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जांच को पहुंची टीमें तो राइस मिलों में लगा मिला ताला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 02:03 AM IST
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when the team reached for investigation, the lock was found in the rice mill
सीएमआर के चावल की आपूर्ति के मामले में कई राइस मिलें फंसती नजर आ रही हैं। रविवार को अवकाश होने के बाद भी जिला प्रशासन और डीएफएससी द्वारा गठित टीमों ने फिजिकल वेरीफिकेशन किया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कई राइस मिलों में चावल की कमी मिली है, जिन्हें पूरा करना राइस मिलर्स के लिए मुश्किल हो रहा है। यही कारण है कि जब टीमें जांच के लिए पहुंची तो राइस मिलों पर ताला लगा मिला। मामले में एडीसी द्वारा गठित टीमों की रिपोर्ट सोमवार को सौंपे जाने की संभावना है तो डीएफएससी को टीमें जांच रिपोर्ट मंगलवार को सौंप सकती हैं।
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जिले की 313 राइस मिलों को सीएमआर का धान सौंपा गया था, जिसमें 192 को डीएफएससी ने धान दिया था। एडीसी अशोक कुमार बंसल ने 41 राइस मिलों का वेरीफिकेशन कराने के लिए सूची तैयार की थी। इस मामले की जांच छह टीमें कर रही हैं। रविवार को भी फिजिकल वेरीफिकेशन किया गया है। अब जांच टीमें रिपोर्ट सोमवार को एडीसी को सौंप सकती हैं। जबकि डीएफएससी की आठ टीमें 77 राइस मिलों में 60 और 90 प्रतिशत धान की आपूर्ति करने का दावा करने वाले राइस मिलों की जांच कर रही हैं। इनकी रिपोर्ट मंगलवार तक आने की संभावना है। विभागीय सूत्रों के अनुसार रविवार को जब जांच टीमें राइस मिलों पर जांच के लिए पहुंची तो कुछ राइस मिलों पर ताला पड़ा मिला। इससे वहां फिजिकल वेरीफिकेशन नहीं हो सका है। ऐसे में डीएफएससी उपायुक्त से उन राइस मिलों की चेकिंग के लिए ताला खोलने या तोड़ने की अनुमति लेने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही अभी तक 60 प्रतिशत से कम चावल की सप्लाई करने वाले 35 राइस मिलों की जानकारी मिल चुकी है। इनकी संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इधर, जिन राइस मिलों के पास चावल कम हैं, धान की कुटाई हो चुकी है, वह राइस मिलर्स परेशान हैं। क्योंकि अब जिला प्रशासन की नजर बाहर से भी चावल मंगाने पर टिक गई है, जिससे अब ना तो बाहर से चावल मंगा पा रहे हैं और ना ही कहीं और से चावल की आपूर्ति कर पा रहे हैं।
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अब सिर्फ दो दिन शेष, तिथि नहीं बढ़ने से राइस मिलर्स में बेचैनी
करनाल। हरियाणा राज्य में करीब 1300 राइस मिलों को 64 लाख मीट्रिक टन धान दिया गया था। इसमें करनाल जिले के 313 राइस मिलों को 12 लाख क्विंटल धान दिया गया था। जिसमें करनाल के मिलों को 8.10 लाख क्विंटल चावल देना है। इस बार चावल की आपूर्ति करना राइस मिलों को मुश्किल हो रहा है। इसलिए अब राइस मिलर्स की निगाहें चावल की आपूर्ति की तिथि बढ़ने की ओर लगी हैं। हालांकि अभी तक तिथि को बढ़ाया नहीं गया है।
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हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के उप प्रधान विनोद गोयल ने बताया कि पूरे हरियाणा राज्य में ही करीब 85 से 90 प्रतिशत चावल की सप्लाई दे दी गई है। निर्धारित समय पर सीएमआर का चावल आपूर्ति नहीं कर पाने की कई वजह हैं। पहले तो छह से 24 जून तक वारदाना नहीं मिला। इससे पहले 22 मार्च से लॉकडाउन हो जाने से कार्य प्रभावित हो गया। लेबर की कमी हो गई। ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं मिल सकी। इसके अलावा कई बार बारिश हो गई। जिसमें 25 से 30 फीसदी तक धान भीग जाने से उसका दाना काला हो गया। अप्रैल मई में 250 राइस मिलों को गेहूं पर्चेज सेंटर बना दिया गया। सरकार ने राइस मिलर्स की मांग पर चावल आपूर्ति का समय 30 जून से 15 जुलाई तक बढ़ाया था। अब मांग की जा रही है कि चावल आपूर्ति का समय 30 सितंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि रविवार की देर शाम तक सीएमआर के चावल के आपूर्ति करने की तिथि को नहीं बढ़ाया जा सका था। जबकि अंतिम तिथि में अब सिर्फ दो दिन ही शेष रह गए हैं, जिससे राइस मिलर्स की बेचैनी बढ़ गई है।

-राइस मिलर्स द्वारा सीएमआर का चावल आपूर्ति कराने की तिथि को नहीं बढ़ाया गया है। अभी तक जो स्थिति हैं, उसके अनुसार सभी राइस मिलर्स को निर्धारित तिथि 15 जुलाई तक ही शत प्रतिशत चावल की आपूर्ति करनी होगी।
-डॉ. घनश्याम दास, डिप्टी डायरेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।
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