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Karnal News: ट्रैक बाधित होने से छह स्टेशनों के हजारों यात्री भटके
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ट्रैक बाधित होने से छह स्टेशनों के हजारों यात्री भटके
- करनाल सहित कोहंड, घरौंडा, बजीदा, तरावड़ी व नीलोखेड़ी रेलवे स्टेशन पर आए यात्री लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के साथ हादसा होने के बाद करीब साढ़े सात घंटे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहा। जिस कारण जिले के अंतर्गत आने वाले करनाल सहित कोहंड, घरौंडा, बजीदा, तरावड़ी व नीलोखेड़ी रेलवे स्टेशनों से ट्रेनों में सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इनमें आरक्षण वाले, दैनिक सहित अन्य यात्री शामिल रहे।
रेलवे ट्रैक बाधित होने के चलते 34 ट्रेनें प्रभावित रहीं। इनमें से सात ट्रेनें रद्द, सात अप व 13 डाउन की ट्रेनें डायवर्ट, शाॅर्ट टर्मिनेट में अप-डाउन की सात ट्रेनें प्रभावित रहीं। रेलवे प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से दिल्ली-अंबाला अप व अंबाला-दिल्ली डाउन ट्रैक पर आने वाली सभी ट्रेनों का संचालन रुकवा दिया। जिस कारण यात्री परेशान हुए।
दैनिक यात्रियों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का सहारा लिया। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्री किराये के वाहनों से गए। बिहार जाने वाले एक परिवार के मुखिया चंदेश्वर ने बताया कि 10 लोगों ने बिहार जाना है। दिल्ली से चंपारण की गाड़ी की टिकट बुक है लेकिन गाड़ी रद्द होने की वजह से उन्हें टैक्सी करके दिल्ली जाना पड़ेगा। जिसमें लगभग आठ हजार का नुकसान हो गया है।
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ट्रैक की क्लीपिंग व पत्थर दरके
जिस जगह पर मालगाड़ी के पहिये का एक्सेल टूटा। उसी स्थान से लेकर करीब 1.5 किलोमीटर तक ट्रैक सबसे अधिक प्रभावित हुआ। ट्रैक पर दो पटरियों को जोड़ने वाली क्लीपिंग टूट गई। कई जगह पर पटरी के नीचे रखे पत्थर क्षतिग्रस्त व खिसक गए। जिस कारण रेलवे प्रशासन को पत्थर और पटरी दोनों ही बदलनी पड़ी। पहले एक तरफ का ट्रैक दुरुस्त कर ट्रेनों का संचालन शुरू कराया गया। उसके बाद रेलवे कर्मचारी दूसरी लाइन को दुरुस्त करने में लगे।
एक घंटे किया इंतजार
मोंटू ने बताया कि वह रोजाना ट्रेन से करनाल से पानीपत अप-डाउन करता है। उसे कुरुक्षेत्र से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में पानीपत जाना था लेकिन तरावड़ी में मालगाड़ी से हादसा होने के बाद से ट्रेन रद्द मिली। ऐसे में उसे एक घंटे तक ट्रेन का इंतजार करने के बाद पूछताछ केंद्र में पहुंचा तो ट्रेन के रद्द होने की सूचना मिली। जिसके बाद उसे बस से पानीपत जाना पड़ेगा।
तीन घंटे तक नहीं पहुंची ट्रेन
पंकज ने बताया कि वह जालंधर में ट्रक ड्राइवर है। वहां जाने के लिए वह सुबह नौ बजे करनाल रेलवे स्टेशन पर आ गया था लेकिन जब वह प्लेटफार्म पर पहुंचा तो पूछताछ केंद्र से पता चला कि तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर हादसा हो गया है। ऐसे में पठानकोट सुपरफास्ट ट्रेन दो घंटे देरी से करनाल पहुंचेगी लेकिन उसे तीन घंटे से अधिक का समय हो गया है। अभी तक ट्रेन नहीं पहुंची है।
बस से जाना पड़ेगा लुधियाना
महिला यात्री सुदेश ने बताया कि उसे लुधियाना अपने घर जाना था। जिसके लिए उसने पठानकोट सुपरफास्ट ट्रेन का आरक्षण भी करा रखा था लेकिन उसे करनाल के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर आए हुए एक घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। ऐसे में लग रहा है उसे सड़क मार्ग से ही लुधियाना जाना पड़ेगा। ऐसे में उसे एक तरफ ट्रेन का किराया और अब बस का किराया देना पड़ेगा।
इंतजार करते थक गया हूं
सुनील ने बताया कि वह फरीदाबाद का रहने वाला है। वह कुछ दिन पहले अपने भाई से मिलने करनाल आया था और आज से अपने घर फरीदाबाद जाना था। ऐसे में उसे दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर आया लेकिन यहां आकर पता चला कि दोनों तरफ की ट्रेनों का संचालन बंद किया हुआ है। उसे बठिंडा एक्सप्रेस ट्रेन में दिल्ली रवाना होना था लेकिन उसे यहां आए हुए दो घंटे से ज्यादा समय बीत गया है। यहां इंतजार करते थक गया हूं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के साथ हादसा होने के बाद करीब साढ़े सात घंटे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहा। जिस कारण जिले के अंतर्गत आने वाले करनाल सहित कोहंड, घरौंडा, बजीदा, तरावड़ी व नीलोखेड़ी रेलवे स्टेशनों से ट्रेनों में सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इनमें आरक्षण वाले, दैनिक सहित अन्य यात्री शामिल रहे।
रेलवे ट्रैक बाधित होने के चलते 34 ट्रेनें प्रभावित रहीं। इनमें से सात ट्रेनें रद्द, सात अप व 13 डाउन की ट्रेनें डायवर्ट, शाॅर्ट टर्मिनेट में अप-डाउन की सात ट्रेनें प्रभावित रहीं। रेलवे प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से दिल्ली-अंबाला अप व अंबाला-दिल्ली डाउन ट्रैक पर आने वाली सभी ट्रेनों का संचालन रुकवा दिया। जिस कारण यात्री परेशान हुए।
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दैनिक यात्रियों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का सहारा लिया। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्री किराये के वाहनों से गए। बिहार जाने वाले एक परिवार के मुखिया चंदेश्वर ने बताया कि 10 लोगों ने बिहार जाना है। दिल्ली से चंपारण की गाड़ी की टिकट बुक है लेकिन गाड़ी रद्द होने की वजह से उन्हें टैक्सी करके दिल्ली जाना पड़ेगा। जिसमें लगभग आठ हजार का नुकसान हो गया है।
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ट्रैक की क्लीपिंग व पत्थर दरके
जिस जगह पर मालगाड़ी के पहिये का एक्सेल टूटा। उसी स्थान से लेकर करीब 1.5 किलोमीटर तक ट्रैक सबसे अधिक प्रभावित हुआ। ट्रैक पर दो पटरियों को जोड़ने वाली क्लीपिंग टूट गई। कई जगह पर पटरी के नीचे रखे पत्थर क्षतिग्रस्त व खिसक गए। जिस कारण रेलवे प्रशासन को पत्थर और पटरी दोनों ही बदलनी पड़ी। पहले एक तरफ का ट्रैक दुरुस्त कर ट्रेनों का संचालन शुरू कराया गया। उसके बाद रेलवे कर्मचारी दूसरी लाइन को दुरुस्त करने में लगे।
एक घंटे किया इंतजार
मोंटू ने बताया कि वह रोजाना ट्रेन से करनाल से पानीपत अप-डाउन करता है। उसे कुरुक्षेत्र से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में पानीपत जाना था लेकिन तरावड़ी में मालगाड़ी से हादसा होने के बाद से ट्रेन रद्द मिली। ऐसे में उसे एक घंटे तक ट्रेन का इंतजार करने के बाद पूछताछ केंद्र में पहुंचा तो ट्रेन के रद्द होने की सूचना मिली। जिसके बाद उसे बस से पानीपत जाना पड़ेगा।
तीन घंटे तक नहीं पहुंची ट्रेन
पंकज ने बताया कि वह जालंधर में ट्रक ड्राइवर है। वहां जाने के लिए वह सुबह नौ बजे करनाल रेलवे स्टेशन पर आ गया था लेकिन जब वह प्लेटफार्म पर पहुंचा तो पूछताछ केंद्र से पता चला कि तरावड़ी रेलवे स्टेशन पर हादसा हो गया है। ऐसे में पठानकोट सुपरफास्ट ट्रेन दो घंटे देरी से करनाल पहुंचेगी लेकिन उसे तीन घंटे से अधिक का समय हो गया है। अभी तक ट्रेन नहीं पहुंची है।
बस से जाना पड़ेगा लुधियाना
महिला यात्री सुदेश ने बताया कि उसे लुधियाना अपने घर जाना था। जिसके लिए उसने पठानकोट सुपरफास्ट ट्रेन का आरक्षण भी करा रखा था लेकिन उसे करनाल के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर आए हुए एक घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। ऐसे में लग रहा है उसे सड़क मार्ग से ही लुधियाना जाना पड़ेगा। ऐसे में उसे एक तरफ ट्रेन का किराया और अब बस का किराया देना पड़ेगा।
इंतजार करते थक गया हूं
सुनील ने बताया कि वह फरीदाबाद का रहने वाला है। वह कुछ दिन पहले अपने भाई से मिलने करनाल आया था और आज से अपने घर फरीदाबाद जाना था। ऐसे में उसे दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर आया लेकिन यहां आकर पता चला कि दोनों तरफ की ट्रेनों का संचालन बंद किया हुआ है। उसे बठिंडा एक्सप्रेस ट्रेन में दिल्ली रवाना होना था लेकिन उसे यहां आए हुए दो घंटे से ज्यादा समय बीत गया है। यहां इंतजार करते थक गया हूं।