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आज से मंत्री-विधायकों के आवास पर डालेंगीं डेरा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से बातचीत के बाद भी जब समाधान नहीं निकला तो अब आंगनबाड़ी वर्कर्स ने आंदोलन और तेज करने का एलान कर दिया है। आज से आंगनबाड़ी वर्कर्स सभी मंत्री और विधायकों के आवास पर पड़ाव डालेंगी। दिन रात का डेरा डालकर रोष प्रकट किया जाएगा। वीरवार को भी शहर में रोष मार्च निकाला गया। नारेबाजी करतीं हुईं महिलाएं फव्वारा पार्क से शहीद मदन लाल ढींगड़ा चौक तक आईं।
वेतन बढ़ोतरी और कुशल व अकुशल कर्मचारी के दर्जे की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स की हड़ताल के वीरवार को 81 दिन बीत चुके हैं। वीरवार को धरने पर सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव जय भगवान, तालमेल कमेटी की नेता कृष्णा और मधु ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स के आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकती है। यदि अब भी समाधान नहीं हुआ तो तीन मार्च को हरियाणा विधानसभा की ओर कूच किया जाएगा, इसमें प्रदेश की सभी 52 हजार वर्कर्स और हेल्पर्स हिस्सा लेंगी। सरकार सीधा जवाब देने के बजाय लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
आज से हैंडबिल बांटेंगीं आंगनबाड़ी वर्कर्स
सरकार को मांगों का समाधान करना चाहिए। अन्यथा 25 फरवरी से 2 मार्च तक 10 लाख हैंडबिल घर-घर तक बांटे जाएंगे। तीन मार्च को हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स पंचकूला यामनिका पार्क पहुंचेंगीं और चंडीगढ़ विधानसभा की ओर कूच करेंगी। सरकार को अपनी चार साल पुरानी घोषणाओं को तुरंत लागू करना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से बढ़ी हुई वेतन की राशि प्रदेश सरकार जारी नहीं कर रही है।
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अब आंदोलन और तेज होगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हमारी तरफ से हर बार वार्ता के लिए उपस्थिति दर्ज कराई जाती है लेकिन सरकार नहीं समझ रही। - रीटा
सरकार ठेका कर्मचारियों के आश्रितों को साधारण मृत्यु पर तीन लाख रुपये दे सकती है लेकिन वर्कर हेल्पर को 40 साल सेवा के बाद भी लाभ नहीं मिला है। - रेखा
मुख्यमंत्री ने स्वयं 2018 में कुशल-अकुशल मजदूर का दर्जा देकर महंगाई भत्ता लागू करने की बात की थी। अब इस निर्णय से सरकार पीछे क्यों हट रही है। - सुनीता
सरकार को किए वादे पूरे करने होंगे। इतने कम वेतन में घर का गुजारा नहीं किया जा सकता, जितना सरकार देती है। हमारी मांगें कोई नई नहीं हैं। -ममता
बातचीत करके बीच का रास्ता निकाले सरकार
तरावड़ी। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व सदस्य हरियाणा पुलिस भर्ती बोर्ड राजेंद्र बल्ला ने कहा कि सरकार महिलाओं को सड़कों पर बैठने और संघर्ष करने को मजबूर कर रही है। सरकार को बातचीत करके मांगों का समाधान निकालना चाहिए।
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करनाल। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से बातचीत के बाद भी जब समाधान नहीं निकला तो अब आंगनबाड़ी वर्कर्स ने आंदोलन और तेज करने का एलान कर दिया है। आज से आंगनबाड़ी वर्कर्स सभी मंत्री और विधायकों के आवास पर पड़ाव डालेंगी। दिन रात का डेरा डालकर रोष प्रकट किया जाएगा। वीरवार को भी शहर में रोष मार्च निकाला गया। नारेबाजी करतीं हुईं महिलाएं फव्वारा पार्क से शहीद मदन लाल ढींगड़ा चौक तक आईं।
वेतन बढ़ोतरी और कुशल व अकुशल कर्मचारी के दर्जे की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स की हड़ताल के वीरवार को 81 दिन बीत चुके हैं। वीरवार को धरने पर सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव जय भगवान, तालमेल कमेटी की नेता कृष्णा और मधु ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स के आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकती है। यदि अब भी समाधान नहीं हुआ तो तीन मार्च को हरियाणा विधानसभा की ओर कूच किया जाएगा, इसमें प्रदेश की सभी 52 हजार वर्कर्स और हेल्पर्स हिस्सा लेंगी। सरकार सीधा जवाब देने के बजाय लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
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आज से हैंडबिल बांटेंगीं आंगनबाड़ी वर्कर्स
सरकार को मांगों का समाधान करना चाहिए। अन्यथा 25 फरवरी से 2 मार्च तक 10 लाख हैंडबिल घर-घर तक बांटे जाएंगे। तीन मार्च को हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स पंचकूला यामनिका पार्क पहुंचेंगीं और चंडीगढ़ विधानसभा की ओर कूच करेंगी। सरकार को अपनी चार साल पुरानी घोषणाओं को तुरंत लागू करना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से बढ़ी हुई वेतन की राशि प्रदेश सरकार जारी नहीं कर रही है।
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अब आंदोलन और तेज होगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हमारी तरफ से हर बार वार्ता के लिए उपस्थिति दर्ज कराई जाती है लेकिन सरकार नहीं समझ रही। - रीटा
सरकार ठेका कर्मचारियों के आश्रितों को साधारण मृत्यु पर तीन लाख रुपये दे सकती है लेकिन वर्कर हेल्पर को 40 साल सेवा के बाद भी लाभ नहीं मिला है। - रेखा
मुख्यमंत्री ने स्वयं 2018 में कुशल-अकुशल मजदूर का दर्जा देकर महंगाई भत्ता लागू करने की बात की थी। अब इस निर्णय से सरकार पीछे क्यों हट रही है। - सुनीता
सरकार को किए वादे पूरे करने होंगे। इतने कम वेतन में घर का गुजारा नहीं किया जा सकता, जितना सरकार देती है। हमारी मांगें कोई नई नहीं हैं। -ममता
बातचीत करके बीच का रास्ता निकाले सरकार
तरावड़ी। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व सदस्य हरियाणा पुलिस भर्ती बोर्ड राजेंद्र बल्ला ने कहा कि सरकार महिलाओं को सड़कों पर बैठने और संघर्ष करने को मजबूर कर रही है। सरकार को बातचीत करके मांगों का समाधान निकालना चाहिए।