाकर घर पर श्रद्धाभाव से लेकर आई थी। हर साल जन्माष्टमी के बाद राधा अष्टमी को बड़े ही उत्साह के साथ पूरा परिवार मनाता है। इस बार एक सप्ताह पहले ही तैयारी कर ली है। तीन प्रकार की पोशाक खरीदी हैं। चांदी की पायल, कंगन और कानों के गहने बनवाए हैं। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने की तैयारी है। अष्टमी के दिन सुबह स्नान के बाद राधा रानी का विशेष शृंगार कर पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा के लिए विशेष भोग तैयार किया जा रहा है।- पूजा शर्मा, वीटा कॉलोनी
गुलाबी और पीली पोशाक पहनाऊंगी
दो साल पहले मेरी बड़ी बहन ने उपहार में राधा रानी भेंट की थीं। मैं हर साल राधा अष्टमी पर्व को श्रद्धाभाव से मनाती हूं। इस बार राधारानी के लिए बाजार से नई गुलाबी और पीले रंग की पोशाक, चुनरी और मुकुट खरीदा है। शृंगार को खास बनाने के लिए हल्की चांदी की पायल, छोटी माला और कंगन भी लिए हैं। पहले मन बहुत अशांत रहता था लेकिन राधा रानी के आने के बाद सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है। पूरा परिवार मिलकर इस पर्व को उत्साह के साथ मनाता है। इसके लिए वर्तमान में विभिन्न प्रकार के भोग बनाने की तैयारी की जा रही है।- शशि गुप्ता, वसंत बिहार
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राधा अष्टमी 19 सितंबर को है। सराफा बाजार की दुकानों पर ग्राहक पायल, बिछिया, छोटी माला और अन्य आभूषणों के नमूने देख रहे हैं। राधा रानी के शृंगार में चांदी की पायल को विशेष महत्व दिया जा रहा है। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार हल्के वजन की पायल खरीद रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार कई लोग पायल के साथ छोटे चांदी के आभूषण भी ले रहे हैं। इसके अलावा बाजार में राधा रानी की पोशाक, चुनरी, मुकुट, हार, कंगन और बिंदी उपलब्ध हैं। अन्य शृंगार सामग्री की भी अलग-अलग किस्में उपलब्ध कराई गई हैं।
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हल्के वजन के गहनों की मांग
सराफा कारोबारी अमित ने बताया कि राधा अष्टमी के लिए ग्राहक हल्की चांदी की पायल और छोटे आभूषण खरीदने आ रहे हैं। कम वजन की पायल की मांग अधिक है। लोग अपनी बजट के अनुसार शृंगार का सामान लेना पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हर साल राधा रानी के लिए विशेष रूप से गहने बनवाए जाते हैं। इनमें हल्के वजन को पहली प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि ग्राहक हर साल बदलते हैं।
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त्योहार के लिए विशेष भंडार
दुकानदार रवि ने जानकारी दी कि राधा रानी की पोशाक और शृंगार सामग्री की मांग को देखते हुए विशेष भंडार मंगाया गया है। ग्राहक पोशाक के साथ मुकुट, हार, कंगन और अन्य सामान भी खरीद रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ बाजार में खरीदारी बढ़ रही है। पहले के मुकाबले अब राधा और कृष्ण के लिए अधिक सामान खरीदा जा रहा है। अब उनसे जुड़ा हर सामान बाजार की प्राथमिकता बन रहा है।
तीन पोशाक खरीदीं, कंगन भी बनवाए
मैं चार साल पहले वृंदावन से राधा रानी को घर लेकर आई थी। मेरे दो बेटे हैं। बेटी नहीं होने पर राधा रानी को बेटी बनाकर घर पर श्रद्धाभाव से लेकर आई थी। हर साल जन्माष्टमी के बाद राधा अष्टमी को बड़े ही उत्साह के साथ पूरा परिवार मनाता है। इस बार एक सप्ताह पहले ही तैयारी कर ली है। तीन प्रकार की पोशाक खरीदी हैं। चांदी की पायल, कंगन और कानों के गहने बनवाए हैं। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने की तैयारी है। अष्टमी के दिन सुबह स्नान के बाद राधा रानी का विशेष शृंगार कर पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा के लिए विशेष भोग तैयार किया जा रहा है।- पूजा शर्मा, वीटा कॉलोनी
गुलाबी और पीली पोशाक पहनाऊंगी
दो साल पहले मेरी बड़ी बहन ने उपहार में राधा रानी भेंट की थीं। मैं हर साल राधा अष्टमी पर्व को श्रद्धाभाव से मनाती हूं। इस बार राधारानी के लिए बाजार से नई गुलाबी और पीले रंग की पोशाक, चुनरी और मुकुट खरीदा है। शृंगार को खास बनाने के लिए हल्की चांदी की पायल, छोटी माला और कंगन भी लिए हैं। पहले मन बहुत अशांत रहता था लेकिन राधा रानी के आने के बाद सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है। पूरा परिवार मिलकर इस पर्व को उत्साह के साथ मनाता है। इसके लिए वर्तमान में विभिन्न प्रकार के भोग बनाने की तैयारी की जा रही है।- शशि गुप्ता, वसंत बिहार

शशि गुप्ता