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Karnal News: उफान पर यमुना, ढाकवाला गुजरान और शेरगढ़ टापू में फसलें डूबीं
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57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद
- सिंचाई विभाग की टीम बाढ़ संभावित क्षेत्रों में कर रही गश्त, शाम को जलस्तर कम होने से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में 1 लाख 78 हजार 996 क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद रविवार को करनाल में भी यमुना उफान पर आ गई, जिससे यमुना के साथ लगते 20 गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं। ढाकवाला गुजरान गांव में यमुना के आस-पास लगते खेतों में धान की फसल और शेरगढ़ टापू में उड़द, धनिया और गन्ने की फसल डूब गई है। करनाल से उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले राजमार्ग पर शेरगढ़ टापू के पास सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा। हालांकि सोमवार की शाम तक जलस्तर ढाई से तीन फुट कम होने से लोगों को राहत मिली है मगर खतरा बरकरार है।
सोमवार को लालूपुरा गांव में सुबह 11:30 बजे यमुना उफान पर दिखी। यहां कुछ क्षेत्र में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया और शाम होते-होते यह नीचे आ गया। शेरगढ़ टापू गांव में पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ रहा है, इस कारण से करनाल से उत्तर प्रदेश जाने वाले राजमार्ग पर पानी भर गया है। इसका फायदा उठाकर स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से बाइक निकलवाने के 50 रुपये और कार निकलवाने के 150 रुपये तक लिए।
ग्रामीण अंग्रेज सिंह, विकास, राजेंद्र, नीरज, मुकेश, कुलदीप, फुल सिंह का कहना है कि यदि जल स्तर और बढ़ता है तो आस-पास की फसल बर्बाद हो जाएगी। हालांकि सिंचाई विभाग की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पॉपलाइन, मिट्टी व रेत भरकर कट्टे तैयार किए गए हैं। हथिनी कुंड बैराज पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि यहां पानी का स्तर ढाई लाख क्यूसेक होने पर ही बैराज के चारों द्वार खोले जाते हैं अभी 39938 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग की टीम सोमवार को सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में गश्त करती नजर आई।
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फिलहाल खतरा नहीं
सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह ने बताया कि सोमवार को करनाल में जल स्तर सुबह 10 बजे करीब 80 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। दोपहर एक बजे घटकर यह 40 हजार क्यूसेक रह गया। शाम सात बजे जलस्तर में और गिरावट आई और यह घटकर 30 हजार क्यूसेक रह गया। यमुना का जल स्तर अभी खतरे के निशान (वार्निंग लेवल) से नीचे 847 मीटर पर है।
जिले के यह गांव बाढ़ संभावित क्षेत्र में शामिल
क्षेत्र के ढाकवाला गुजरान, लालूपुरा, जडौली, शेरगढ़ टापू गांव बाढ़ संभावित क्षेत्र हैं। वहीं इंद्री कस्बा क्षेत्र के हांसू माजरा, चौगांवा, चंद्राव, डबकोली, नबीयाबाद, जपती छपरा, सैयद छपरा, हलवाना, डेरा हलवाना, गढ़पुर टापू कई ऐसे गांव हैं जो बाढ़ संभावित दायरे में आते हैं।
यमुना का जलस्तर घटकर 30 हजार क्यूसेक से भी कम रह गया है। रविवार शाम के समय हथिनी कुंड बैराज से जो पानी छोड़ा गया था, वह दिल्ली के क्षेत्र में आगे की ओर बह गया है। एहतियात के लिए यमुना से सटे गांवों में मुनादी करा विभाग की ओर से लोगों को सतर्क कर दिया गया है। 24 घंटे कर्मचारी डयूटी दे रहे हैं।
- मनोज कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में 1 लाख 78 हजार 996 क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद रविवार को करनाल में भी यमुना उफान पर आ गई, जिससे यमुना के साथ लगते 20 गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं। ढाकवाला गुजरान गांव में यमुना के आस-पास लगते खेतों में धान की फसल और शेरगढ़ टापू में उड़द, धनिया और गन्ने की फसल डूब गई है। करनाल से उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले राजमार्ग पर शेरगढ़ टापू के पास सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा। हालांकि सोमवार की शाम तक जलस्तर ढाई से तीन फुट कम होने से लोगों को राहत मिली है मगर खतरा बरकरार है।
सोमवार को लालूपुरा गांव में सुबह 11:30 बजे यमुना उफान पर दिखी। यहां कुछ क्षेत्र में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया और शाम होते-होते यह नीचे आ गया। शेरगढ़ टापू गांव में पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ रहा है, इस कारण से करनाल से उत्तर प्रदेश जाने वाले राजमार्ग पर पानी भर गया है। इसका फायदा उठाकर स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से बाइक निकलवाने के 50 रुपये और कार निकलवाने के 150 रुपये तक लिए।
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ग्रामीण अंग्रेज सिंह, विकास, राजेंद्र, नीरज, मुकेश, कुलदीप, फुल सिंह का कहना है कि यदि जल स्तर और बढ़ता है तो आस-पास की फसल बर्बाद हो जाएगी। हालांकि सिंचाई विभाग की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पॉपलाइन, मिट्टी व रेत भरकर कट्टे तैयार किए गए हैं। हथिनी कुंड बैराज पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि यहां पानी का स्तर ढाई लाख क्यूसेक होने पर ही बैराज के चारों द्वार खोले जाते हैं अभी 39938 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग की टीम सोमवार को सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में गश्त करती नजर आई।
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फिलहाल खतरा नहीं
सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह ने बताया कि सोमवार को करनाल में जल स्तर सुबह 10 बजे करीब 80 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। दोपहर एक बजे घटकर यह 40 हजार क्यूसेक रह गया। शाम सात बजे जलस्तर में और गिरावट आई और यह घटकर 30 हजार क्यूसेक रह गया। यमुना का जल स्तर अभी खतरे के निशान (वार्निंग लेवल) से नीचे 847 मीटर पर है।
जिले के यह गांव बाढ़ संभावित क्षेत्र में शामिल
क्षेत्र के ढाकवाला गुजरान, लालूपुरा, जडौली, शेरगढ़ टापू गांव बाढ़ संभावित क्षेत्र हैं। वहीं इंद्री कस्बा क्षेत्र के हांसू माजरा, चौगांवा, चंद्राव, डबकोली, नबीयाबाद, जपती छपरा, सैयद छपरा, हलवाना, डेरा हलवाना, गढ़पुर टापू कई ऐसे गांव हैं जो बाढ़ संभावित दायरे में आते हैं।
यमुना का जलस्तर घटकर 30 हजार क्यूसेक से भी कम रह गया है। रविवार शाम के समय हथिनी कुंड बैराज से जो पानी छोड़ा गया था, वह दिल्ली के क्षेत्र में आगे की ओर बह गया है। एहतियात के लिए यमुना से सटे गांवों में मुनादी करा विभाग की ओर से लोगों को सतर्क कर दिया गया है। 24 घंटे कर्मचारी डयूटी दे रहे हैं।
- मनोज कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग

57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद

57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद

57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद

57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद

57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद

57....सोमवार सुबह हुई बारिश में कपड़ा लपेतकर गुजरता बाइक सवार। संवाद