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Karnal News: कोरोना के दो केस मिले, शुरू नहीं हुई आरटी-पीसीआर टेस्टिंग
Thu, 29 May 2025 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 29 May 2025 02:42 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में कोरोना संक्रमण के दो मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक न तो जिला नागरिक अस्पताल और न ही मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने केवल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज को आरटी- पीसीआर किट भेजी है। वहीं जिला नागरिक अस्पताल को अभी तक किट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए जिला नागरिक अस्पताल में सभी तैयारियां होने का दावा किया जा रहा है लेकिन यहां अभी रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट के जरिये ही कोरोना जांच की जा रही है। रैपिड टेस्टिंग किट में, आरटीपीसीआर की तुलना में कोविड की सही पहचान और सटीकता होने की कम संभावनाएं होती हैं। ऐसे में रैपिड टेस्टिंग किट कई बार फॉल्स निगेटिव रिपोर्ट दे सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा छिपा रह सकता है।
आरटी-पीसीआर टेस्ट वायरस के जेनेटिक मटेरियल की जांच करता है और 95-99 प्रतिशत तक सटीक होता है। वहीं मेडिकल कॉलेज में आरटी पीसीआर होने के बावजूद मरीजों की जांच केवल रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट के जरिये ही की जा रही है। अभी तक दोनों अस्पतालों में लगभग 25 के करीब सैंपल लिए जा चुके हैं। वहीं, जिले में 442 लोगों की जांच मुख्य स्वास्थ्य कार्यालय में की गई है।
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हमारे पास रैपिड टेस्टिंग किट की पर्याप्त मात्रा है और उन्हीं से जांच हो रही है। जहां तक सटीकता की बात है, यदि मरीज में लक्षण स्पष्ट हैं और किट ठीक से प्रयोग की जाए, तो रैपिड टेस्ट भी काफी हद तक सही रिपोर्ट दे सकता है। हालांकि आरटी पीसीआर टेस्ट अधिक विश्वसनीय माना जाता है। - डॉ. बलवान सिंह, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल
अभी अस्पताल में ऐसे लक्षण वाले मरीज नहीं आ रहे हैं, जिनमें कोरोना की पुष्टि की आशंका हो। रैपिड टेस्टिंग किट की पर्याप्त मात्रा हैं और जरूरत पड़ने पर आरटी-पीसीआर किट का भी इस्तेमाल किया जाएगा। अब तक मिले दोनों कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो रहे हैं, घबराने की कोई बात नहीं है। - डॉ. निवेश अग्रवाल, एमएस अधिकारी, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज
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करनाल। जिले में कोरोना संक्रमण के दो मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक न तो जिला नागरिक अस्पताल और न ही मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने केवल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज को आरटी- पीसीआर किट भेजी है। वहीं जिला नागरिक अस्पताल को अभी तक किट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए जिला नागरिक अस्पताल में सभी तैयारियां होने का दावा किया जा रहा है लेकिन यहां अभी रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट के जरिये ही कोरोना जांच की जा रही है। रैपिड टेस्टिंग किट में, आरटीपीसीआर की तुलना में कोविड की सही पहचान और सटीकता होने की कम संभावनाएं होती हैं। ऐसे में रैपिड टेस्टिंग किट कई बार फॉल्स निगेटिव रिपोर्ट दे सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा छिपा रह सकता है।
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आरटी-पीसीआर टेस्ट वायरस के जेनेटिक मटेरियल की जांच करता है और 95-99 प्रतिशत तक सटीक होता है। वहीं मेडिकल कॉलेज में आरटी पीसीआर होने के बावजूद मरीजों की जांच केवल रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट के जरिये ही की जा रही है। अभी तक दोनों अस्पतालों में लगभग 25 के करीब सैंपल लिए जा चुके हैं। वहीं, जिले में 442 लोगों की जांच मुख्य स्वास्थ्य कार्यालय में की गई है।
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हमारे पास रैपिड टेस्टिंग किट की पर्याप्त मात्रा है और उन्हीं से जांच हो रही है। जहां तक सटीकता की बात है, यदि मरीज में लक्षण स्पष्ट हैं और किट ठीक से प्रयोग की जाए, तो रैपिड टेस्ट भी काफी हद तक सही रिपोर्ट दे सकता है। हालांकि आरटी पीसीआर टेस्ट अधिक विश्वसनीय माना जाता है। - डॉ. बलवान सिंह, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल
अभी अस्पताल में ऐसे लक्षण वाले मरीज नहीं आ रहे हैं, जिनमें कोरोना की पुष्टि की आशंका हो। रैपिड टेस्टिंग किट की पर्याप्त मात्रा हैं और जरूरत पड़ने पर आरटी-पीसीआर किट का भी इस्तेमाल किया जाएगा। अब तक मिले दोनों कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो रहे हैं, घबराने की कोई बात नहीं है। - डॉ. निवेश अग्रवाल, एमएस अधिकारी, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज