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Karnal News: जब फफक-फफक कर रोए तो मिली सहानुभूति से बन गए थे विधायक

Wed, 08 May 2024 03:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 08 May 2024 03:29 AM IST
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When he cried bitterly, he got sympathy and became MLA.
नरेंद्र राणा
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पूंडरी/कैथल। पूंडरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर सिंह गोलन ने वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर पूंडरी से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी थी और वे हार गए थे।
इसके बाद जब वर्ष 2019 में भाजपा ने उनका टिकट काटा तो वे भाजपा से खफा होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। जब आजाद उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोकी और पूंडरी में अपने समर्थकों के सामने फफक फफक कर रोए। इस दौरान गोलन की पत्नी व दोनों बेटे भी लोगों के सामने फफकते हुए नजर आए। गोलन के आंसुओं को लोगों ने जाया नहीं जाने दिया, फिर उन्हें सहानुभूति मिली और वे विधायक बन गए।
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पूंडरी हलके की जनता भी प्रदेश की सभी विधानसभाओं से बिल्कुल अलग है। वर्ष 2014 में जहां पूरे प्रदेश में भाजपा की लहर चलने के बावजूद गोलन को चुनाव में हरा दिया और वर्ष 2019 में टिकट कटने बावजूद भारी बहुमत के साथ जीता दिया। पूंडरी हलके की जनता एक बार फिर साबित कर दिया था कि पूंडरी हलके की जनता किसी पार्टी के टिकट की मोहताज नहीं। नियति का खेल देखिए टिकट कटने पर गोलन ने भाजपा पर जमकर भड़ास निकाली।
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यहां तक की उनके समर्थकों ने भाजपा के झंडे तक जलाए और फिर 14वीं विधानसभा मेंं भाजपा को समर्थन देकर भाजपा के कुनबे का हिस्सा भी बन गए। इस दौरान पूर्व सीएम मनोहर लाल ने उन पर अपना आशीर्वाद बनाया तो वे पहले हरियाणा पर्यटन विभाग के चेयरमैन और फिर हरियाणा पशुधन विभाग के चेयरमैन नियुक्त हुए।

हालांकि विधायक रणधीर गोलन इन दोनों चेयरमैनी से कभी संतुष्ट नजर नहीं आए, लेकिन फिर भी भाजपा को समर्थन देने के मामला हो या फिर विश्वासमत हासिल करना हो सबसे आगे भी रहे। हालांकि रणधीर गोलन ने हलके में खूब विकास कार्य भी करवाए, लेकिन भाजपा के साथ आंख-मिचौली वाला खेल जारी रहा। खेल तो तब बिगडऩा शुरू हुआ जब गोलन को पशुधन की चेयरमैनी से भी हाथ धोना पड़ा। संवाद

वर्ष 2000, 2004, 2014 में हुई थी हार

विधायक रणधीर सिंह गोलन पिछले लगभग 35 वर्षों से राजनीति में है और भाजपा में रहे। तीन चुनाव हारने के बाद गोलन वर्ष 2019 में निर्दलीय विधायक बने।
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