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Karnal News: गलत खान-पान से युवाओं में बढ़ रही यूरिक एसिड
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करनाल। बारिश के मौसम में लोगों की खानपान की आदतें बदल रही हैं और इसका असर सेहत पर पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 मरीज यूरिक एसिड से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, जलन, खासकर पैर के अंगूठे के जोड़ में तकलीफ आदि आम लक्षण बन चुके हैं। चौकाने वाली बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक के अनुसार, 7 मिलीग्राम प्रति डेसिलीटर से अधिक यूरिक एसिड लेवल गॉउट और किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि मरीजों में सूजन, दर्द, जोड़ों में अकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि मानसून में तली चीजों का अधिक सेवन, डाइजेशन की समस्या और कब्ज बढ़ा रहा है जिसके कारण यूरिक एसिड बढ़ रहा है। इसके साथ ही मानसून में पानी कम पीना भी कारण बन रहा है। डॉ. कार्तिक ने बताया कि अधिकतर मरीजों को यूरिक एसिड बढ़ने की जानकारी तब मिलती है, जब दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे में समय पर जांच और डाइट में बदलाव बेहद जरूरी है।
ये चीजें बढ़ा रहीं परेशानी
यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। खासतौर पर बारिश के मौसम में तली-भुनी चीजों का अत्यधिक सेवन, शरीर में पानी की कमी, और प्रोटीन या प्यूरिन युक्त चीजें जैसे रेड मीट, दालें, मटर, मशरूम और शराब का सेवन प्रमुख कारण बनते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक भूखे रहना या क्रैश डाइट भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है।
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बचाव के उपाय
दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीएं ताकि यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकल सके। भोजन में हल्की और सुपाच्य चीजें शामिल करें जैसे उबली सब्जियां, फल और फाइबर युक्त आहार। तली-भुनी चीजों और फास्ट फूड से परहेज करें। नियमित रूप से हल्का व्यायाम, सैर या योग जरूर करें। समय-समय पर रक्त की जांच करा यूरिक एसिड के स्तर पर निगरानी रखना जरूरी है, ताकि कोई जटिलता न हो।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक के अनुसार, 7 मिलीग्राम प्रति डेसिलीटर से अधिक यूरिक एसिड लेवल गॉउट और किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि मरीजों में सूजन, दर्द, जोड़ों में अकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि मानसून में तली चीजों का अधिक सेवन, डाइजेशन की समस्या और कब्ज बढ़ा रहा है जिसके कारण यूरिक एसिड बढ़ रहा है। इसके साथ ही मानसून में पानी कम पीना भी कारण बन रहा है। डॉ. कार्तिक ने बताया कि अधिकतर मरीजों को यूरिक एसिड बढ़ने की जानकारी तब मिलती है, जब दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे में समय पर जांच और डाइट में बदलाव बेहद जरूरी है।
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ये चीजें बढ़ा रहीं परेशानी
यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। खासतौर पर बारिश के मौसम में तली-भुनी चीजों का अत्यधिक सेवन, शरीर में पानी की कमी, और प्रोटीन या प्यूरिन युक्त चीजें जैसे रेड मीट, दालें, मटर, मशरूम और शराब का सेवन प्रमुख कारण बनते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक भूखे रहना या क्रैश डाइट भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है।
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बचाव के उपाय
दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीएं ताकि यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकल सके। भोजन में हल्की और सुपाच्य चीजें शामिल करें जैसे उबली सब्जियां, फल और फाइबर युक्त आहार। तली-भुनी चीजों और फास्ट फूड से परहेज करें। नियमित रूप से हल्का व्यायाम, सैर या योग जरूर करें। समय-समय पर रक्त की जांच करा यूरिक एसिड के स्तर पर निगरानी रखना जरूरी है, ताकि कोई जटिलता न हो।