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Karnal News: टोल न देने के लिए झाड़ते हैं रौब
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जितेंद्र नरवाल
करनाल। टोल किसी के लिए मुफ्त सुविधा नहीं है। फिर भी कुछ लोग अफसर और नेताओं के नाम से जाली आईकार्ड दिखा टोल पर रौब झाड़ निशुल्क निकलने का प्रयास करते हैं और पकड़े जाते हैं जो विवाद की वजह बनता है। ऐसे रोजाना सैकड़ों मामले आते हैं।
इनमें से आए दिन करीब 40 से 50 मामलों में विवाद काफी बढ़ जाता है। जिनमें से कुछ के आईडी कार्ड और आधार कार्ड तक जब्त कर लिए जाते हैं तो कई बार पुलिस को बुलाना पड़ता है। चार दिन पहले भी दो युवकों ने टोल पर जमकर हुड़दंग किया। दबंगई दिखाते हुए टोल से करीब 70 गाड़ियों को निशुल्क निकलवा दिया। जिनको बाद में पुलिस ने दबोच लिया।
टोल अधिकारियों के अनुसार टोल किसी के लिए भी निशुल्क नहीं है चाहे वे सरकार-प्रशासन की गाड़ियां हों या आसपास के रहने वाले लोगों की। जबकि आसपास के गांव के रहने वाले लोगों के लिए टोल इसलिए निशुल्क किया जाता है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था बनी रहे। आसपास के गांवों में रहने वाले लोग जाली आधार कार्ड से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक इस्तेमाल करते हैं।
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सबसे महंगा टोल होने की मुख्य वजह : टोल पर बढ़ते विवादों की पड़ताल की तो सामने आया कि घरौंडा टोल जीटी रोड पर सबसे ज्यादा मंहगा टोल है। अगर आप कार से टोल पार कर रहे हैं तो एक तरफ का टोल करीब 195 रुपये का है जबकि वापसी पर 85 रुपये अलग से देने होंगे। यानी जाने और आने में करीब 280 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। वहीं, चंडीगढ़ जाने के लिए अंबाला टोल पर महज 75 रुपये में आवागमन होता है और पानीपत टोल पर एक ओर के 40 रुपये लगते हैं जबकि भिगान यानी गन्नौर के पास वाले टोल के 60 रुपये का शुल्क है। घरौंडा टोल सबसे महंगा होने की वजह से लोग इस शुल्क को बचाने का हर संभव प्रयास करते हैं। इसके लिए जाली आईडी कार्ड बनवाए जाते हैं।
पांच किलोमीटर का चक्कर लगा बचाते हैं टोल : इस टोल को बचाने के लिए लोग आसपास के गांव से होकर निकलते हैं। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ कुटेल की ओर आने जाने वाले रास्ते पर लगती है। हालांकि ये सड़क काफी ज्यादा खस्ताहाल है। फिर भी लोग पूरा दिन इसी सड़क से आवागमन करते हैं।्
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करनाल। टोल किसी के लिए मुफ्त सुविधा नहीं है। फिर भी कुछ लोग अफसर और नेताओं के नाम से जाली आईकार्ड दिखा टोल पर रौब झाड़ निशुल्क निकलने का प्रयास करते हैं और पकड़े जाते हैं जो विवाद की वजह बनता है। ऐसे रोजाना सैकड़ों मामले आते हैं।
इनमें से आए दिन करीब 40 से 50 मामलों में विवाद काफी बढ़ जाता है। जिनमें से कुछ के आईडी कार्ड और आधार कार्ड तक जब्त कर लिए जाते हैं तो कई बार पुलिस को बुलाना पड़ता है। चार दिन पहले भी दो युवकों ने टोल पर जमकर हुड़दंग किया। दबंगई दिखाते हुए टोल से करीब 70 गाड़ियों को निशुल्क निकलवा दिया। जिनको बाद में पुलिस ने दबोच लिया।
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टोल अधिकारियों के अनुसार टोल किसी के लिए भी निशुल्क नहीं है चाहे वे सरकार-प्रशासन की गाड़ियां हों या आसपास के रहने वाले लोगों की। जबकि आसपास के गांव के रहने वाले लोगों के लिए टोल इसलिए निशुल्क किया जाता है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था बनी रहे। आसपास के गांवों में रहने वाले लोग जाली आधार कार्ड से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक इस्तेमाल करते हैं।
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सबसे महंगा टोल होने की मुख्य वजह : टोल पर बढ़ते विवादों की पड़ताल की तो सामने आया कि घरौंडा टोल जीटी रोड पर सबसे ज्यादा मंहगा टोल है। अगर आप कार से टोल पार कर रहे हैं तो एक तरफ का टोल करीब 195 रुपये का है जबकि वापसी पर 85 रुपये अलग से देने होंगे। यानी जाने और आने में करीब 280 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। वहीं, चंडीगढ़ जाने के लिए अंबाला टोल पर महज 75 रुपये में आवागमन होता है और पानीपत टोल पर एक ओर के 40 रुपये लगते हैं जबकि भिगान यानी गन्नौर के पास वाले टोल के 60 रुपये का शुल्क है। घरौंडा टोल सबसे महंगा होने की वजह से लोग इस शुल्क को बचाने का हर संभव प्रयास करते हैं। इसके लिए जाली आईडी कार्ड बनवाए जाते हैं।
पांच किलोमीटर का चक्कर लगा बचाते हैं टोल : इस टोल को बचाने के लिए लोग आसपास के गांव से होकर निकलते हैं। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ कुटेल की ओर आने जाने वाले रास्ते पर लगती है। हालांकि ये सड़क काफी ज्यादा खस्ताहाल है। फिर भी लोग पूरा दिन इसी सड़क से आवागमन करते हैं।्