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पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ता है तो प्रभु लेते हैं अवतार : स्वामी शाश्वत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jun 2025 02:13 AM IST
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When atrocities increase on earth then God takes incarnation: Swami Shashwat
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। सेक्टर 14 के श्रीकृष्ण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। गोदा विहार मंदिर वृदांवन के पीठाधीश्वर महंत स्वामी शाश्वत आचार्य ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है।
जब धरा पर मथुरा के राजा कंस के अत्याचार अत्यधिक बढ़ गए, तब धरती की करुण पुकार सुनकर श्री हरि विष्णु ने देवकी माता के अष्टम पुत्र के रूप में भगवान श्री कृष्ण के रूप में जन्म लिया। श्री कृष्ण ने गोपियों के घर से न केवल माखन चुराया अर्थात सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया। प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा हैं। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थय को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।
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इसी प्रकार त्रेतायुग में लंकापति रावण के अत्याचारों से जब धरा डोलने लगी तब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने जन्म लिया। इस अवसर पर आचार्य ने कहा कि आज भारत का युवा विदेश की ओर आकर्षित हो रहा है, ये हमारी संस्कृति के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हमारे युवा हमारी धरोहर और संस्कृति को भूल कर विदेशी संस्कृति की ओर जुड़ गए हैं, इससे हमें उन्हें बाहर निकालना होगा।
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