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डिपो पर राशन मिलने में नहीं होगी दिक्कत
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Sun, 19 Feb 2017 12:08 AM IST
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राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए लागू किए गए ऑनलाइन सिस्टम में खराबी बताकर लाभपात्रों को चक्कर लगवाने वाले डिपो होल्डर के लिए अब यह बहानेबाजी नहीं चलेगी। नेटवर्क की समस्या को देखते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से सभी पीओएस मशीनों को ऑफलाइन मोड पर चलाया जाएगा। ऑफलाइन सिस्टम में भी मशीनों में राशन लेने वाले लाभपात्र का विवरण दर्ज हो जाएगा।
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खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से जिले के सभी डिपो होल्डरों को दिसंबर माह में पीओएस मशीनें मुहैया कराई थी, जिनको चंडीगढ़ मुख्यालय स्थित एनआइसी (नेशनल इंफोर्मेशन सेंटर) के सर्वर से जोड़ा गया है। नेटवर्क की इस समस्या की वजह से अधिकतर डिपो होल्डर इसी का बहाना बनाकर लाभपात्रों को चक्कर लगवाते थे और कई बार तो लाभपात्रों को राशन भी नहीं मिल पाता था। इस समस्या को देखते हुए इस पूरे ऑनलाइन सिस्टम का डाटा अपलोड करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने पीओएस मशीनों को ऑफलाइन मोड में डाटा सेव रखने के अनुरूप तैयार कर दिया है। इसके बाद एसओपी मशीन इस स्थिति में राशन लेने वाले के फिंगर प्रिंट के आधार पर डाटा सेव रख सकती है। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने सभी डिपो होल्डर को पीओएस मशीनों को ऑफलाइन मोड पर चलाकर राशन वितरण का निर्देश दिया है।
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अलग बनेगा सर्वर रूम
राशन डिपो पर दी गई मशीनें ऑनलाइन मोड में ही चलती थी। ऑनलाइन मोड में मशीनें केवल नेटवर्क मिलने पर ही सर्वर रूम से कनेक्ट होती थीं। अधिकांश समय नेटवर्क समस्या बनी रहती थी और लोगों को राशन नहीं मिल पाता था। ऑफलाइन मोड में नेटवर्क की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मशीनों में डाटा अपलोड कर दिया गया है। इससे परिवार के मुखिया का फिंगर प्रिंट लगते ही मशीन अपना काम करेगी। विभाग ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एनआइसी की तरह इन मशीनों के लिए अलग सर्वर बनने की भी कार्ययोजना तैयार कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक आसपास के जिलों को मिलाकर एक सर्वर बनाया जाएगा, जिससे पीओएस मशीनें दोनों ही स्वरूप में काम कर सकेंगी।
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फिलहाल पीओएस मशीनें एनआइसी के सर्वर से जुड़ी हैं। इस सर्वर पर सभी विभागों का लोड होने के कारण डिपो होल्डर की तरफ से नेटवर्क व कनेक्टिविटी की काफी शिकायत मिल रही थी। अब सभी मशीनों को ऑफलाइन मोड में चलाया जाएगा। इससे ये दोनों दिक्कतें दूर हो जाएंगी और लाभपात्र को राशन का पूरा लाभ मिल सकेगा।
-अनिल कुमार, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक।