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Karnal News: ये तो हद है...आपने भाजपा दफ्तर तक सड़क के लिए 40 बड़े पेड़ उखाड़ दिए
Thu, 27 Nov 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 27 Nov 2025 01:35 AM IST
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एजेंसी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ये तो हद ही हो गई कि आपने करनाल में बने नए भाजपा दफ्तर तक सड़क बनाने के लिए 40 बड़े पेड़ उखाड़ दिए। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से इस मामले में सुधारात्मक एक्शन प्लान मांगा और चेतावनी दी कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ 1971 के युद्ध के पूर्व सैनिक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सैनिक ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा को एक रिहायशी इलाके में मनमाने ढंग से प्लॉट देने और बाद में, एक हरे-भरे इलाके में लगे 40 बड़े पेड़ों को उखाड़कर पार्टी के दफ्तर तक सड़क बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 3 मई को सैनिक की याचिका खारिज कर दी थी।
पीठ ने हरियाणा सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से पूछा, इन पेड़ों का क्या हुआ और ऐसा क्यों हुआ? इसके लिए आपका क्या जवाब है? आप पार्टी का दफ्तर किसी दूसरी जगह क्यों नहीं खुलवा सकते? बनर्जी ने जवाब में बताया कि आवंटन के लिए सभी जरूरी अनुमति ली गईं। सभी हरित नियमों का पालन भी किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जितने पेड़ काटे गए हैं उतने लगाए भी जाएंगे। पीठ ने बनर्जी से पूछा कि इन 40 बड़े पेड़ों को काटने से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कौन करेगा। पीठ ने बनर्जी से उचित स्पष्टीकरण की मांग की और चेताया कि सरकार और इसके लिए जिम्मेदार उसकी सभी संस्थाओं को इस काम के लिए सजा जरूर मिलेगी।
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ये तो हद ही हो गई कि आपने करनाल में बने नए भाजपा दफ्तर तक सड़क बनाने के लिए 40 बड़े पेड़ उखाड़ दिए। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से इस मामले में सुधारात्मक एक्शन प्लान मांगा और चेतावनी दी कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ 1971 के युद्ध के पूर्व सैनिक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सैनिक ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा को एक रिहायशी इलाके में मनमाने ढंग से प्लॉट देने और बाद में, एक हरे-भरे इलाके में लगे 40 बड़े पेड़ों को उखाड़कर पार्टी के दफ्तर तक सड़क बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 3 मई को सैनिक की याचिका खारिज कर दी थी।
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पीठ ने हरियाणा सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से पूछा, इन पेड़ों का क्या हुआ और ऐसा क्यों हुआ? इसके लिए आपका क्या जवाब है? आप पार्टी का दफ्तर किसी दूसरी जगह क्यों नहीं खुलवा सकते? बनर्जी ने जवाब में बताया कि आवंटन के लिए सभी जरूरी अनुमति ली गईं। सभी हरित नियमों का पालन भी किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जितने पेड़ काटे गए हैं उतने लगाए भी जाएंगे। पीठ ने बनर्जी से पूछा कि इन 40 बड़े पेड़ों को काटने से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कौन करेगा। पीठ ने बनर्जी से उचित स्पष्टीकरण की मांग की और चेताया कि सरकार और इसके लिए जिम्मेदार उसकी सभी संस्थाओं को इस काम के लिए सजा जरूर मिलेगी।
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