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Karnal News: इग्नू से कर सकते है हिंदू अध्ययन में स्नातकोत्तर
Sat, 27 Jul 2024 06:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 27 Jul 2024 06:07 AM IST
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करनाल। इग्नू से हिन्दू अध्ययन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की जा सकती है। इस कार्यक्रम में दाखिला लेने के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक अथवा उच्चतर उपाधि होना अनिवार्य है। जुलाई 2024 सत्र के लिए दाखिले अभी चल रहे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ धर्म पाल ने बताया की स्नातकोत्तर कला उपाधि (हिंदू अध्ययन) (एमएएचएन) भारतीय ज्ञान राशि के सांगोपांग अध्ययन के लिए समाज के सभी वर्गों के लिए ज्ञान प्रद और लाभप्रद कार्यक्रम है। हिंदू शब्द से अभियुक्त किए जाने वाले भौगोलिक सम्प्रत्यय को मूलरूप से सनातन संस्कृति कहा जाता है। भौगोलिक परिचय के रूप में सिंधु नदी से समुद्र पर्यन्त जो भूभाग है, उस भूभाग के निवासी और उनकी वंशावली को हिंदू कहा जाता है।
इस संस्कृति ने अध्यात्म धर्म, विज्ञान, गणित, कला-कौशल, प्रशासन, राजव्यवस्था, अर्धनिति, कृषि आदि के क्षेत्रों में विश्व को बहुत कुछ दिया है। वर्तमान मे भारत की विश्वविद्यालय शिक्षा प्रणाली में हिन्दू संस्कृति की ज्ञान परम्परा का अध्ययन पाठ्यक्रम के रूप मे प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि विदेश के विश्वविद्यालय जैसे - ओक्सफॉर्म, कैम्ब्रिज हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ़ अमेरिका भी हिंदू अध्ययन संबंधी पाठ्यक्रम लोकप्रियता के साथ संचालित कर रहे है।
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भारतीय संस्कृति और सभ्यता की समग्र निर्मिति में, जिसमे अमूर्त ज्ञानात्मक तत्वों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है उनका अध्ययन ही हिन्दू अध्ययन है। इस प्रकार के अध्ययन से विद्यार्थी समाज के सरोकार में रहकर अपनी विधा से स्वयं लाभान्वित रहते हुए सभी के हित चिंतन में भी संलग्न रहेंगे एवं राष्ट्र की भावना भी सुदृढ़ होगी। देश की परंपरा का ज्ञान, विषय ज्ञान के साथ -साथ रोजगार के प्रति प्रेरित करना और उसके लिए योग्य होने की क्षमता विकसित करना भी इस कार्यक्रम में चित्रित है।
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क्षेत्रीय निदेशक डॉ धर्म पाल ने बताया की स्नातकोत्तर कला उपाधि (हिंदू अध्ययन) (एमएएचएन) भारतीय ज्ञान राशि के सांगोपांग अध्ययन के लिए समाज के सभी वर्गों के लिए ज्ञान प्रद और लाभप्रद कार्यक्रम है। हिंदू शब्द से अभियुक्त किए जाने वाले भौगोलिक सम्प्रत्यय को मूलरूप से सनातन संस्कृति कहा जाता है। भौगोलिक परिचय के रूप में सिंधु नदी से समुद्र पर्यन्त जो भूभाग है, उस भूभाग के निवासी और उनकी वंशावली को हिंदू कहा जाता है।
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इस संस्कृति ने अध्यात्म धर्म, विज्ञान, गणित, कला-कौशल, प्रशासन, राजव्यवस्था, अर्धनिति, कृषि आदि के क्षेत्रों में विश्व को बहुत कुछ दिया है। वर्तमान मे भारत की विश्वविद्यालय शिक्षा प्रणाली में हिन्दू संस्कृति की ज्ञान परम्परा का अध्ययन पाठ्यक्रम के रूप मे प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि विदेश के विश्वविद्यालय जैसे - ओक्सफॉर्म, कैम्ब्रिज हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ़ अमेरिका भी हिंदू अध्ययन संबंधी पाठ्यक्रम लोकप्रियता के साथ संचालित कर रहे है।
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भारतीय संस्कृति और सभ्यता की समग्र निर्मिति में, जिसमे अमूर्त ज्ञानात्मक तत्वों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है उनका अध्ययन ही हिन्दू अध्ययन है। इस प्रकार के अध्ययन से विद्यार्थी समाज के सरोकार में रहकर अपनी विधा से स्वयं लाभान्वित रहते हुए सभी के हित चिंतन में भी संलग्न रहेंगे एवं राष्ट्र की भावना भी सुदृढ़ होगी। देश की परंपरा का ज्ञान, विषय ज्ञान के साथ -साथ रोजगार के प्रति प्रेरित करना और उसके लिए योग्य होने की क्षमता विकसित करना भी इस कार्यक्रम में चित्रित है।