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Karnal News: एक साइन के नाम पर मांगे थे 50 हजार
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रिश्वत लेते पकड़े गए राम सिंह को लेकर जाती विजिलेंस की टीम संवाद
करनाल। मुगल कैनाल की दुकान का मालिकाना हक परिवार के सदस्यों के नाम हस्तांतरित कराने के लिए नगर निगम के सहायक राम सिंह ने 50 हजार रुपये की रिश्वत तय की थी। शनिवार को उसे एसीबी ने अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पूछताछ में सामने आया है कि दुकान के ट्रांसफर लेटर से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया में केवल गवाही और हस्ताक्षर करने के बदले उसने यह रकम तय की थी। इसमें से 30 हजार रुपये पहले ही ले चुका था। शुक्रवार को रजिस्ट्री के दिन शेष 20 हजार रुपये लेते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था।
शिकायतकर्ता विक्रम के पिता के नाम मुगल कैनाल स्थित दुकान नंबर-15 में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उनकी मृत्यु के बाद यह हिस्सा विक्रम और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित होना था। इसके लिए ट्रांसफर लेटर जारी कराने के साथ सेल डीड या कन्वेयंस डीड की रजिस्ट्री करानी थी। आरोप है कि नगर निगम की सेक्रेटरी शाखा में तैनात राम सिंह ने इस काम के बदले विक्रम और उसके चाचा भारत भूषण से पहले 75 हजार रुपये मांगे थे। बाद में बातचीत के बाद 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। ब्यूरो
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पूछताछ में सामने आया है कि दुकान के ट्रांसफर लेटर से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया में केवल गवाही और हस्ताक्षर करने के बदले उसने यह रकम तय की थी। इसमें से 30 हजार रुपये पहले ही ले चुका था। शुक्रवार को रजिस्ट्री के दिन शेष 20 हजार रुपये लेते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था।
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शिकायतकर्ता विक्रम के पिता के नाम मुगल कैनाल स्थित दुकान नंबर-15 में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उनकी मृत्यु के बाद यह हिस्सा विक्रम और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित होना था। इसके लिए ट्रांसफर लेटर जारी कराने के साथ सेल डीड या कन्वेयंस डीड की रजिस्ट्री करानी थी। आरोप है कि नगर निगम की सेक्रेटरी शाखा में तैनात राम सिंह ने इस काम के बदले विक्रम और उसके चाचा भारत भूषण से पहले 75 हजार रुपये मांगे थे। बाद में बातचीत के बाद 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। ब्यूरो
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