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उतना ही बोलना चाहिए, जितना सुन सको : उपेंद्र महाराज
Sat, 02 Dec 2023 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 02 Dec 2023 02:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। जैन मुनि उपेंद्र महाराज ने कहा है कि व्यक्ति जाति, धर्म, रूप, तप, ज्ञान, धन व ऐश्वर्य के मद में भूलकर सिर उठा कर चलना शुरू कर देता है। अनाप-शनाप भी बोलने लग जाता है लेकिन ऐसा स्वभाव खुद के लिए भी ठीक नहीं होता है। उतना ही बोलना चाहिए, जितना सुन सको। वे शुक्रवार को मंडी मनीराम में जैन स्थानक पर प्रवचन दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि विदुर नीति में कहा है कि बुढ़ापा सौंदर्य को, ईर्ष्या धर्म को, क्रोध लक्ष्मी को, वासना शर्म को और अहंकार इंसान के सदाचार को खा जाता है। उन्होंने अपने प्रवचन में नसीहत देते हुए कहा कि दो चीज इंसान को अपनों से दूर कर देती है, एक इंसान का अहम और दूसरा उसके मन का बहम, जिसका कोई इलाज नहीं हो सकता।
सुख दर्शन मुनि प्रभाकर ने कहा कि सुप्रभात का शुक्रिया करो जो सूर्य ने हमें रोशनी दी चंद्रमा ने शीतलता दी। प्रकृति ने व माता-पिता गुरु ने हमें बहुत कुछ दिया है उन्होंने कहा आगे सुनो यदि तुम 84 लाख योनि का चक्कर खत्म करना चाहते हो तो 84 का उल्टा कर दो 48 मिनट तक एकांत में बैठकर जो-जो लोग आपकी जिंदगी में काम आए उन सब का शुक्रिया करो, जिससे तुम्हारा सूर्य प्रबल होगा ओर तुम भी संसार में सूर्य ग्रह की तरह चमकने लगोगे और तुम्हारे सभी कष्ट नष्ट हो जाएंगे।
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घरौंडा। जैन मुनि उपेंद्र महाराज ने कहा है कि व्यक्ति जाति, धर्म, रूप, तप, ज्ञान, धन व ऐश्वर्य के मद में भूलकर सिर उठा कर चलना शुरू कर देता है। अनाप-शनाप भी बोलने लग जाता है लेकिन ऐसा स्वभाव खुद के लिए भी ठीक नहीं होता है। उतना ही बोलना चाहिए, जितना सुन सको। वे शुक्रवार को मंडी मनीराम में जैन स्थानक पर प्रवचन दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि विदुर नीति में कहा है कि बुढ़ापा सौंदर्य को, ईर्ष्या धर्म को, क्रोध लक्ष्मी को, वासना शर्म को और अहंकार इंसान के सदाचार को खा जाता है। उन्होंने अपने प्रवचन में नसीहत देते हुए कहा कि दो चीज इंसान को अपनों से दूर कर देती है, एक इंसान का अहम और दूसरा उसके मन का बहम, जिसका कोई इलाज नहीं हो सकता।
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सुख दर्शन मुनि प्रभाकर ने कहा कि सुप्रभात का शुक्रिया करो जो सूर्य ने हमें रोशनी दी चंद्रमा ने शीतलता दी। प्रकृति ने व माता-पिता गुरु ने हमें बहुत कुछ दिया है उन्होंने कहा आगे सुनो यदि तुम 84 लाख योनि का चक्कर खत्म करना चाहते हो तो 84 का उल्टा कर दो 48 मिनट तक एकांत में बैठकर जो-जो लोग आपकी जिंदगी में काम आए उन सब का शुक्रिया करो, जिससे तुम्हारा सूर्य प्रबल होगा ओर तुम भी संसार में सूर्य ग्रह की तरह चमकने लगोगे और तुम्हारे सभी कष्ट नष्ट हो जाएंगे।
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