फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Workers hope burst out fiercely

आशा वर्कर्स ने जमकर निकाली भड़ास

Wed, 04 Dec 2013 12:09 AM IST
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र Updated Wed, 04 Dec 2013 12:09 AM IST
विज्ञापन
Workers hope burst out fiercely
नियमित वेतन और सामाजिक सुरक्षा आदि मांगों को लेकर कुरुक्षेत्र में रविवार को आशा वर्करों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। कुरुक्षेत्र स्थित अग्रसेन चौक पर सैकड़ों आशा वर्कर्स ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
विज्ञापन


इससे पहले जिले में कार्यरत सभी आशा वर्कर्स सेक्टर-10 स्थित पार्क में एकजुट हुईं। इसके बाद जुलूस के रूप में सभी अग्रसेन चौक पर इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी आशा वर्कर प्रतिनिधि मंडल और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समक्ष वार्ता विफल होने से भी खफा थीं।
विज्ञापन


वहीं इस मौके पर आशा वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष रानी देवी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आशा वर्कर्स प्रतिनिधिमंडल से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं सर्वकर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने आशा वर्कर आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार द्वारा कि जा रही आशा वर्कर की मांगों के खिलाफ सरकार की निंदा की। इस दौरान सर्वकर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ने सरकार पर आशा वर्कर के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि आशा वर्कर दिन-रात गर्भवती महिलाओं की सेवा में लगी रहती हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से आशा वर्र्र्कर को काम के बदले उचित मानदेय न देकर उनका शोषण करने पर लगी है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा आशा वर्कर की मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया, तो 12 दिसंबर को सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संघों द्वारा किए जाने वाले संसद घेराव में आशा वर्कर्स यूनियन शामिल होकर संसद घेराव करेंगी। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स द्वारा जो जिम्मेदारी सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग ने उनको सौंपी है। आशा वर्कर्स द्वारा उस जिम्मेदारी को बखूबी ईमानदारी से निभाया जा रहा है। लेकिन सरकार द्वारा आशा वर्कर्स को काम के बदले उचित वेतन न देकर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि उनको वेतन के नाम पर 200-400 रुपये ही सरकार द्वारा दिए जाते हैं, इससे महंगाई के दौर में दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं होती। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों पर आशा वर्कर्स के साथ दुर्व्यवहार की बात कहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed