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असंध के अस्पताल में फायरिंग करने वाले दो शूटर मुठभेड़ के बाद काबू
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350-मीनाक्षी अस्पताल असंध पर फायरिंग करने वाले दो मुख्य शार्प शूटर जींद में मुठभेड़ के दौरान करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। असंध के मीनाक्षी अस्पताल में दिनदहाड़े फायरिंग करने वाले दो शार्प शूटर और पुलिस के बीच शनिवार की रात जींद के निर्जन और पिंडारा गांव के मध्य मुठभेड़ हो गई। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में सीआईए टू के प्रभारी बाल-बाल बच गए। बदमाशों की गोली उनकी कार में लगी। इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के हाथ में और दूसरे की टांग में गोली लगी। जख्मी हालत में दोनों बदमाशों को जींद के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार आठ जुलाई को दिन के समय असंध स्थित मीनाक्षी अस्पताल के अंदर और बाहर बाइक सवार तीन बदमाशों ने फायरिंग की थी। मामले में जांच के लिए एसपी गंगाराम पूनिया ने एसआईटी का गठन किया था। सीआईए टू इंचार्ज निरीक्षक मोहनलाल ने बताया कि उनकी दो टीमें गोलीबारी करने वाले मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही थीं। इस संबंध में 16 जुलाई को उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि जिन बदमाशों ने मीनाक्षी अस्पताल के बाहर और अंदर गोलियां बरसाई थी, वह दोनों जींद में गांव निर्जन से पिंडारा जाने वाली सड़क पर मौजूद हैं और उनके पास असलहे भी हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने रात के करीब बारह बजे बदमाशों की घेरेबंदी की। इस दौरान दोनों आरोपी एक मकान की छत पर थे। पुलिस ने चारों तरफ से मकान को घेर लिया।
इसके बाद आरोपियों ने छत से कूदकर भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। गोली पुलिस गाड़ी के सामने वाले शीशे तो भेदती हुई सीआईए-टू इंचार्ज के कान के पास से पीछे सीट पर जा लगी। तभी पुलिस की दूसरी टीम ने बदमाशों को आगे से घेर लिया और एसआई सुरेंद्र ने हवाई फायर किया। इस पर एक बदमाश ने एसआई सुरेंद्र की तरफ भी फायर कर दिया। इसके बाद एसआई सुरेंद्र की ओर से की फायरिंग में एक बदमाश को टांग में और दूसरे के हाथ में गोली लगी। इसके बाद दोनों बदमाशों को काबू कर लिया गया और इलाज के लिए जींद के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
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श्री गंगानगर में पेट्रोल पंप संचालक की हत्या में भी आरोपी है धरा गया बदमाश
पकड़े गए शार्प शूटर में मोहित उर्फ मोहिता निवासी सुखवाबाद थाना जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश का निवासी है जबकि शोभित उर्फ रामेश रामपुर थाना हाथरस जिला उत्तर प्रदेश का निवासी है। धरे गए बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि दलेर कोटिया नाम के व्यक्ति ने इन्हें मीनाक्षी अस्पताल असंध में फायरिंग के लिए भेजा था। आरोपी मोहित श्री गंगानगर जिले में पेट्रोल पंप संचालक की हत्या सहित कई मामलों में वांछित था। इस पर जिला पुलिस की तरफ से इनाम भी घोषित किया गया था।
मामले में ये आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 12 जुलाई को इस मामले में चार आरोपी हरमन सिंह निवासी वार्ड नंबर-6 सफीदों जिला जींद, ओमवीर उर्फ वीर निवासी गांव सालवन जिला करनाल, दलवीर सिंह उर्फ निटा निवासी वार्ड नंबर-8 सफीदों जिला जींद और बलजिंदर सिंह निवासी गांव जलमाना जिला करनाल को गिरफ्तार किया गया था। इसमें आरोपी बलजिंदर को गोलीबारी में शामिल होने व अन्य तीनों आरोपियों को षड्यंत्र में शामिल होने में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 14 जुलाई को दो और आरोपी सोनू शर्मा उर्फ गटवा निवासी विधाना जिला जींद और महिपाल मीणा निवासी गांव नसबारा जिला भरतपुर राजस्थान को मुख्य आरोपियों की मदद करने, षड्यंत्र में शामिल रहने व सोशल मीडिया पर दलेर कोटिया के नाम से धमकी भरे मैसेज वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। धरे गए सभी आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं।
बाक्स
पुलिस की टीम में ये रहे शामिल-
मुठभेड़ में सीआईए टू इंचार्ज निरीक्षक मोहनलाल, एसआई दलवीर, एएसआई रामनिवास, एएसआई कर्मवीर, हेड कांस्टेबल महावीर, हेड कांस्टेबल देवीदयाल और एएसआई रणजोत सिंह शामिल थे। दूसरी टीम में सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र, एसआई प्रदीप, मुख्य सिपाही नरेश, सिपाही शिवकुमार, एएसआई बलविंदर सिंह शामिल थे।
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करनाल। असंध के मीनाक्षी अस्पताल में दिनदहाड़े फायरिंग करने वाले दो शार्प शूटर और पुलिस के बीच शनिवार की रात जींद के निर्जन और पिंडारा गांव के मध्य मुठभेड़ हो गई। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में सीआईए टू के प्रभारी बाल-बाल बच गए। बदमाशों की गोली उनकी कार में लगी। इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के हाथ में और दूसरे की टांग में गोली लगी। जख्मी हालत में दोनों बदमाशों को जींद के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार आठ जुलाई को दिन के समय असंध स्थित मीनाक्षी अस्पताल के अंदर और बाहर बाइक सवार तीन बदमाशों ने फायरिंग की थी। मामले में जांच के लिए एसपी गंगाराम पूनिया ने एसआईटी का गठन किया था। सीआईए टू इंचार्ज निरीक्षक मोहनलाल ने बताया कि उनकी दो टीमें गोलीबारी करने वाले मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही थीं। इस संबंध में 16 जुलाई को उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि जिन बदमाशों ने मीनाक्षी अस्पताल के बाहर और अंदर गोलियां बरसाई थी, वह दोनों जींद में गांव निर्जन से पिंडारा जाने वाली सड़क पर मौजूद हैं और उनके पास असलहे भी हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने रात के करीब बारह बजे बदमाशों की घेरेबंदी की। इस दौरान दोनों आरोपी एक मकान की छत पर थे। पुलिस ने चारों तरफ से मकान को घेर लिया।
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इसके बाद आरोपियों ने छत से कूदकर भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो एक बदमाश ने फायरिंग कर दी। गोली पुलिस गाड़ी के सामने वाले शीशे तो भेदती हुई सीआईए-टू इंचार्ज के कान के पास से पीछे सीट पर जा लगी। तभी पुलिस की दूसरी टीम ने बदमाशों को आगे से घेर लिया और एसआई सुरेंद्र ने हवाई फायर किया। इस पर एक बदमाश ने एसआई सुरेंद्र की तरफ भी फायर कर दिया। इसके बाद एसआई सुरेंद्र की ओर से की फायरिंग में एक बदमाश को टांग में और दूसरे के हाथ में गोली लगी। इसके बाद दोनों बदमाशों को काबू कर लिया गया और इलाज के लिए जींद के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया।
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श्री गंगानगर में पेट्रोल पंप संचालक की हत्या में भी आरोपी है धरा गया बदमाश
पकड़े गए शार्प शूटर में मोहित उर्फ मोहिता निवासी सुखवाबाद थाना जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश का निवासी है जबकि शोभित उर्फ रामेश रामपुर थाना हाथरस जिला उत्तर प्रदेश का निवासी है। धरे गए बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि दलेर कोटिया नाम के व्यक्ति ने इन्हें मीनाक्षी अस्पताल असंध में फायरिंग के लिए भेजा था। आरोपी मोहित श्री गंगानगर जिले में पेट्रोल पंप संचालक की हत्या सहित कई मामलों में वांछित था। इस पर जिला पुलिस की तरफ से इनाम भी घोषित किया गया था।
मामले में ये आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 12 जुलाई को इस मामले में चार आरोपी हरमन सिंह निवासी वार्ड नंबर-6 सफीदों जिला जींद, ओमवीर उर्फ वीर निवासी गांव सालवन जिला करनाल, दलवीर सिंह उर्फ निटा निवासी वार्ड नंबर-8 सफीदों जिला जींद और बलजिंदर सिंह निवासी गांव जलमाना जिला करनाल को गिरफ्तार किया गया था। इसमें आरोपी बलजिंदर को गोलीबारी में शामिल होने व अन्य तीनों आरोपियों को षड्यंत्र में शामिल होने में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 14 जुलाई को दो और आरोपी सोनू शर्मा उर्फ गटवा निवासी विधाना जिला जींद और महिपाल मीणा निवासी गांव नसबारा जिला भरतपुर राजस्थान को मुख्य आरोपियों की मदद करने, षड्यंत्र में शामिल रहने व सोशल मीडिया पर दलेर कोटिया के नाम से धमकी भरे मैसेज वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। धरे गए सभी आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं।
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पुलिस की टीम में ये रहे शामिल-
मुठभेड़ में सीआईए टू इंचार्ज निरीक्षक मोहनलाल, एसआई दलवीर, एएसआई रामनिवास, एएसआई कर्मवीर, हेड कांस्टेबल महावीर, हेड कांस्टेबल देवीदयाल और एएसआई रणजोत सिंह शामिल थे। दूसरी टीम में सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र, एसआई प्रदीप, मुख्य सिपाही नरेश, सिपाही शिवकुमार, एएसआई बलविंदर सिंह शामिल थे।