{"_id":"60e4bd678ebc3e06a72ca973","slug":"women-in-jail-will-become-self-sufficient-through-beauty-parlor-course-karnal-news-knl756122190","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में महिलाएं ब्यूटी पार्लर कोर्स से बनेंगी आत्मनिर्भर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में महिलाएं ब्यूटी पार्लर कोर्स से बनेंगी आत्मनिर्भर
विज्ञापन
करनाल। जिला जेल में बंद महिला कैदियों व बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला जेल प्रशासन प्रयासरत है। इसके लिए उन्हें कई हुनर व व्यावसायिक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला जेल में 1649 बंदी व कैदी हैं। इनमें 219 महिलाएं शामिल हैं।
दिल्ली की चेरिटी आन व्हील्स संस्था के साथ मिलकर जेल प्रशासन ने फैशन स्टूडियो स्थापित किया है। इसे चलाने के लिए 20 महिलाओं को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। साथ ही ब्यूटी पार्लर का कोर्स कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जेल में महिलाएं सूट, साड़ियों पर डिजाइन व कटिंग करना सीखेंगी। बाद में इन्हें कोर्स का प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा ताकि जब वे जेल से बाहर निकलें तो रोजगार शुरू करने में इन्हें दिक्कत न हो। इसके अलावा रेडियो जॉकी प्रोग्राम के तहत पांच महिलाएं व पांच पुरुष कैदी रेडियो जॉकी बन चुके हैं।
जल्द लगेगा ओपन एयर जिम
जेल में बंद महिला बंदी व कैदियों के साथ साथ पुरुष कैदियों के लिए भी जेल प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं कि कैदी व बंदी की सेहत बनी रहे। इसके लिए ओपन एयर जिम को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जेल प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। जिला प्रशासन से संपर्क के साथ किसी एनजीओ व सामाजिक संस्था का सहयोग भी लिया जाएगा।
विज्ञापन
जेल में हो चुकी है कई बार सैंपलिंग
कोरोना महामारी को लेकर जेल प्रशासन बेहद गंभीर है। यही कारण है कि कई बार जेल में कोरोना के सैंपल लिए जा चुके हैं। अभी तक 396 बंदी ही कोरोना से संक्रमित हुए हैं जो अब ठीक हो चुके हैं। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से 904 बंदियों की हेपिटाइटिस बी व सी जांच कराई गई।
कैदी व बंदियों में सकारात्मक सोच को पैदा करने के लिए ये प्रयास किए जा रहे हैं। महिला बंदियों व कैदियों के लिए फैशन स्टूडियो व ब्यूटीपार्लर के कोर्स शुरू करना इसी कोशिश के तहत है। -अमित कुमार भादों, जेल अधीक्षक, करनाल।
विज्ञापन
दिल्ली की चेरिटी आन व्हील्स संस्था के साथ मिलकर जेल प्रशासन ने फैशन स्टूडियो स्थापित किया है। इसे चलाने के लिए 20 महिलाओं को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। साथ ही ब्यूटी पार्लर का कोर्स कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जेल में महिलाएं सूट, साड़ियों पर डिजाइन व कटिंग करना सीखेंगी। बाद में इन्हें कोर्स का प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा ताकि जब वे जेल से बाहर निकलें तो रोजगार शुरू करने में इन्हें दिक्कत न हो। इसके अलावा रेडियो जॉकी प्रोग्राम के तहत पांच महिलाएं व पांच पुरुष कैदी रेडियो जॉकी बन चुके हैं।
विज्ञापन
जल्द लगेगा ओपन एयर जिम
जेल में बंद महिला बंदी व कैदियों के साथ साथ पुरुष कैदियों के लिए भी जेल प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं कि कैदी व बंदी की सेहत बनी रहे। इसके लिए ओपन एयर जिम को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जेल प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। जिला प्रशासन से संपर्क के साथ किसी एनजीओ व सामाजिक संस्था का सहयोग भी लिया जाएगा।
विज्ञापन
जेल में हो चुकी है कई बार सैंपलिंग
कोरोना महामारी को लेकर जेल प्रशासन बेहद गंभीर है। यही कारण है कि कई बार जेल में कोरोना के सैंपल लिए जा चुके हैं। अभी तक 396 बंदी ही कोरोना से संक्रमित हुए हैं जो अब ठीक हो चुके हैं। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से 904 बंदियों की हेपिटाइटिस बी व सी जांच कराई गई।
कैदी व बंदियों में सकारात्मक सोच को पैदा करने के लिए ये प्रयास किए जा रहे हैं। महिला बंदियों व कैदियों के लिए फैशन स्टूडियो व ब्यूटीपार्लर के कोर्स शुरू करना इसी कोशिश के तहत है। -अमित कुमार भादों, जेल अधीक्षक, करनाल।