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Karnal News: शहर में रोजाना हुईं तीन वारदात
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गगन तलवार
करनाल। गांवों के मुकाबले करनाल शहर में अपराधिक गतिविधियों में इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा अपराध करनाल शहर थाना में दर्ज किया गया है। यहां औसतन रोजाना तीन वारदातें दर्ज हुई हैं। हालांकि पुलिस ने सख्ती भी बरती है। इसके बावजूद घर और प्रतिष्ठानों के ताले टूटे, मारपीट, झगड़े और सड़क हादसे भी बढ़े हैं।
सबसे बड़ी बात ये है कि घर और गलियों से ही महिलाएं और बच्चे लापता होने का क्रम अभी भी जारी है। आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले के सभी 16 थानों में वर्ष 2024 में 9608 मामले दर्ज हुए हैं यानी औसतन 27 केस रोजाना। इनमें सर्वाधिक 11 प्रतिशत मामले सिर्फ थाना शहर में दर्ज किए गए। इसके बाद अपराध के मामले में थाना सदर दूसरे तो असंध तीसरे पायदान पर रहा। सबसे कम 302 केस दर्ज होने पर निगदू थाना क्षेत्र जिले में सबसे शांत माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, चोरी, मारपीट, दहेज के लिए उत्पीड़न, सड़क हादसे और गुमशुदगी के मामले जिले के कुल अपराध का करीब 70 प्रतिशत हैं। जबकि अन्य 30 प्रतिशत मामलों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, साइबर ठगी लूट, हत्या और रंगदारी के मामले शामिल हैं। वहीं वर्ष 2023 के अपराध रिकॉर्ड से तुलना करें तो इसके मुकाबले वर्ष 2024 में अपराध में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 11607 मामले सभी 16 थानों में दर्ज किए गए थे।
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साइबर अपराध में 40 फीसदी बढ़ोतरी : साइबर अपराध में जिले में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में साइबर थाना में 140 केस दर्ज किए गए हैं। 2023 में यहां 94 मामले दर्ज हुए थे। इससे पहले 2022 के आंकड़ों पर नजर डालें तो तब 72 केस दर्ज हुए थे। 2022 के मुकाबले 2024 में इन मामलों का ग्राफी करीब दो गुना है। साइबर ठगी के मामले साइबर थाना के अतिरिक्त अन्य थानों में भी दर्ज होते हैं।
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करनाल। गांवों के मुकाबले करनाल शहर में अपराधिक गतिविधियों में इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में सबसे ज्यादा अपराध करनाल शहर थाना में दर्ज किया गया है। यहां औसतन रोजाना तीन वारदातें दर्ज हुई हैं। हालांकि पुलिस ने सख्ती भी बरती है। इसके बावजूद घर और प्रतिष्ठानों के ताले टूटे, मारपीट, झगड़े और सड़क हादसे भी बढ़े हैं।
सबसे बड़ी बात ये है कि घर और गलियों से ही महिलाएं और बच्चे लापता होने का क्रम अभी भी जारी है। आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले के सभी 16 थानों में वर्ष 2024 में 9608 मामले दर्ज हुए हैं यानी औसतन 27 केस रोजाना। इनमें सर्वाधिक 11 प्रतिशत मामले सिर्फ थाना शहर में दर्ज किए गए। इसके बाद अपराध के मामले में थाना सदर दूसरे तो असंध तीसरे पायदान पर रहा। सबसे कम 302 केस दर्ज होने पर निगदू थाना क्षेत्र जिले में सबसे शांत माना जा रहा है।
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पुलिस के अनुसार, चोरी, मारपीट, दहेज के लिए उत्पीड़न, सड़क हादसे और गुमशुदगी के मामले जिले के कुल अपराध का करीब 70 प्रतिशत हैं। जबकि अन्य 30 प्रतिशत मामलों में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, साइबर ठगी लूट, हत्या और रंगदारी के मामले शामिल हैं। वहीं वर्ष 2023 के अपराध रिकॉर्ड से तुलना करें तो इसके मुकाबले वर्ष 2024 में अपराध में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 11607 मामले सभी 16 थानों में दर्ज किए गए थे।
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साइबर अपराध में 40 फीसदी बढ़ोतरी : साइबर अपराध में जिले में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में साइबर थाना में 140 केस दर्ज किए गए हैं। 2023 में यहां 94 मामले दर्ज हुए थे। इससे पहले 2022 के आंकड़ों पर नजर डालें तो तब 72 केस दर्ज हुए थे। 2022 के मुकाबले 2024 में इन मामलों का ग्राफी करीब दो गुना है। साइबर ठगी के मामले साइबर थाना के अतिरिक्त अन्य थानों में भी दर्ज होते हैं।