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Karnal News: मेडिकल कॉलेज सहित 70 जगहों का पानी पीने लायक नहीं
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- जिले के 15 से अधिक गांवों से लिए गए पानी के नमूने भी फेल
- पिछले वर्ष से दोगुना दूषित मिला पानी, लीवर व किडनी को संक्रमण का खतरा
- पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के थमाए नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के एडमिन ब्लॉक, ओपीडी-आईपीडी, बॉयज व गर्ल्स हॉस्टल मैस, टीचिंग ब्लॉक, लाइब्रेरी सहित जिले के 70 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। इन 70 जगहों में से 15 से अधिक गांव भी हैं। क्योंकि हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला करनाल में जांच के लिए आए पानी के नमूने फेल मिले हैं। जिन जगहों पर नमूने फेल मिले हैं, उन्हें लैब की ओर से पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने मई माह में विभिन्न ट्यूबवेलों के 166 पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 57 नमूने अनफिट और 13 में हाइपर क्लोरीन यानि पानी में क्लोरीन की अधिक मात्रा मिली है। प्रयोगशाला की ओर से नोटिस जारी कर तुरंत प्रभाव से पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
मई 2023 के नमूनों की बात करें तो 171 नमूनों की लैब में जांच की गई। जिनमें से 36 फेल और सात में क्लोरीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा मिली थीं यानी मई 2023 के मुकाबले मई 2024 में ज्यादा लोगों के घरों में दूषित पानी की आपाूर्ति हो रही है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरीन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उसमें क्लोरीन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने के लिए कहा गया था। जांच में सबसे अधिक कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सैंपल फेल मिले हैं।
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इसके अलावा राजकीय प्राइमरी स्कूल प्रेमनगर, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रेमनगर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (लड़के), बसंत विहार, सेक्टर-चार, पांच व छह और गांवों में भादसो, बुटान खेड़ी, सरवन माजरा, मुंढोगढ़ी, कुंजपुरा, महमदपुर, शाहपुर, नेवल, पाढ़ा व घीड़ शामिल हैं।
आगामी 15 दिनों तक पानी उबालकर पीएं
एमडी माइक्रोबायोलॉजी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरीन आए हैं। उन्हें करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से अपने आपको बचा सकते हैं नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया, लीवर, किडनी के इन्फेक्शन सहित अन्य बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
पानी की गुणवत्ता में सुधार के दिए नोटिस
प्रयोगशाला ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही जून व जुलाई माह में ज्यादा से ज्यादा पेयजल नमूनों की जांच करवाने के भी निर्देश जारी किए हैं। जिससे गर्मी के मौसम में दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों से लोगों का बचाव किया जा सके। गर्मी के मौसम में विशेषकर दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों से बचने की आवश्यकता है।
- डॉ. राजीव कुमार, एमडी, पैथालॉजी, हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला, करनाल
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- पिछले वर्ष से दोगुना दूषित मिला पानी, लीवर व किडनी को संक्रमण का खतरा
- पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के थमाए नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के एडमिन ब्लॉक, ओपीडी-आईपीडी, बॉयज व गर्ल्स हॉस्टल मैस, टीचिंग ब्लॉक, लाइब्रेरी सहित जिले के 70 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। इन 70 जगहों में से 15 से अधिक गांव भी हैं। क्योंकि हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला करनाल में जांच के लिए आए पानी के नमूने फेल मिले हैं। जिन जगहों पर नमूने फेल मिले हैं, उन्हें लैब की ओर से पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने मई माह में विभिन्न ट्यूबवेलों के 166 पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 57 नमूने अनफिट और 13 में हाइपर क्लोरीन यानि पानी में क्लोरीन की अधिक मात्रा मिली है। प्रयोगशाला की ओर से नोटिस जारी कर तुरंत प्रभाव से पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
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मई 2023 के नमूनों की बात करें तो 171 नमूनों की लैब में जांच की गई। जिनमें से 36 फेल और सात में क्लोरीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा मिली थीं यानी मई 2023 के मुकाबले मई 2024 में ज्यादा लोगों के घरों में दूषित पानी की आपाूर्ति हो रही है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरीन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उसमें क्लोरीन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने के लिए कहा गया था। जांच में सबसे अधिक कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के सैंपल फेल मिले हैं।
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इसके अलावा राजकीय प्राइमरी स्कूल प्रेमनगर, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रेमनगर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (लड़के), बसंत विहार, सेक्टर-चार, पांच व छह और गांवों में भादसो, बुटान खेड़ी, सरवन माजरा, मुंढोगढ़ी, कुंजपुरा, महमदपुर, शाहपुर, नेवल, पाढ़ा व घीड़ शामिल हैं।
आगामी 15 दिनों तक पानी उबालकर पीएं
एमडी माइक्रोबायोलॉजी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरीन आए हैं। उन्हें करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से अपने आपको बचा सकते हैं नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया, लीवर, किडनी के इन्फेक्शन सहित अन्य बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
पानी की गुणवत्ता में सुधार के दिए नोटिस
प्रयोगशाला ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही जून व जुलाई माह में ज्यादा से ज्यादा पेयजल नमूनों की जांच करवाने के भी निर्देश जारी किए हैं। जिससे गर्मी के मौसम में दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों से लोगों का बचाव किया जा सके। गर्मी के मौसम में विशेषकर दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों से बचने की आवश्यकता है।
- डॉ. राजीव कुमार, एमडी, पैथालॉजी, हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला, करनाल