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Karnal News: खनन में लगे वाहनों के रास्तों की होगी वैकल्पिक व्यवस्था
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/कुंजपुरा। खनन कार्य में लगे डंपरों के आने-जाने के लिए कुंजपुरा क्षेत्र के अलग रास्ता बनाना संभव नहीं है। ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन को पूरा कर पाना संभव नहीं लग रहा है। क्योंकि न तो यमुना की पटरी के साथ अलग रास्ता बनाया जा सकता है और न ही किसानों के खेतों से रास्ता निकालना संभव है। ऐसे में प्रशासन डंपरों की जांच, हादसों और तेज रफ्तार पर लगाम के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।
एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि इसके लिए मार्ग पर नाकाबंदी करके खनन कार्य में लगे वाहनों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए चौकी भी स्थापित की जा सकती है। इसे अलावा जिस मार्ग से वाहनों का दबाव बढ़ने से सड़क खराब हुई है, इसकी विशेष मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए गांवों के अंदर स्पीड ब्रेकर बनाए जा सकते हैं।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस, इन्फोर्समेंट, खनन और आरटीए की टीमों की मुस्तैदी की जा सकती है। इसे लेकर ग्रामीणों के साथ चर्चा करके अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इन पर शुक्रवार को होने होने वाली बैठक में सहमति बन सकती है। हालांकि बैठक वीरवार को होनी थी लेकिन सालवन में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते प्रशासनिक अधिकारी व्यस्त थे। नलवीखुर्द के सरपंच रतन ने बताया कि कुंजपुरा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग और ग्राम पंचायतों ने एकत्रित होकर बुधवार को महापंचायत का आयोजन किया था। गांव बजीदपुर में पांच घंटे तक चली महापंचायत में एसडीएम, डीएसपी और अन्य अधिकारी भी पहुंचे थे। ग्रामीणों ने गांव कुंडा के यमुना घाट पर खनन कार्य में लगे डंपरों के लिए अलग से रास्ता बनाने की मांग की।
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ग्रामीण कहना है कि डंपरों से होने वाले हादसों के कारण उनके घरों के चिराग बुझ रहे हैं। वहीं ग्रामीण सड़कें भी भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। धूल और रेत के गुबार उड़ने से उनकी फसलें भी खराब होने लगी हैं। इस पर उन्होंने प्रशासन को एक दिन का अल्टीमेटम दिया था।
पांच दिन से खनन वाहनों की आवाजाही बंद
पांच दिन पूर्व रविवार को कुंजपुरा करनाल मार्ग पर पेट्रोल पंप के नजदीक डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। वहीं उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने डंपरों के संचालन को लेकर विरोध किया है। तब से खनन का काम बंद है और न ही वाहनों को ग्रामीण गुजरने दे रहे हैं।
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करनाल/कुंजपुरा। खनन कार्य में लगे डंपरों के आने-जाने के लिए कुंजपुरा क्षेत्र के अलग रास्ता बनाना संभव नहीं है। ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन को पूरा कर पाना संभव नहीं लग रहा है। क्योंकि न तो यमुना की पटरी के साथ अलग रास्ता बनाया जा सकता है और न ही किसानों के खेतों से रास्ता निकालना संभव है। ऐसे में प्रशासन डंपरों की जांच, हादसों और तेज रफ्तार पर लगाम के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।
एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि इसके लिए मार्ग पर नाकाबंदी करके खनन कार्य में लगे वाहनों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए चौकी भी स्थापित की जा सकती है। इसे अलावा जिस मार्ग से वाहनों का दबाव बढ़ने से सड़क खराब हुई है, इसकी विशेष मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए गांवों के अंदर स्पीड ब्रेकर बनाए जा सकते हैं।
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स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस, इन्फोर्समेंट, खनन और आरटीए की टीमों की मुस्तैदी की जा सकती है। इसे लेकर ग्रामीणों के साथ चर्चा करके अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इन पर शुक्रवार को होने होने वाली बैठक में सहमति बन सकती है। हालांकि बैठक वीरवार को होनी थी लेकिन सालवन में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते प्रशासनिक अधिकारी व्यस्त थे। नलवीखुर्द के सरपंच रतन ने बताया कि कुंजपुरा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग और ग्राम पंचायतों ने एकत्रित होकर बुधवार को महापंचायत का आयोजन किया था। गांव बजीदपुर में पांच घंटे तक चली महापंचायत में एसडीएम, डीएसपी और अन्य अधिकारी भी पहुंचे थे। ग्रामीणों ने गांव कुंडा के यमुना घाट पर खनन कार्य में लगे डंपरों के लिए अलग से रास्ता बनाने की मांग की।
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ग्रामीण कहना है कि डंपरों से होने वाले हादसों के कारण उनके घरों के चिराग बुझ रहे हैं। वहीं ग्रामीण सड़कें भी भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। धूल और रेत के गुबार उड़ने से उनकी फसलें भी खराब होने लगी हैं। इस पर उन्होंने प्रशासन को एक दिन का अल्टीमेटम दिया था।
पांच दिन से खनन वाहनों की आवाजाही बंद
पांच दिन पूर्व रविवार को कुंजपुरा करनाल मार्ग पर पेट्रोल पंप के नजदीक डंपर की चपेट में आने से बाइक सवार 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। वहीं उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने डंपरों के संचालन को लेकर विरोध किया है। तब से खनन का काम बंद है और न ही वाहनों को ग्रामीण गुजरने दे रहे हैं।