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Karnal News: आंगनबाड़ी केंद्र में छत से टपकता है पानी, कई साल से बंद हैं शाैचालय
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मानसी मौर्य
करनाल। सरकार एक ओर आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत कर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण व प्रारंभिक शिक्षा देने की बात कर रही है वहीं निसिंग क्षेत्र का एक आंगनबाड़ी केंद्र पिछले कई वर्षों से बदहाल है। केंद्र का भवन जर्जर हो चुका है। न तो यहां बच्चों के बैठने के लिए सुरक्षित व्यवस्था है और न ही पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल।
निसिंग में बरास रोड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता रानी ने बताया कि केंद्र का पिछले पांच साल से फर्श टूटा हुआ है, शौचालय शुरू ही नहीं किए हैं। केंद्र में सीवरेज की हालत भी खराब है। छत से बारिश में पानी टपकता है। केंद्र में मेन गेट ही नहीं लगाया है, जिस कारण जानवर व शराबी लोग केंद्र में भी घुस आते हैं व कई सामान चोरी होने का खतरा बन रहता है।
उन्होंने बताया कि के दिनों में कमरे में चारों ओर पानी फैल जाता है। ऐसे में बच्चों को बैठाना तो दूर, उन्हें केंद्र में रोक पाना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार पानी टपकने के कारण पढ़ाई पूरी तरह से बंद करनी पड़ती है। केंद्र में रोजाना 20 से 25 छोटे बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं।
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-एक ही कमरे में पढ़ाई, खाना भी वहीं पकता
उन्होंने बताया कि केंद्र में अलग से रसोई की कोई व्यवस्था नहीं है। एक कमरा है, उसी में पढ़ाई और खाना बनाया जाता है और भोजन वितरण भी होता है। धुएं, गर्म बर्तनों और सीमित जगह के कारण बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है।
वर्जन
पिछले कई माह से जिला परिषद को मरम्मत के लिए बजट की मांग भेजी है। सरकार की ओर से जैसे ही बजट आता है जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों व प्ले स्कूल की मरम्मत कराई जाएगी। इस माह के अंत तक उम्मीद है कि सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बजट आ जाएगा और काम शुरू होगा। -सुदेश, सीडीपीओ ब्लॉक निसिंग
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करनाल। सरकार एक ओर आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत कर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण व प्रारंभिक शिक्षा देने की बात कर रही है वहीं निसिंग क्षेत्र का एक आंगनबाड़ी केंद्र पिछले कई वर्षों से बदहाल है। केंद्र का भवन जर्जर हो चुका है। न तो यहां बच्चों के बैठने के लिए सुरक्षित व्यवस्था है और न ही पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल।
निसिंग में बरास रोड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता रानी ने बताया कि केंद्र का पिछले पांच साल से फर्श टूटा हुआ है, शौचालय शुरू ही नहीं किए हैं। केंद्र में सीवरेज की हालत भी खराब है। छत से बारिश में पानी टपकता है। केंद्र में मेन गेट ही नहीं लगाया है, जिस कारण जानवर व शराबी लोग केंद्र में भी घुस आते हैं व कई सामान चोरी होने का खतरा बन रहता है।
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उन्होंने बताया कि के दिनों में कमरे में चारों ओर पानी फैल जाता है। ऐसे में बच्चों को बैठाना तो दूर, उन्हें केंद्र में रोक पाना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार पानी टपकने के कारण पढ़ाई पूरी तरह से बंद करनी पड़ती है। केंद्र में रोजाना 20 से 25 छोटे बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं।
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-एक ही कमरे में पढ़ाई, खाना भी वहीं पकता
उन्होंने बताया कि केंद्र में अलग से रसोई की कोई व्यवस्था नहीं है। एक कमरा है, उसी में पढ़ाई और खाना बनाया जाता है और भोजन वितरण भी होता है। धुएं, गर्म बर्तनों और सीमित जगह के कारण बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है।
वर्जन
पिछले कई माह से जिला परिषद को मरम्मत के लिए बजट की मांग भेजी है। सरकार की ओर से जैसे ही बजट आता है जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों व प्ले स्कूल की मरम्मत कराई जाएगी। इस माह के अंत तक उम्मीद है कि सुविधाओं को बेहतर करने के लिए बजट आ जाएगा और काम शुरू होगा। -सुदेश, सीडीपीओ ब्लॉक निसिंग