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Karnal News: बजट जारी हुए तीन माह बीते, नहीं सुधरा खेल परिसर का हाल
Sun, 22 Feb 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 22 Feb 2026 01:29 AM IST
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खेल परिसर का टूटा हुआ दरवाजा संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कलरी जागीर गांव में स्थित खेल परिसर की हालत खस्ता है। हालात में सुधार के लिए नवंबर माह में करीब 25 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया।
खेल परिसर में जूनियर रेसलिंग कोच वीरेंद्र व जूनियर फुटबॉल कोच अमित कुमार की नियुक्ति तो की गई है लेकिन रखरखाव की कमी से खेल उपकरण खराब हो चुके हैं। ब्लॉक स्तरीय स्टेडियम के मैदान में झाड़ियां उग आई हैं। बास्केटबॉल के पुराने पोल खेल विभाग ने उखाड़े तो लेकिन उनको मैदान में ही छोड़ दिया है।
इंडोर खेलों के लिए बने कमरों में लगे पंखों पर जाले लग चुके हैं। शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। व्यायाम के लिए लगाईं मशीनें रखरखाव के अभाव में धूल फांक रही हैं। उनकी तारें टूट गई हैं। खिड़कियों के कांच टूट कर खेल मैदान व खेल भवन के अंदर बिखरे पड़े हैं। परिसर में कई स्थानों पर मैनहोल खुले हुए हैं। साथ में पीने के पानी के लिए रखी टंकी भी टूट चुकी है।
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नशे करने वालों का अड्डा बना परिसर
खेल परिसर का निर्माण आसपास के गांवों के युवाओं के लिए किया गया था। खेल परिसर में अंडर-16 वर्ग की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता था। ग्रामीण अनुज के अनुसार अब अव्यवस्था फैल गई है। शाम होते ही परिसर में नशा करने वाले लोग अड्डा जमा लेते हैं। ऐसे में परिसर में अभ्यास के लिए आने वाले युवा खिलाड़ी कतराते हैं। महिला खिलाड़ियो को काफी दिक्कत होती है।
मरम्मत कार्य होगा शुरू
दिसंबर महीने में खेल स्टेडियम का निरीक्षण किया गया था। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। बास्केटबॉल के दोनों पोल को बदलने का काम भी शुरू हो गसर। खेल विभाग ग्राम पंचायत के सहयोग से मैदान में उगी झाड़ियां कटवा रहा है। खेल परिसर की देखभाल के लिए भी सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति भी जल्द की जाएगी। -जिले खेल अधिकारी रणबीर सिंह रंगा
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करनाल। कलरी जागीर गांव में स्थित खेल परिसर की हालत खस्ता है। हालात में सुधार के लिए नवंबर माह में करीब 25 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया।
खेल परिसर में जूनियर रेसलिंग कोच वीरेंद्र व जूनियर फुटबॉल कोच अमित कुमार की नियुक्ति तो की गई है लेकिन रखरखाव की कमी से खेल उपकरण खराब हो चुके हैं। ब्लॉक स्तरीय स्टेडियम के मैदान में झाड़ियां उग आई हैं। बास्केटबॉल के पुराने पोल खेल विभाग ने उखाड़े तो लेकिन उनको मैदान में ही छोड़ दिया है।
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इंडोर खेलों के लिए बने कमरों में लगे पंखों पर जाले लग चुके हैं। शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। व्यायाम के लिए लगाईं मशीनें रखरखाव के अभाव में धूल फांक रही हैं। उनकी तारें टूट गई हैं। खिड़कियों के कांच टूट कर खेल मैदान व खेल भवन के अंदर बिखरे पड़े हैं। परिसर में कई स्थानों पर मैनहोल खुले हुए हैं। साथ में पीने के पानी के लिए रखी टंकी भी टूट चुकी है।
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नशे करने वालों का अड्डा बना परिसर
खेल परिसर का निर्माण आसपास के गांवों के युवाओं के लिए किया गया था। खेल परिसर में अंडर-16 वर्ग की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता था। ग्रामीण अनुज के अनुसार अब अव्यवस्था फैल गई है। शाम होते ही परिसर में नशा करने वाले लोग अड्डा जमा लेते हैं। ऐसे में परिसर में अभ्यास के लिए आने वाले युवा खिलाड़ी कतराते हैं। महिला खिलाड़ियो को काफी दिक्कत होती है।
मरम्मत कार्य होगा शुरू
दिसंबर महीने में खेल स्टेडियम का निरीक्षण किया गया था। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। बास्केटबॉल के दोनों पोल को बदलने का काम भी शुरू हो गसर। खेल विभाग ग्राम पंचायत के सहयोग से मैदान में उगी झाड़ियां कटवा रहा है। खेल परिसर की देखभाल के लिए भी सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति भी जल्द की जाएगी। -जिले खेल अधिकारी रणबीर सिंह रंगा