फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Trust in Ayurveda is increasing, number of people visiting centres doubles

Karnal News: आयुर्वेद पर बढ़ रहा विश्वास, केंद्रों पर लोगों की संख्या दोगुनी

Sat, 18 Oct 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 18 Oct 2025 01:20 AM IST
विज्ञापन
Trust in Ayurveda is increasing, number of people visiting centres doubles
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। धनतेरस को भगवान धनवंतरि का प्राकट्य दिवस माना जाता है। मान्यता है कि भगवान धनवंतरि समुद्र मंथन के दौरान समस्त रोगों के उपचार की औषधियों से भरा एक कलश लेकर निकले थे। इस बार केंद्र सरकार ने आयुर्वेद दिवस के लिए एक विशेष तिथि 23 सितंबर तय कर दी है लेकिन एक लंबे समय से देश में धनतेरस के दिन ही भगवान धनवंतरि के अवतरण दिवस पर आयुर्वेद दिवस मनाया जाता रहा है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग शनिवार को ही आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरि की पूजा करेंगे। पिछले कुछ सालों में आयुर्वेद के प्रति विश्वास और बढ़ा है। आयुर्वेद से उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या दोगुने तक बढ़ गई है।
आयुर्वेद चिकित्सालयों की संख्या तो बढ़ ही रही है, साथ ही ऐलोपैथिक चिकित्सालयों में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को शुरू किया गया है। जिले में पिछले एक दशक में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को गति मिली है। पिछले 10 साल में आयुर्वेदिक चिकित्सा की ओर मरीजों का रुझान दोगुना हो गया है। जिले में 30 आयुर्वेदिक और 2 यूनानी दवाखाने सक्रिय हैं और ग्रामीण व शहरी इलाकों में पारंपरिक चिकित्सा का विस्तार हुआ है। इसके अलावा, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी आयुर्वेदिक चिकित्सकों की नियुक्ति कर वहां उपचार सेवाएं शुरू की गई हैं।
विज्ञापन

जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सतपाल के अनुसार, हर केंद्र पर रोजाना 30 से 40 मरीज आयुर्वेदिक उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों को पंचकर्म, योग और ध्यान जैसी सेवाओं के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार का लाभ मिल रहा है। जिला मुख्य फार्मासिस्ट नरेश ने बताया कि जिले में कुल 93 प्रकार की औषधियां उपलब्ध हैं। 59 दवा स्टॉक में हैं। इनमें अमृतादि गुग्गुल, अर्जुनारिष्ट, ब्राह्मी वटी, चंदनप्रभा वटी, हिंग्वाष्टक चूर्ण, धान्वंतर टेल, सिंग्नाद गुग्गुल, सैन्धवदी टेल, त्रिभुवन कीर्ति रस, आरोग्यवर्धिनी वटी, नर्गुंडी टेल, पंचतिक्त घृत जैसी औषधियां उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



पंचकर्म और योग केंद्र से पारंपरिक उपचार की मिल रही सुविधा

डॉ. सतपाल ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा केवल बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है। यह मानसिक स्वास्थ्य, तनाव मुक्त जीवन और संतुलित जीवनशैली के लिए भी आवश्यक है। करनाल में स्थापित पंचकर्म केंद्र और योग केंद्र के माध्यम से मरीजों को समग्र और पारंपरिक उपचार की सुविधा मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed