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Karnal News: डायरिया से बचने के लिए न खाएं खुले में रखे पदार्थ
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में एक जून से अब तक करीब 110 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे हैं जो मई से दोगुना हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 15 से 20 मरीज आ रहे हैं।
इनमें से ज्यादातर बच्चों और युवाओं में यह समस्या देखने को मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि डायरिया के अधिकांश मामलों का कारण गर्मी में दूषित पानी, बासी खाना और बाहर का जंक फूड है। नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर सिंह ने कहा कि लू और गर्म हवाओं के इस मौसम में पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में पानी उबालकर या फिल्टर किया गया ही पीना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ जैसे गोलगप्पे, चाट, पकौड़ी, आइसक्रीम व ठंडी मिठाइयों से परहेज करना जरूरी है क्योंकि इन पर धूल मिट्टी और बैक्टिरिया जल्दी बैठते हैं साथ ही मक्खियां भी पनपती हैं।
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करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में एक जून से अब तक करीब 110 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे हैं जो मई से दोगुना हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 15 से 20 मरीज आ रहे हैं।
इनमें से ज्यादातर बच्चों और युवाओं में यह समस्या देखने को मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि डायरिया के अधिकांश मामलों का कारण गर्मी में दूषित पानी, बासी खाना और बाहर का जंक फूड है। नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर सिंह ने कहा कि लू और गर्म हवाओं के इस मौसम में पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में पानी उबालकर या फिल्टर किया गया ही पीना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ जैसे गोलगप्पे, चाट, पकौड़ी, आइसक्रीम व ठंडी मिठाइयों से परहेज करना जरूरी है क्योंकि इन पर धूल मिट्टी और बैक्टिरिया जल्दी बैठते हैं साथ ही मक्खियां भी पनपती हैं।
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