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एसई को ब्लैकमेल करने के मामले में दो आरोपी काबू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 02:27 AM IST
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Two arrested for blackmailing corporation's SE, computer operator also involved
नगर निगम करनाल के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर को ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने के मामले में दो आरोपियों को पुलिस की सीआईए 2 टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक आरोपी अधीक्षण अभियंता के पास ही कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर है। इन दोनों आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि आरोपियों से वह वीडियो बनाने वाला कैमरा, मोबाइल, सिम कार्ड, जिससे कॉल कर उसने रंगदारी मांगी थी, बरामद किया जा सके।
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सीआईए-2 टीम के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि नगर निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर ने 17 दिसंबर को सिविल लाइन थाना में ब्लैकमेल करने की शिकायत पुलिस को दी थी, जिसके बाद सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच सीआईए 2 को सौंपी गई थी। इसकी जांच करते हुए एसआई सरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में टीम ने आरोपी शुभम उर्फ सन्नी निवासी सेक्टर-18 कैथल व उसके दोस्त साहिल निवासी बालाजी कॉलोनी कैथल को कैथल से काबू किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शुभम नगर निगम में करीब डेढ़ साल से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य करता है। आरोप है कि उसने अधीक्षण अभियंता और उनके पीए की रुपये लेते देते हुए की ऑडियो वीडियो बनाई हुई थी। उसी वीडियो को रिश्वत लेने की वीडियो बताकर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ब्लैकमेल कर रहा था, जिस नंबर से आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल की थी, वह विदेश का नंबर है, उस नंबर पर ही उसने व्हाट्सएप चलाया हुआ था।
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एसई ने ये दी थी शिकायत
नगर निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर ने शिकायत दी थी कि 16 दिसंबर की रात आठ बजे उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें आरोपी ने उन्हें ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा कि आप चार महीने बाद रिटायर हो जाओगे। अगर उसकी बात नहीं मानी तो रिटायरमेंट खराब कर दूंगा। उसने एक वीडियो उसके व्हाट्सएप नंबर पर भेजी और धमकी दी कि रुपये दो नहीं तो यह वीडियो वायरल कर दूंगा। आरोपी ने कहा कि करनाल में दो फेसबुक चैनल वाले उसके जानकार हैं। उनमें यह वीडियो चलवा देगा और इस वीडियो को रिश्वत के रुपये लेने की बात बता देगा।
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आरोपी कई महीनों से बना रहा था वीडियो
बताया जा रहा है कि आरोपी शुभम ने अधीक्षण अभियंता दीपक किगर और पीए से रुपये लेने देने की कई वीडियो बनाई हुई है। वह करीब एक महीने से वीडियो बना रहा था। उसने कार्यालय में एक कैमरा लगाया था। आरोप है कि अधीक्षण अभियंता रुपये लेते थे, उसी की यह वीडियो बनाई गई है। वह पीए को भी रुपये देते थे लेकिन उसे नहीं देते थे। इसी कारण उसने वीडियो बनाई और ब्लैकमेल किया।

वीडियो की भी होनी चाहिए जांच
आरोपी ने जो वीडियो बनाई हुई है, उसमें रुपये का लेन देन करते दिखाने की बात कही गई है, लेकिन यह रुपये रिश्वत के हैं या फिर किसी अन्य कार्य के हैं, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि दीपक किगर पहले ही साफ कर चुके हैं कि रिश्वत लेने देने का कोई मामला नहीं है, इसीलिए उन्होंने रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। ऐसे में इस वीडियो की भी जांच करने की मांग की जा रही है।
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