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Karnal News: निजी अस्पतालों में नहीं मिला इलाज, मरीज बेहाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 05:53 AM IST
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Treatment not available in private hospitals, patients are in distress
- मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर भी हड़ताल पर रहे, जिला नागरिक अस्पताल में बढ़ी भीड़
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- कोलकाता में महिला डॉक्टर की हत्या के विरोध में आईएमए ने किया है हड़ताल का एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कोलकाता में मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से शनिवार सुबह छह बजे से 24 घंटे के लिए राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया गया।
इस कारण जिलेभर के 150 से अधिक निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। जिससे इलाज के लिए मरीजों ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज व जिला नागरिक अस्पताल का रुख किया। निजी अस्पतालों में इलाज न मिलने के कारण जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई और वह लाइनों में खड़े नजर आए।
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वहीं, इसी मामले के विरोध में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर सहित जूनियर व सीनियर डॉक्टर शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। जिसके कारण ओटी, ओपीडी, वार्ड, लैब, फील्ड, टीचिंग ड्यूटी समेत अन्य सेवाएं बाधित हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं पूर्ण रूप से दी जा रही हैं।
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आईएमए जिला प्रधान डॉ. रोहित सदाना ने कहा कि अस्पतालों और परिसरों के अंदर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अधिकारियों का काम है। डॉक्टरों, नर्सों के साथ अपराध संबंधित अधिकारियों की उदासीनता और असंवेदनशीलता का नतीजा है। ऐसे में आईएमए ने देशभर में शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिए चिकित्सा सेवा बंद की है। इस दौरान सिर्फ आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी और नियमित ओपीडी सहित वैकल्पिक सर्जरी पूरी तरह से बंद की है।

आईएमए की मुख्य मांगें

- पीड़िता को शीघ्र न्याय मिले। स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए। अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। रेजिडेंट डॉक्टरों की कार्य स्थितियों में सुधार किया जाए। डॉक्टरों की 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट और आराम करने के लिए सुरक्षित स्थानों की कमी को पूरा किया जाए। पीड़िता के परिवार को मुआवजा दिया जाए। सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती व प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
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