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Karnal News: बदलेगा मौसम, तेज हवा के साथ बारिश के आसार
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फरवरी में बढ़े तापमान के बीच राहत की खबर है। लंबे अंतराल के बाद दो पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक दे दी है। जो 28 फरवरी से तीन मार्च के बीच मौसम का मिजाज बदल सकते हैं। तेज हवाओं के बीच हल्की बारिश की भी संभावना उत्पन्न हो गई है। इसलिए किसानों को गेहूं की सिंचाई रोक देने की सलाह दी गई है। जिससे तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी, जो गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हो सकती है।
फरवरी की बढ़ती गर्मी से पूरे देशभर के वैज्ञानिक चिंतित हैं। केंद्र सरकार को मौसम के प्रभाव को कम करने की उच्च स्तरीय कमेटी तक का गठन करना पड़ा है लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की जिला कृषि मौसम सेवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.योगेश कुमार ने बताया कि करनाल में सर्दियों का मौसम लगभग सूखा ही गुजरा है। अब सर्दियों के अंतिम दिनों में दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से 28 फरवरी से तीन मार्च के बीच करनाल का मौसम बदल सकता है। जिले के अधिकतर इलाकों मे आंधी-बारिश की गतिविधियां होने की संभावना दिखने लगी है।
उन्होंने बताया कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तरी पाकिस्तान पर मौजूद है। जिसके कारण लद्दाख, जम्मू कश्मीर में बारिश हो सकती है। एक नया मध्यम दर्जे का पश्चिमी विक्षोभ 28 फरवरी से उत्तर भारत की तरफ आएगा। ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ की हवाओं से प्रेरित परिसंचरण क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी/पश्चिमी राजस्थान पर विकसित होगा। यही कारण है कि 27 फरवरी को करनाल में मौसम लगभग साफ लेकिन आशिंक बादलवाही के साथ हल्का गर्म रह सकता है लेकिन 28 फरवरी से तीन मार्च से नए पश्चिमी विक्षोभ के बादलों का आना शुरू हो जाएगा। इस दौरान तेज़ हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
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इसलिए परिवर्तनशील मौसम की संभावना को देखते हुए किसानों को गेहूं की फसल में सिंचाई व निराई गुड़ाई रोक देनी चाहिए। सब्जियों व फलदार पौधों में सिंचाई, निराई -गुड़ाई व कीट रोगों की रोकथाम के लिए स्प्रे रोक देना चाहिए। चने की फसल में सूंडी की विशेष निगरानी रखें।
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करनाल। फरवरी में बढ़े तापमान के बीच राहत की खबर है। लंबे अंतराल के बाद दो पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक दे दी है। जो 28 फरवरी से तीन मार्च के बीच मौसम का मिजाज बदल सकते हैं। तेज हवाओं के बीच हल्की बारिश की भी संभावना उत्पन्न हो गई है। इसलिए किसानों को गेहूं की सिंचाई रोक देने की सलाह दी गई है। जिससे तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी, जो गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हो सकती है।
फरवरी की बढ़ती गर्मी से पूरे देशभर के वैज्ञानिक चिंतित हैं। केंद्र सरकार को मौसम के प्रभाव को कम करने की उच्च स्तरीय कमेटी तक का गठन करना पड़ा है लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की जिला कृषि मौसम सेवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.योगेश कुमार ने बताया कि करनाल में सर्दियों का मौसम लगभग सूखा ही गुजरा है। अब सर्दियों के अंतिम दिनों में दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से 28 फरवरी से तीन मार्च के बीच करनाल का मौसम बदल सकता है। जिले के अधिकतर इलाकों मे आंधी-बारिश की गतिविधियां होने की संभावना दिखने लगी है।
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उन्होंने बताया कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तरी पाकिस्तान पर मौजूद है। जिसके कारण लद्दाख, जम्मू कश्मीर में बारिश हो सकती है। एक नया मध्यम दर्जे का पश्चिमी विक्षोभ 28 फरवरी से उत्तर भारत की तरफ आएगा। ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ की हवाओं से प्रेरित परिसंचरण क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी/पश्चिमी राजस्थान पर विकसित होगा। यही कारण है कि 27 फरवरी को करनाल में मौसम लगभग साफ लेकिन आशिंक बादलवाही के साथ हल्का गर्म रह सकता है लेकिन 28 फरवरी से तीन मार्च से नए पश्चिमी विक्षोभ के बादलों का आना शुरू हो जाएगा। इस दौरान तेज़ हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
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इसलिए परिवर्तनशील मौसम की संभावना को देखते हुए किसानों को गेहूं की फसल में सिंचाई व निराई गुड़ाई रोक देनी चाहिए। सब्जियों व फलदार पौधों में सिंचाई, निराई -गुड़ाई व कीट रोगों की रोकथाम के लिए स्प्रे रोक देना चाहिए। चने की फसल में सूंडी की विशेष निगरानी रखें।