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Karnal News: यूरोप में मनाना था हनीमून, वीजा नहीं मिला तो गए थे कश्मीर
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- ठंडी वादियों में एक दिन पहले ही पहुंचे थे, अगले दिन घूमने निकले तो आतंकवादियों ने मार दी गोली
- मूलरूप से करनाल के भूसली गांव का रहने वाला था परिवार, परिजनों की आंखों से नहीं थम रहे आंसू
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पहलगाम के आतंकी हमले में गोली लगने से करनाल के नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मौत हो गई है। परिवार के अनुसार, शादी के बाद विनय और हिमांशी ने हनीमून के लिए यूरोप जाने का मन बनाया था। इसके लिए वे शादी से पहले तैयारी कर रहे थे, लेकिन वीजा नहीं मिलने के कारण उनका यह प्लान रद्द हो गया। इसके बाद वे कश्मीर की ठंडी वादियों में घूमने गए। जहां पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।
वे 21 अप्रैल को वहां पहुंचे थे। अगले दिन सुबह घूमने के लिए निकले थे कि विनय आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। परिवार के लोगों ने मंगलवार की रात भर दादा और दादी को इस घटना की जानकारी नहीं दी। उन्हें सुबह जब पता चला कि उनका पोता नहीं रहा तो उनकी आंखों से आंसू नहीं थमे। दादा हवा सिंह ने कहा कि यदि उनके पोते को वीजा मिल जाता तो आज परिवार की खुशियां खत्म न होतीं।
मूल रूप से भूसली गांव के रहने वाले विनय नरवाल तीन साल पहले नेवी में भर्ती हुए थे। उनकी सात दिन पहले 16 अप्रैल को मसूरी में डेस्टिनेशन वेडिंग हुई थी। इसके बाद परिवार की ओर से करनाल में 19 अप्रैल को रिसेप्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद वह पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून मनाने के लिए पहलगाम गए थे। लेफ्टिनेंट विनय का एक मई को जन्मदिन भी था। शादी के बाद पहले बर्थडे को लेकर परिवार उत्साहित था। इसके बाद तीन मई को उन्हें पत्नी के साथ कोच्चि ड्यूटी पर लौटना था।
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सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी दादा बोले- सरकार बदला ले
लेफ्टिनेंट विनय के दादा हवा सिंह पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। आतंकी हमले में पोते की मौत के बाद वे खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। वहीं विनय के पिता राजेंद्र नरवाल केंद्र सरकार के कस्टम विभाग में कार्यरत हैं। बार-बार बेसुध होते दादा अब भी खुद जोश से भर आते हैं। वे कहते हैं कि सरकार बदला ले, यदि मुझे मौका मिले तो मैं ही आतंकियों को मार गिराऊंगा।
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- मूलरूप से करनाल के भूसली गांव का रहने वाला था परिवार, परिजनों की आंखों से नहीं थम रहे आंसू
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पहलगाम के आतंकी हमले में गोली लगने से करनाल के नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मौत हो गई है। परिवार के अनुसार, शादी के बाद विनय और हिमांशी ने हनीमून के लिए यूरोप जाने का मन बनाया था। इसके लिए वे शादी से पहले तैयारी कर रहे थे, लेकिन वीजा नहीं मिलने के कारण उनका यह प्लान रद्द हो गया। इसके बाद वे कश्मीर की ठंडी वादियों में घूमने गए। जहां पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।
वे 21 अप्रैल को वहां पहुंचे थे। अगले दिन सुबह घूमने के लिए निकले थे कि विनय आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। परिवार के लोगों ने मंगलवार की रात भर दादा और दादी को इस घटना की जानकारी नहीं दी। उन्हें सुबह जब पता चला कि उनका पोता नहीं रहा तो उनकी आंखों से आंसू नहीं थमे। दादा हवा सिंह ने कहा कि यदि उनके पोते को वीजा मिल जाता तो आज परिवार की खुशियां खत्म न होतीं।
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मूल रूप से भूसली गांव के रहने वाले विनय नरवाल तीन साल पहले नेवी में भर्ती हुए थे। उनकी सात दिन पहले 16 अप्रैल को मसूरी में डेस्टिनेशन वेडिंग हुई थी। इसके बाद परिवार की ओर से करनाल में 19 अप्रैल को रिसेप्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद वह पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून मनाने के लिए पहलगाम गए थे। लेफ्टिनेंट विनय का एक मई को जन्मदिन भी था। शादी के बाद पहले बर्थडे को लेकर परिवार उत्साहित था। इसके बाद तीन मई को उन्हें पत्नी के साथ कोच्चि ड्यूटी पर लौटना था।
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सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी दादा बोले- सरकार बदला ले
लेफ्टिनेंट विनय के दादा हवा सिंह पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। आतंकी हमले में पोते की मौत के बाद वे खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। वहीं विनय के पिता राजेंद्र नरवाल केंद्र सरकार के कस्टम विभाग में कार्यरत हैं। बार-बार बेसुध होते दादा अब भी खुद जोश से भर आते हैं। वे कहते हैं कि सरकार बदला ले, यदि मुझे मौका मिले तो मैं ही आतंकियों को मार गिराऊंगा।