फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Wheat production affected due to early summer, loss of up to ten thousand per acre

गर्मी जल्द शुरू होने से गेहूं उत्पादन प्रभावित, प्रति एकड़ दस हजार तक का घाटा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 02:30 AM IST
विज्ञापन
Wheat production affected due to early summer, loss of up to ten thousand per acre
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। समय से 15 दिन पहले भीषण गर्मी शुरू होने का प्रभाव गेहूं की फसल पर भी पड़ा है। किसानों का कहना है कि इस बार पांच से छह क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार में कमी आई है। यानी किसानों को कम से कम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ तक का नुकसान हो रहा है। किसानों ने प्रदेश सरकार से मदद की मांग की है।
कुंजपुरा अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे महमदपुर गांव के किसान ओमप्रकाश व नलवी खुर्द के अतर सिंह ने बताया कि औसतन हर साल 22 से 24 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं निकलता है, लेकिन इस पूरे क्षेत्र में इस बार 17 से 19 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की पैदावार निकली है। प्रति एकड़ पर पांच से छह क्विंटल की हानि हो रही है। लागत भी उतनी ही लगी है। नलवीखुर्द के गुरदयाल, जोगिंद्र सिंह कुंजपुरा ने बताया कि 2015 रुपये प्रति क्विंटल रेट है। 17 क्विंटल औसतन 34 हजार रुपये का हुआ, जबकि इस पर करीब 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत भी है। नलवी खुर्द के किसान मलखान सिंह ने 60 हजार रुपये प्रति वर्ष प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ठेके पर ली थी। छमाही का ठेका 30 हजार रुपये हुआ, लागत सहित गेहूं प्रति एकड़ करीब 44 हजार रुपये पड़ा। कुछ और खर्च भी होता है, जैसे गेहूं कटाई कराकर मंडी तक लाने का। ऐसे में ठेके पर जमीन लेकर गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ दस हजार रुपये का सीधा घाटा हो रहा है। इस पर छह महीने की किसान की मेहनत भी बेकार चली गई, दस हजार रुपये भी जेब से भरने पड़ेंगे। बहुत से किसानों ने कर्ज लेकर गेहूं का उत्पादन किया है, घाटे के बाद और कर्जदार हो जाएंगे।
विज्ञापन

गेहूं की फसल बिल्कुल ठीक थी, उससे काफी उम्मीदें भी थी, लेकिन मार्च के अंतिम पखवाड़े से अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक भीषण गर्मी होने के कारण गेहूं समय से पहले पक गया। अधिकतम तापमान के कारण गेहूं की बालियां समय से सूख गई हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है। किसानों की मांग है कि सरकार को गेहूं उत्पादन की गिरदावरी कराकर किसानों की आर्थिक मदद करनी चाहिए, क्योंकि यह काफी बड़ा घाटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed