फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Why is there a jam at the traffic lights... now a survey will be conducted

Karnal News: ट्रैफिक लाइटों पर जाम क्यों... अब होगा सर्वे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 02:31 AM IST
विज्ञापन
Why is there a jam at the traffic lights... now a survey will be conducted
गगन तलवार
विज्ञापन

करनाल। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चौराहों पर लगाई गई ट्रैफिक लाइटें ही जाम का कारण बन रही हैं। जाम की वजह इनकी समय सीमा है या कोई और कारण, इसे लेकर अब जिला प्रशासन की ओर से सर्वे कराया जाएगा। ताकि नए सिरे से ट्रैफिक लाइटों की समय सीमा निर्धारित की जा सके। इसके साथ ही अन्य कारणों को ढूंढकर भी समाधान के लिए नई योजना बनाई जाएगी।
सड़क सुरक्षा समिति की वीरवार को हुई बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह ने इसे लेकर निर्देश दिए हैं। शहर में कुल 28 चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगी हैं, यहां पर भविष्य में ऑटोमेटिक तरीके से ट्रैफिक संचालन की भी योजना है। इसके लिए भी प्रशासन की ओर से ट्रायल लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों के लिए आईटीआई चौक की ट्रैफिक व्यवस्था को ऑटोमेटिक किया जाएगा।
विज्ञापन

इस दौरान सीसीटीवी कैमरों और सेंसर की मदद से यातायात का संचालन होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में सभी चौराहों की ट्रैफिक लाइटों की समय सीमा मैन्युअल निर्धारित है। किसी चौराहे पर लाल बत्ती 60 सेकेंड तो किसी पर 80 सेकेंड की है। इसके अलावा कई चौराहों पर लाइटों को बंद भी किया हुआ है। इन्हें भी चलाया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एलईडी देगी सूचनाएं ः आईसीसीसी द्वारा शहर के चौराहों पर स्थापित एलईडी स्क्रीन और एड्रेसल सिस्टम से लोगों को नई जानकारी दी जाएगी। उपायुक्त ने सभी स्क्रीन को चलाने के निर्देश दिए हैं। यहां सड़क सुरक्षा नियमों को न केवल प्रदर्शित किया जाएगा बल्कि लाउडस्पीकर के माध्यम से नियमों के बारे में भी थोड़ी-थोड़ी देर में जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed