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गेहूं को आग से बचाने के लिए कसी कमर
पानीपत
Updated Sun, 23 Mar 2014 10:43 PM IST
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गेहूं की फसल की कटाई का सीजन शुरू होने से पहले ही दमकल विभाग ने कमर कस ली है। किसानाें की फसल को आगे से बचाने के लिए विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग के अनुसार आग लगने की घटनाआें पर पैनी निगाह रखी जाएगी। खेतों में किसानों का सोना पकना शुरू हो गया है।
फसल की कटाई के दौरान आग लगने की आशंकाएं रहती हैं। आने वाले सीजन में आग से कोई बड़ी घटना न हो पाए, इसके लिए दमकल विभाग ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी है। जिला के कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां पर दमकल विभाग का कार्यालय नहीं है और ये जिला कार्यालय से भी दूर पड़ते हैं। इनमें इसराना, मतलौडा व बापौली खंड हैं। इन सभी ब्लॉकों में दमकल विभाग अपनी दो-दो गाड़ियां खड़ी करेगा। इस समय दमकल विभाग के पास चालू हालत में 11 दमकल गाड़ियां हैं। इनमें 10-10 हजार लिटर पानी की क्षमता वाली चार वाटर बाउजर, पांच-पांच हजार लिटर की क्षमता वाली वाटर टेंडर, दो-दो हजार की स्माल टेंडर, एक फोम टेंडर और एक वाटर मिस्ट यूनिट है। स्मॉल टेंडर की मुख्य विशेषता यह है कि इसे तंग रास्तों व गलियाें में ले जाना आसान होता है। सीजन के दौरान बड़ी घटना होने पर थर्मल, रिफाइनरी, जेपी सीमेंट व एनएफएल से भी सहायता ली जा सकती है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो विभाग हर तरह से सतर्क रहेगा।
85 हजार हेक्टेयर फसल
जिले में गेहूं की फसल का रकबा 85 हजार हेक्टेयर है। किसानों को उम्मीद है कि इस बार रिकार्डतोड़ पैदावार होगी। आग की घटना किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। पिछले कई सीजन से निरंतर आग की घटनाएं कम हो रही हैं। आग से फसल जलने की घटनाओं के कम होने के कई कारण हैं। मशीन से फसल की कटाई, अवशेषों से भूसा बनवाना, दिन के समय कट रहना व खेतों में बीड़ी सिगरेट कम पीना है।
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गेहूं की फसल का सीजन शुरू होने से पहले विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसराना, मतलौडा व बापौली में दो-दो गाड़ियां खड़ी करने के लिए कमिश्नर से इजाजत मांगी जाएगी। किसानाें की सुविधाआें का हर तरह से ख्याल रखा जाएगा।
एसएस नरवाल, जिला अधिकारी, दमकल विभाग, पानीपत
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फसल की कटाई के दौरान आग लगने की आशंकाएं रहती हैं। आने वाले सीजन में आग से कोई बड़ी घटना न हो पाए, इसके लिए दमकल विभाग ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी है। जिला के कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां पर दमकल विभाग का कार्यालय नहीं है और ये जिला कार्यालय से भी दूर पड़ते हैं। इनमें इसराना, मतलौडा व बापौली खंड हैं। इन सभी ब्लॉकों में दमकल विभाग अपनी दो-दो गाड़ियां खड़ी करेगा। इस समय दमकल विभाग के पास चालू हालत में 11 दमकल गाड़ियां हैं। इनमें 10-10 हजार लिटर पानी की क्षमता वाली चार वाटर बाउजर, पांच-पांच हजार लिटर की क्षमता वाली वाटर टेंडर, दो-दो हजार की स्माल टेंडर, एक फोम टेंडर और एक वाटर मिस्ट यूनिट है। स्मॉल टेंडर की मुख्य विशेषता यह है कि इसे तंग रास्तों व गलियाें में ले जाना आसान होता है। सीजन के दौरान बड़ी घटना होने पर थर्मल, रिफाइनरी, जेपी सीमेंट व एनएफएल से भी सहायता ली जा सकती है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो विभाग हर तरह से सतर्क रहेगा।
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85 हजार हेक्टेयर फसल
जिले में गेहूं की फसल का रकबा 85 हजार हेक्टेयर है। किसानों को उम्मीद है कि इस बार रिकार्डतोड़ पैदावार होगी। आग की घटना किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। पिछले कई सीजन से निरंतर आग की घटनाएं कम हो रही हैं। आग से फसल जलने की घटनाओं के कम होने के कई कारण हैं। मशीन से फसल की कटाई, अवशेषों से भूसा बनवाना, दिन के समय कट रहना व खेतों में बीड़ी सिगरेट कम पीना है।
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गेहूं की फसल का सीजन शुरू होने से पहले विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसराना, मतलौडा व बापौली में दो-दो गाड़ियां खड़ी करने के लिए कमिश्नर से इजाजत मांगी जाएगी। किसानाें की सुविधाआें का हर तरह से ख्याल रखा जाएगा।
एसएस नरवाल, जिला अधिकारी, दमकल विभाग, पानीपत