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नई बसों के लिए फिर करना होगा इंतजार, नहीं मिलीं चेसिस, 1.72 करोड़ लैप्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 02:18 AM IST
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Will have to wait again for new buses, chassis not found, 1.72 crore laps
प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद मार्च माह के अंत तक रोडवेज के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह उम्मीद फिर टूट गई, क्योंकि नई बसों की खरीद के लिए जारी बजट तय समय में खर्च न होने से लैप्स हो गया। ऐसे में बसों की कमी से यात्रियों को कुछ समय और जूझना पड़ेगा।
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सरकार की ओर से रोडवेज के बेड़े में 800 नई बसें शामिल की जानी हैं, इनमें से 45 बसें करनाल डिपो को अलॉट हुई हैं। जिसके पहले चरण में डिपो को 10 नई बसों की खरीद के लिए 1.72 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया। इस पैसे का एचआरईसी (हरियाणा रोडवेज इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) को भुगतान करके डिपो को चेसिस लेनी थी, लेकिन एचआरईसी की ओर से 31 मार्च तक चेसिस नंबर ही जारी नहीं किए गए। ऐसे में नई बसों के लिए आया पैसा पहले चरण में ही खर्च न हो पाने के कारण विभाग के हाथ से निकल गया। अब फिर लोगों को नई बसों के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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करनाल डिपो की क्षमता और जिले की साढ़े 16 लाख आबादी के हिसाब से 350 बसों की जरूरत है। 2015 के मानक के अनुसार डिपो में 250 बसें होनी ही चाहिए लेकिन डिपो का संचालन महज 124 बसों से ही हो रहा है। यानी एक बस पर करीब साढ़े 13 हजार की आबादी निर्भर है। बसों की कमी के कारण आठ इंटर स्टेट और 20 से ज्यादा स्थानीय मार्गों पर बस सुविधा बंद या प्रभावित है। जिले के 442 गांवों में से कई ऐसे हैं, जहां रोडवेज की बस जाती ही नहीं।
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चेसिस मिलती तो गुरुग्राम से तैयार होकर आती बसें
एक बस की चेसिस करीब 15 लाख रुपये की है। चेसिस खरीदने के बाद डिपो की ओर से गुरुग्राम वर्कशॉप से बसें तैयार कराई जाती हैं। रोडवेज के एकाउंट अफसर राजकुमार कौशल के अनुसार करनाल डिपो में टाटा कंपनी की बसों का ही संचालन होता है। एचआरईसी के अधिकारियों ने चेसिस न होने की बात कही। अब नया बजट आने और चेसिस नंबर आने के बाद ही करनाल को बसें मिलेंगी।
58 चेसिस में करनाल का नहीं आया नंबर
फरवरी माह में एचआरईसी को 58 चेसिस जारी हुई थी, इनमें से एक भी चेसिस करनाल को नहीं मिली। पानीपत, जींद और कैथल को यह चेसिस अलॉट हुईं। रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग तीन डिपो को सारी चेसिस देने के बजाय सभी डिपो को बराबर अलॉट करनी चाहिए थी। या फिर जहां बसों की ज्यादा कमी है, वहां देनी चाहिए थी।

वर्जन- फोटो-- 61 नंबर है।
प्रदेश सरकार की ओर से रोडवेज के बेड़े में 800 नई बसें शामिल की जानी हैं। इनमें करनाल को 45 बसें मिलेंगी। पहले चरण में 10 बसों की चेसिस लेने के लिए बजट आया था। चेसिस न मिलने के कारण बजट लैप्स हो गया है। नई बसों आने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज करनाल डिपो
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