फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   There will be no registry in illegal colonies and 7-A scheme: Chief Minister

अवैध कॉलोनियों और 7-ए स्कीम में नहीं होगी रजिस्ट्री : मुख्यमंत्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2023 02:13 AM IST
विज्ञापन
There will be no registry in illegal colonies and 7-A scheme: Chief Minister
- प्रदेश के हर गांव में स्थापित की जाएगी साझी डेयरी : मुख्यमंत्री
विज्ञापन

- पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी, रोजगार के अवसर हो सकेंगे मुहैया
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब सरकार की ओर से प्रदेश के हर गांव में साझी डेयरी स्थापित की जाएगी। इसका मकसद पशुपालकों की आदमनी बढ़ाना और रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। इंद्री हलके के गांव दनियालपुर में रविवार को जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की। उन्हाेंने कहा कि साझी डेयरी योजना को हर गांव में लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में इस योजना के तहत एक से दो एकड़ भूमि पर साझी डेयरी स्थापित की जा सकेगी। हर गावं में इतनी ही भूमि की आवश्यकता होगी। एक साझी डेयरी को 10 से 15 लीटर दूध देने वाले पशुओं के साथ खोला जा सकेगा। साथ ही साझी डेयरी खोलने पर सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
विज्ञापन


अवैध कॉलोनियों और 7-ए स्कीम में नहीं होगी रजिस्ट्री : मुख्यमंत्री
अवैध कॉलोनियों में भूमि की रजिस्ट्री पर तीन वर्ष से लगी है रोक

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अवैध कॉलोनियों और 7-ए स्कीम के तहत जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी। जनसंवाद के दौरान दनियालपुर गांव में कुछ लोग रजिस्ट्री नहीं होने की समस्या लेकर पहुंचे थे। जिस पर उन्होंने कहा कि सरकार ने अवैध कालोनियों में भूमि की रजिस्ट्री बंद कर रखी है। इसके साथ ही 7-ए स्कीम के तहत भी रजिस्ट्री नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब है कि अवैध कॉलोनियों में भूमि की रजिस्ट्री पर तीन वर्ष से रोक लगी है। कॉलोनियों के नियमित होने पर ही यहां रजिस्ट्री संभव होगी। सरकारी की ओर से अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए नई पॉलिसी लागू की गई है। जिसके तहत स्क्रूटनी कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त की संस्तुति के बाद अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए सीधा सरकार को भेजा जा सकेगा। जिससे इस प्रक्रिया में कम समय लगेगा। नियमित होने के बाद ही वहां रजिस्ट्री संभव होगी। जबकि इससे पहले स्क्रूटनी कमेटी की सिफारिशों के बाद अवैध कॉलोनी को नियमित करने का प्रस्ताव मंडल आयुक्त को भेजा जाता था। फिर सरकार के पास प्रस्ताव पहुंचता था।

इसके साथ ही शहरी क्षेत्र अधिनियम 1975 की धारा 7-ए के तहत एनओसी जारी करने के लिए ऑनलाइन एप भी लाॅन्च किया है। 7-ए स्कीम लागू होने के बाद से बिना एनओसी रजिस्ट्री बंद है। इसके तहत डीटीपी की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने पर ही रजिस्ट्री हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed