कर्मियों की हड़ताल खत्म, बिजली कट शुरू
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प्रदेश में 23 डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में चली दो दिवसीय हड़ताल के दौरान जिले के सभी फीडरों पर उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिली, लेकिन बिजली कर्मियों लौटते ही बिजली की चाल बिगड़ गई। भीषण गर्मी में दिनभर लगे अघोषित कटों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी। लोग बार-बार सुविधा केंद्र पर फोन कर बिजली के आने का समय पूछते रहे। वहीं दूसरी ओर सवा माह बाद स्कूल लौटे विद्यार्थियों को भी बिजली के बिना पसीने से तर होकर पढ़ने पर मजबूर होना पड़ा। निगम अधिकारी बिजली कटों का कारण फीडरों पर ओवर लोडिंग बता रहे हैं। वहीं लोगों का सवाल है कि आखिर दो दिनों की हड़ताल में फीडर ओवर लोड क्यों नहीं हुए।
बिजली कर्मियों की हड़ताल के चलते निगम द्वारा शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी 24 घंटे के बिजली आपूर्ति प्रदान की। वीरवार को देर रात जैसे ही कर्मचारी हड़ताल के बाद ड्यूटी पर लौटे तो उसी वक्त से ही बिजली कटों का सिलसिला शुरू हो गया। शुक्रवार को भीषण गर्मी के दौरान सभी फीडरों पर हर दो घंटे बाद बिजली कट लगते रहे। ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों पर दिनभर बिजली गुल रही। हड़ताल के दौरान बिजली मिलने व हड़ताल के समाप्त होते ही बिजली कटने का माजरा लोगों को समझ नहीं आ रहा है। लोगों ने बिजली निगम की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है। आखिर किन कारणों से उन्हें बिजली नहीं मिल रही है। जब हड़ताल के दिनों में एक साथ सभी फीडरों पर बिजली आपूर्ति हो सकती है तो इसे निरंतर बनाए रखने में निगम को क्या परेशानी है।
शहर की इन कॉलोनियों में रही बिजली गुल
शहर के अधिकतर फीडरों पर हर दो घंटे बाद आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक के बिजली कट लग रहे हैं, लेकिन सेक्टर-12 वकीलों के चैंबर्स, सेक्टर-13 एक्सटेंशन, मुगल कैनाल, बांसो गेट, जुंडला गेट, कर्ण गेट आदि क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। वकीलों के चैंबर्स में बिजली गुल रहने से उनका कामकाज प्रभावित हुआ। इसके अलावा मुगल कैनाल पर बिजली गुल रहने से दर्जनों कामर्शियल साइटों पर उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई उपभोक्ता इंतजार के बाद खाली हाथ ही लौट गए।
ग्रामीणों का सवाल हमारे हिस्से की बिजली कहां हो रही गायब
रसूलपुर गांव के निवासी राजपाल, राममेहर, विकास, संदीप, अनिल, जगदीप, भतेरी देवी, सुलेखा, रीना, ममता आदि ने कहा कि आखिर ग्रामीण क्षेत्र में दिन में बिजली न देने का क्या कारण है। जब हड़ताल के दौरान सभी फीडरों पर बिजली मिल कती है तो फिर इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने में क्या परेशानी है। ग्रामीणों ने बिजली निगम अधिकारियों पर उनके हिस्से की बिजली उद्योगों व अन्य कामर्शियल यूनिटों पर बेचने का आरोप लगाया है।
वर्जन
बिजली निगम अधिकारी हड़ताल के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति देकर लोगों से वाहवाही जुटा रहे हैं, लेकिन असलियत में निगम द्वारा इन दो दिनों में उपभोक्ताओं को बिना शेड्यूल के बिजली दी है। बिजली कर्मियों ने हड़ताल के दौरान भी आपातकालीन सेवाओं को बहाल करने में निगम अधिकारियों की मदद की है। ऐसे में अब ग्रामीण क्षेत्र में शेड्यूल मुताबिक सिर्फ 14 घंटे बिजली देने के निर्देश हैं। बिजली कर्मी तो सिर्फ अधिकारियों के आदेशों की पालना कर रहे हैं।
- एनपी सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन
वर्जन
लाइनों पर मेंटेनेंस वर्क व ओवर लोडिंग के चलते कई फीडरों पर कट लगे हैं। लेकिन मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही लाइनों को चालू करने के निर्देश दिए हैं। गर्मी में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मुहैया कराने के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया है, जो उपभोक्ताओं के की शिकायतों कर तुरंत समाधान कर रही हैं।
- जे.के कांबोज, एसई बिजली निगम करनाल।