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संयुक्त किसान मोर्चा ठोस निर्णय ले, वर्ना हरियाणा बनाएगा अलग रणनीति : चढ़ूनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 02:17 AM IST
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United Kisan Morcha should take concrete decisions, otherwise Haryana will make a different strategy: Chadhuni
माई सिटी रिपोर्टर
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घरौंडा (करनाल)। किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को घरौंडा नई अनाज मंडी में भाकियू, संयुक्त किसान मोर्चा समेत विभिन्न किसान संगठनों की संयुक्त महापंचायत में तीन बड़े फैसले लिए गए।
पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए भाकियू (चढ़ूनी) प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि लाठीचार्ज के दोषी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों पर छह सितंबर तक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही शहीद किसान को 25 लाख और घायलों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, अन्यथा सात सितंबर को करनाल अनाज मंडी में राज्यस्तरीय महापंचायत करके उसी दिन से लघु सचिवालय का अनिश्चितकालीन घेराव शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही तीसरे फैसले के लिए हरियाणा स्तर के किसानों की पंचायत करके यहां के लोगों की भावनाओं से संयुक्त किसान मोर्चा को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि अब सब्र की इंतहा हो गई है। संयुक्त किसान मोर्चा को अब कोई ठोस निर्णय लेना ही होगा। अन्यथा हरियाणा अलग बैठक करके रणनीति तय करेगा।
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महापंचायत के लिए सुबह से ही घरौंडा अनाज मंडी में हरियाणा के विभिन्न जिलों से किसानों का पहुंचना शुरू हो गया था। दो दर्जन से अधिक संगठनों, खाप पंचायतों से जुड़े लोगों सहित तय समय तक हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए। गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अध्यक्षता और जगदीप औलख के संचालन में महापंचायत शुरू हुई। मंच पर सबसे आगे घायल किसानों को स्थान दिया गया। मृतक किसान सुशील काजल का फोटो भी रखा गया। रामपाल चहल, पूनम पंडित, राजेंद्र आर्य दादूपुर, सुमन हुड्डा, मनोज सेहरावत, बल्देव सिंह, अभिमन्यु कुहाड़, कमलजीत सिंह, वीरेंद्र नरवाल सहित अन्य किसान नेताओं ने लाठीचार्ज के लिए हरियाणा व केंद्र सरकार को जमकर कोसा। रायपुर जाटान के किसान सुशील काजल की मौत लाठीचार्ज से होने की बात कहते हुए किसानों ने एसडीएम आयुष सिन्हा और एक पुलिस इंस्पेक्टर को आरोपी ठहराया। साथ ही हत्या का केस दर्ज करने और उनकी बर्खास्तगी की मांग उठाई। इस दौरान किसानों ने घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण को भी सुधरने की चेतावनी देते हुए कहा कि किसान यदि अपनी पर आ गए तो उन्हें छिपने की भी जगह नहीं मिलेगी। करीब तीन बजे तक चली महापंचायत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने मंचासीन पदाधिकारियों के साथ गुफ्तगू व सुझावों के आधार पर तीन फैसले किए, जिसे उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बताया। यह भी कहा कि वह लाठीचार्ज से घबराने वाले नहीं हैं और भाजपा नेताओं, मंत्रियों का विरोध लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री फिर करनाल आएंगे तो फिर विरोध किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मंगलवार को शाहाबाद आ रहे हैं, उनका भी पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा। उन्होंने 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान रैली में भी किसानों को पहुंचने का न्योता दिया।
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