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Karnal News: मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का पूजन कर मांगी समृद्धि
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मां के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु मंदिर में पहुंच गए थे। श्रद्धालुओं ने जहां व्रत रखे हए वही सुबह-शाम मां की आरती कर रहे है।
मां मनसा देवी, श्री दुर्गा भवानी मंदिर, सेक्टर सात के श्री कर्णेश्वर महादेव मंदिर, सेक्टर छह के शिव मंदिर, सदर बाजार के शिव मंदिर, प्रेम नगर के मां वैष्णों देवी मंदिर, प्रेम नगर के हनुमान मंदिर, शिव कालोनी के शिव मंदिर, राम नगर के श्री सनातन धर्म मंदिर, कुंजपुरा रोड के श्री सनातन धर्म मंदिर के साथ अन्य सभी मंदिरों में श्रद्धालु ने मां दुर्गा की पूजा की और सभी के लिए मनोकामना मांगी।
पंडित षष्टी बल्लव ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होगी। देवी भागवत पुराण में यह विस्तार से बताया गया है कि मां का यह रूप बेहद सौम्य, शांत और सुख समृद्धि प्रदान करने वाला है। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से आपके सुख और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है और मां दुर्गा समाज में आपका प्रभाव बढ़ाती हैं।
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इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर मां की पूजा करनी चाहिए। उनकी पूजा में लाल पीले गेंदे के फूलों का प्रयोग करना चाहिए। पूजा में शंख और घंटों का प्रयोग करने से मां की कृपा सभी को प्राप्त होती है। पंडित ने बताया कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप स्वर्ण समान चमकीला होता है। उनका वाहन शेर है। उनकी 8 भुजाओं में कमल, धनुष, बाण, खड्ग, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा आदि अस्त्र और शस्त्र से सुसज्जित हैं।
गले में सफेद फूलों की माला पहने मां ने अपने मस्तक पर चंद्रमा के साथ ही रत्नजड़ित मुकुट धारण किया हुआ है। वह सदैव युद्ध की मुद्रा में रहते हुए तंत्र साधना में लीन रहती हैं। मां चंद्रघंटा को केसर की खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ लौंग इलाइची, पंचमेवा और दूध ने बनी अन्य मिठाइयों का प्रयोग कर सकते हैं।
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करनाल। जिले में नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मां के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु मंदिर में पहुंच गए थे। श्रद्धालुओं ने जहां व्रत रखे हए वही सुबह-शाम मां की आरती कर रहे है।
मां मनसा देवी, श्री दुर्गा भवानी मंदिर, सेक्टर सात के श्री कर्णेश्वर महादेव मंदिर, सेक्टर छह के शिव मंदिर, सदर बाजार के शिव मंदिर, प्रेम नगर के मां वैष्णों देवी मंदिर, प्रेम नगर के हनुमान मंदिर, शिव कालोनी के शिव मंदिर, राम नगर के श्री सनातन धर्म मंदिर, कुंजपुरा रोड के श्री सनातन धर्म मंदिर के साथ अन्य सभी मंदिरों में श्रद्धालु ने मां दुर्गा की पूजा की और सभी के लिए मनोकामना मांगी।
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पंडित षष्टी बल्लव ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होगी। देवी भागवत पुराण में यह विस्तार से बताया गया है कि मां का यह रूप बेहद सौम्य, शांत और सुख समृद्धि प्रदान करने वाला है। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से आपके सुख और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है और मां दुर्गा समाज में आपका प्रभाव बढ़ाती हैं।
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इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर मां की पूजा करनी चाहिए। उनकी पूजा में लाल पीले गेंदे के फूलों का प्रयोग करना चाहिए। पूजा में शंख और घंटों का प्रयोग करने से मां की कृपा सभी को प्राप्त होती है। पंडित ने बताया कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप स्वर्ण समान चमकीला होता है। उनका वाहन शेर है। उनकी 8 भुजाओं में कमल, धनुष, बाण, खड्ग, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा आदि अस्त्र और शस्त्र से सुसज्जित हैं।
गले में सफेद फूलों की माला पहने मां ने अपने मस्तक पर चंद्रमा के साथ ही रत्नजड़ित मुकुट धारण किया हुआ है। वह सदैव युद्ध की मुद्रा में रहते हुए तंत्र साधना में लीन रहती हैं। मां चंद्रघंटा को केसर की खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके साथ लौंग इलाइची, पंचमेवा और दूध ने बनी अन्य मिठाइयों का प्रयोग कर सकते हैं।